भारत और मेडागास्कर ने रक्षा क्षेत्र में नया समझौता किया!!!
इस वीडियो में हम भारत और मेडागास्कर के बीच रक्षा क्षेत्र में किए गए नए समझौतों की चर्चा करेंगे.
India signs New Defense agreement with Madagascar!!
In this video, we will discuss the recent agreement signed in between India and Madagascar.
Reference -
http://www.business-standard.com/article/pti-stories/kovind-arrives-in-madagascar-118031500038_1.html
http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-tamilnadu/Madagascar-for-direct-trade-with-India/article16017020.ece
http://www.ddinews.gov.in/national/india-madagascar-sign-umbrella-agreement-defence-sector
https://www.aninews.in/news/world/asia/india-offers-madagascar-usd-80-million-loc-for-agriculture-mechanization201803142355410002/
https://en.wikipedia.org/wiki/India%E2%80%93Madagascar_relations
Transcript -
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कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, और बैल आइकन पर क्लिक कीजिए, ताकि जैसे ही हम नया वीडियो अपलोड करें, आपको सूचना मिल जाए. अब आज के विषय के बारे में बात करते हैं.
जब भी कभी हम हिंद महासागर के बारे में बात करते हैं, तो हम Madagascar के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं करते हैं.
आप इस मित्र देश के महत्व को इस बात से समझ सकते हैं, भारतीय नौसेना पहले से ही यहां पर Coastal Surveillance Radar station का संचालन कर रही है.
इन दोनों देशों के संबंध को समझने के लिए आपको यह जानना जरूरी होगा, आज से 85 Million सालों पहले भारत और Madagascar एक ही महाद्वीप के हिस्सा हुआ करते थे.
रोचक बात यह है, Madagascar को फ्रांस से आजादी वर्ष 1960 में मिली, और तभी से यहां पर भारत का दूतावास काम कर रहा है.
लेकिन पिछले 57 वर्षों में भारत के किसी भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को, पूर्वी अफ्रीका के किनारे पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस देश की यात्रा करने के लिए समय नहीं मिला.
अगर हिंद महासागर में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है, तो इसके लिए हमें अपने आप को जिम्मेदार ठहराना होगा.
कोई बात नहीं, कभी ना होने की तुलना में, देर से होना अच्छा है. अभी भारत के राष्ट्रपति Madagascar की पहली यात्रा पर गए हुए हैं.
महत्वपूर्ण बात यह है, कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में एक व्यापक सहमति प्राप्त कर ली है. जिसके अनुसार भविष्य में, एक दूसरे का सहयोग करने के लिए विशेष रक्षा क्षेत्रों का चुनाव किया जाएगा.
जैसा कि आप समझते हैं, यह केवल शुरुआत मात्र है. इस सहमति के आधार पर हमें मिल बैठकर काम करना होगा, ताकि मजबूत रक्षा संबंधों का भविष्य में विकास किया जा सके.
दोनों देशों के लोगों के बीच में संबंधों को मजबूत बनाने के लिए, हवाई यातायात को सुधारने पर खासा ध्यान दिया गया, और दोनों देश इस संदर्भ में महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचे.
इसके अलावा भारत ने कृषि के मशीनीकरण के क्षेत्र में काम करने के लिए Madagascar को 80 मिलियन डॉलर धन लाइन ऑफ क्रेडिट लोन के रूप में देने का प्रस्ताव भी दिया है.
भविष्य में मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की स्थापना के लिए, भारत के राष्ट्रपति की यात्रा ने रास्ता खोल दिया है.
इससे भी अधिक रोचक बात यह है, प्राकृतिक संसाधनों के मामले में, Madagascar दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है.
Madagascar के कई सारे उत्पाद पहले यूरोप के देशों में निर्यात किए जाते हैं, और वहां से यह उत्पाद भारत में लाए जाते हैं. इसलिए स्वाभाविक रूप से, यह अपेक्षा है, कि दोनों देशों के बीच सीधे व्यापार की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए.
आप जानते हैं, दो देशों के लोगों के बीच बिना मजबूत आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के, उनके बीच का रक्षा क्षेत्र का संबंध ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता है.
