किस तरह से इजरायल ने हर संकट में भारत को गुप्त रूप से मदद की?




इस वीडियो में, मैं प्रस्तुत करता हूं कि हर संकट में इज़राइल भारत की मदद कर रहा है इसलिए यह दोस्ती भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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आज हम बात करेंगे कि कैसे इज़रायल भारत का एक विश्वसनीय दोस्त बन गया

-1948 में जब इसराइल को एक देश के रूप में घोषित किया गया तब भारत ने इजरायल के यूनाइटेड नेशंस में दाखिले का विरोध किया था
- भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु अरब देशों को नाराज नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने इसराइल को एक देश के रूप में मानने से भी इनकार कर दिया
उस समय हिंदू महासभा के लीडर सावरकर ने नैतिक और राजनैतिक आधार पर इजराइल देश के निर्माण का समर्थन किया और भारत के इजरायल के प्रति विरोध  को गलत ठहराया

-  RSS के चीफ माधव सदाशिव गोलवलकर हमेशा से Jweish  लोगों की राष्ट्रीयता का सम्मान करते थे यह मानते थे कि Palistine Jweish  लोगों का नेचुरल देश है
- आखिरकार 1950 में भारत ने इजरायल को एक देश माना लेकिन डिप्लोमेटिक संबंध स्थापित नहीं किए
- 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत को हथियारों की जरूरत थी उस समय पाकिस्तान को Middle east और अमेरिका se हर तरह का सपोर्ट मिल रहा था
- संकट के उन क्षणों में इजराइल ने भारत का समर्थन किया और जरूरी हथियारों की सप्लाई की
- सोवियत यूनियन के टूट जाने के बाद 1992 में भारत ने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए
-   कारगिल युद्ध के दौरान भारत पहाड़ों पर युद्ध के लिए तैयार नहीं था लेकिन इजरायल ने रणनीति बनाने में भारत का की सहायता  करी
-  और घनिष्ठ मित्र अमेरिका के दबाव के बावजूद इजराइल ने भारत को हथियार सप्लाई किए
 यह वह समय था जब भारत को इजराइल की मित्रता पर भरोसा हो गया
-  आजादी के बाद कई सालों तक भारतीय सरकारों ने इसराइल से अपने संबंधों को जग जाहिर नहीं किया इसके कई कारण थे
-   इजराइल से संबंध सामान्य खो जाने पर मुसलमान वह वोटर  वोट्स के ना मिलने का डर था
-  भारतीय बहुत सारे बहुत सारे इंडियंस अरब कंट्रीज में रहते थे इसलिए यह डर था कि इसराइल से संबंध सामान हो जाने पर वहां की आवाम भारतीयों के खिलाफ हो सकती थी
-  हमेशा से भारत को कच्चे तेल की सप्लाई अरब कंट्री से होती आई है इसलिए भारत अपनी ऊर्जा की जरूरतों के लिए उन पर निर्भर था

 लेकिन मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही सब कुछ परिवर्तन हो गया
-  मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दोस्ती कर ली
-  आज रसिया के बाद इजराइल भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियारों का सप्लायर है
-  हाल ही में इजराइल और भारत के बीच में 2 बिलियन यूएस डॉलर का रक्षा सौदा हुआ है जो अभी तक दुनिया में सबसे बड़ा रक्षा सौदा है
- अपनी मेक इन इंडिया पॉलिसी के अनुसार मोदी चाहते हैं कि इजरायल की कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग की फैक्ट्री लगाएं
- हथियारों के अलावा इजराइल भारत को वाटर कंजर्वेशन और खेती के बारे में भी टेक्नोलॉजी  देतारहा है
-  कट्टर इस्लाम भारत और इजरायल का दुश्मन है और दोनों ही आतंकवाद से परेशान है हिंदी में एक कहावत है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है इसलिए इजराइल और भारत एक दूसरे के प्राकृतिक मित्र हैं


 हम आशा करते हैं कि भारत और इजरायल की मित्रता और बड़े और इसका लाभ एक दूसरे की जनता को भी मिले

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