आत्मनिर्भर भारत अभियान ने कर डाला सबसे बड़ा धमाल, Make In India Blast


#RealQuickAnalysis #SubsidyforTFLUrea #IndianImport

 Centre grants exclusive subsidy policy for urea generated by TFL

Cabinet okays subsidy for urea produced via coal-gasification by Talcher Fertiliser

🔥Special Offer🔥 - अब आप हमारे अगले वीडियो को स्पोंसर भी कर सकते है, इसके लिए आप कमेंट section में अपना नाम शेयर कीजिये 100/- रुपए का आर्थिक सहयोग PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884 पर देकर स्पोंसरशिप लीजिये , ताकि एक वीडियो में हम बता सके, की आपने उसे स्पोंसर किया है! हमे सपोर्ट करने की लिए आपका धन्यवाद!

If you wish to sponsor our next video, you may please contribute only Rs 100/- at PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884. Please provide on your name in the comment section below, so that we can clearly mention in the video, that you have sponsored/funded it. Thank you all for supporting us always!! Please click on below link to join us on Facebook

इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/RealquickAnalysis/  Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/

modi latest news today,modi latest news in hindi,modi ji latest news in hindi,real quick analysis,real quick analysis youtube channel,real quick analysis chanel,real quick analysis anchor,real quick info latest,real quick info hindi

References -

https://energy.economictimes.indiatimes.com/news/coal/cabinet-okays-subsidy-for-urea-produced-via-coal-gasification-by-talcher-fertiliser/82170702

http://www.uniindia.com/news/india/cabinet-approves-exclusive-subsidy-policy-for-urea-produced-through-coal-gasification-by-talcher-fertilizers-limited/2375849.html

https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2021/apr/21/centre-grants-exclusive-subsidy-policy-for-urea-generated-by-tfl-2292753.html

http://tflonline.co.in/news.html

http://www.uniindia.com/news/india/cabinet-approves-exclusive-subsidy-policy-for-urea-produced-through-coal-gasification-by-talcher-fertilizers-limited/2375849.html

https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2021/mar/12/embargo-on-chinese-firm-halts-talcher-fertiliser-plant-2275620.html

https://www.business-standard.com/article/companies/talcher-fertilizer-plant-to-start-urea-production-in-september-2023-120012000753_1.html

आज के पाजिटिविटी पार्टनर हैं, वीरेंद्र जावेरी जी (Virendra Javeri ). स्पॉन्सरशिप के लिए आपको धन्यवाद.


संकट के समय ही लीडरशिप की पहचान होती है, जब पूरा देश कोरोना से लड़ाई में व्यस्त है, तब भी मोदी सर्कार भारत निर्माड के काम में साहस के साथ लगी हुई है.


इसी का एक उदहारण देखने को मिला कल, जब भारत सर्कार ने तालचेर Fertilizers लिमिटेड TFL प्लांट से बनने बाले Urea को विशेष सब्सिडी देने का ऐलान कर दिया.


सायद आपको पता हो, साल 2015 में TFL को पुनर्जीवित किया गया था, यह कंपनी भारत के पहले क्लीन कोल् टेक्नोलॉजी बेस्ड फ़र्टिलाइज़र प्लांट का निर्माड़ करवा रही है..


इस डिसिशन का महत्वा समझने के लिए आपको याद करना होगा, की हमने  स्कूल ने पड़ा था, की मीथेन को तोड़कर मिलती है, हाइड्रोजन. और जब इस हाइड्रोजन को मिलाया जाता है, नाइट्रोजन के साथ, तब बनती है अमोनिया, जिससे फाइनली यूरिया जैसा अति महत्वपूर्ण फ़र्टिलाइज़र बनता है.


इस प्रकार क्लियर हो जाता है, की यूरिया के प्रोडक्शन के लिए मीथेन main रॉ मटेरियल के रूप में चाहिए होती है. और मीथेन मिलती है, नेचुरल गैस से. लेकिन अपनी जरूरत की 45 फीसदी नेचुरल गैस का भारत क़तर और अमेरिका जैसे देशो से इम्पोर्ट करता है.


दो दूसरी और भारत में यूरिया का इम्पोर्ट भी ओमान जैसे देशो से बढ़ रहा है. कहने का मतलब यह है, की नेचुरल गैस हो, या यूरिया, दोनों के इम्पोर्ट के लिए हमें विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ेगी.


TFL इसी समस्या को सुलझाने का काम कर रही है. जी हाँ दोस्तों, कोयले के हमारे पास विशाल भंडार हैं, और हमारे कोयले की कीमत में भी नेचुरल गैस की तरह उतार चढ़ाव नहीं आता है, TFL अपनी खदान से कोयला निकालेगी और इस कोयले को gasify करके मीथेन प्राप्त की जाएगी. जिसका बाद में उपयोग यूरिया के उत्पादन में किया जायेगा.


अच्छी बात यह है, की कोल् गैसीफिकेशन की इस प्रोसेस में कोयले को जलाने की तुलना में बहुत कम लगभग ना के बराबर प्रदुषण होता है.


साल 2023 तक  क्लीन कोल् टेक्नोलॉजी पर बेस्ड यह प्लांट हर साल 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन करेगा, इस प्रकार जब यह प्लांट प्रोडक्शन चालू कर देगा, तो उसी साल से हमें 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया इम्पोर्ट नहीं करना पड़ेगा.


और तो और चूँकि इस प्लांट के लिए मीथेन कोयले से मिल रही है, इसलिए नेचुरल गैस भी इम्पोर्ट नहीं करनी पड़ेगी. इस प्रकार क्रिस्टल क्लियर है, की TFL का प्लांट का निर्माड मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ही किया जा रहा है.


जबकि TFL प्लांट के इतने अधिक लाभ हैं, इसलिए मोदी सर्कार ने अपनी पालिसी में बदलाव करते हुए कोयले से यूरिया प्रोडक्शन को सब्सिडी देने का निर्णय लिया है. अब चूँकि यह  हम सभी टैक्स पेयर का पैसा है, इसलिए हमें देखकर अच्छा लगता है, की हमारे पैसे का सही इस्तेमाल हो रहा है. और इसका लाभ डायरेक्टली अथवा indirectly आम भारतीय किसानो और ग्राहकों को मिलेगा 


क्योकि इस प्लांट से ना केवल हमारा यूरिया और नेचुरल गैस का इम्पोर्ट कम होगा, बल्कि हम तेजी से बढ़ती अपनी यूरिया की जरूरत भी पूरा कर पाएंगे, सरल सब्दो में यह प्लांट आम के आम और गुठलिओं के भी दाम के सिद्धांत पर काम कर रहा है.


लेकिन यहाँ पर गौर करने वाली बात यह है, की इस प्लांट के कंस्ट्रक्शन का काम साल 2019 में दिया गया था, वुहान Engineering of चाइना. और फिर साल 2020 में पहले कोरोना वायरस और बाद में लद्दाक विवाद के कारण अब भारत और चीन के सम्बन्धो में खटास आ गयी है.


हम आम तौर पर चाइनीस कंपनियों के खिलाफ है, लेकिन यह केस हमारे लिए strategically सुपर इम्पोर्टेन्ट है, और इस प्लांट का समय पर 2023 में बनकर तैयार होना बेहद जरूरी है, इसिलए करेले का कड़वा घूँट पीते हुए हमने चाइनीस कंपनी के इस प्रोजेक्ट पर काम करने से ऐतराज़ नहीं करना चाहिए.


अभी यदि हमने देश भक्ति के आवेश में आकर चाइनीस कंपनी को इस प्रोजेक्ट से निकालने की बात की, तो साल 2023 में प्रोजेक्ट पूरा होने की बात तो छोड़ दीजिये, उल्टा यह लम्बे समय के लिए लटक जायेगा. 


वैसे भी हमें चीन से दुश्मनी अक्लमंदी के साथ निभानी है, ताकि इस संघर्ष में हमें कम से कम नुकसान हो, लेकिन यहाँ तो हमें चीन से उल्टा लॉन्ग टर्म का लाभ हो रहा है. इसलिए लकीर का फ़कीर ना बनते हुए जबतक चाइनीस कंपनी TFL के प्लांट पर समय सीमा के अंदर काम पूरा कर रही है, तब तक हमें उसे रोकने टोकने की जरूरत नहीं है, और अच्छी बात यह है, की स्मार्ट मोदी सर्कार भी ठीक ऐसा ही कर रही है.


अंत में इस वीडियो के Sponsor वीरेंद्र जावेरी जी  को धन्यवाद देते हुए हम यह वीडियो समाप्त करते हैं.

टिप्पणियाँ