इसलिए भविष्य में इस बात की सख्त आवश्यकता है, कि हम Madagascar के साथ इस प्रकार का संबंध बनाएं, जिससे हम इस अविकसित देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दे सकें. वैसे भी जल्द ही यह देश चीन के आकर्षण का केंद्र बनने वाला है.
लेकिन अब जैसा प्रतीत हो रहा है, मोदी सरकार को दूसरा कार्यकाल मिलने के ऊपर गंभीर प्रश्न वाचक चिन्ह लग चुका है.
अगर यह सरकार दोबारा सत्ता में नहीं लौटती है, दोस्तों आप निश्चित मानिए, Madagascar जैसे छोटे किंतु महत्वपूर्ण मित्र देश को, आगे आने वाले दशकों के लिए, हम फिर भूल जाएंगे. और हिंद महासागर में चीन के बढ़ते हुए शक्तिशाली प्रभाव का दोषारोपण हम चीन पर ही करते रहेंगे.
आपके विचार से, क्या भारत को हिंद महासागर के इन छोटे अविकसित देशों के साथ संबंध स्थापित नहीं करना चाहिए?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
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जब भी कभी हम हिंद महासागर के बारे में बात करते हैं, तो हम Madagascar के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं करते हैं.
आप इस मित्र देश के महत्व को इस बात से समझ सकते हैं, भारतीय नौसेना पहले से ही यहां पर Coastal Surveillance Radar station का संचालन कर रही है.
इन दोनों देशों के संबंध को समझने के लिए आपको यह जानना जरूरी होगा, आज से 85 Million सालों पहले भारत और Madagascar एक ही महाद्वीप के हिस्सा हुआ करते थे.
रोचक बात यह है, Madagascar को फ्रांस से आजादी वर्ष 1960 में मिली, और तभी से यहां पर भारत का दूतावास काम कर रहा है.
लेकिन पिछले 57 वर्षों में भारत के किसी भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को, पूर्वी अफ्रीका के किनारे पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस देश की यात्रा करने के लिए समय नहीं मिला.
अगर हिंद महासागर में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है, तो इसके लिए हमें अपने आप को जिम्मेदार ठहराना होगा.
कोई बात नहीं, कभी ना होने की तुलना में, देर से होना अच्छा है. अभी भारत के राष्ट्रपति Madagascar की पहली यात्रा पर गए हुए हैं.
महत्वपूर्ण बात यह है, कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में एक व्यापक सहमति प्राप्त कर ली है. जिसके अनुसार भविष्य में, एक दूसरे का सहयोग करने के लिए विशेष रक्षा क्षेत्रों का चुनाव किया जाएगा.
जैसा कि आप समझते हैं, यह केवल शुरुआत मात्र है. इस सहमति के आधार पर हमें मिल बैठकर काम करना होगा, ताकि मजबूत रक्षा संबंधों का भविष्य में विकास किया जा सके.
दोनों देशों के लोगों के बीच में संबंधों को मजबूत बनाने के लिए, हवाई यातायात को सुधारने पर खासा ध्यान दिया गया, और दोनों देश इस संदर्भ में महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचे.
इसके अलावा भारत ने कृषि के मशीनीकरण के क्षेत्र में काम करने के लिए Madagascar को 80 मिलियन डॉलर धन लाइन ऑफ क्रेडिट लोन के रूप में देने का प्रस्ताव भी दिया है.
भविष्य में मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की स्थापना के लिए, भारत के राष्ट्रपति की यात्रा ने रास्ता खोल दिया है.
इससे भी अधिक रोचक बात यह है, प्राकृतिक संसाधनों के मामले में, Madagascar दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है.
Madagascar के कई सारे उत्पाद पहले यूरोप के देशों में निर्यात किए जाते हैं, और वहां से यह उत्पाद भारत में लाए जाते हैं. इसलिए स्वाभाविक रूप से, यह अपेक्षा है, कि दोनों देशों के बीच सीधे व्यापार की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए.
आप जानते हैं, दो देशों के लोगों के बीच बिना मजबूत आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के, उनके बीच का रक्षा क्षेत्र का संबंध ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता है.
इसलिए भविष्य में इस बात की सख्त आवश्यकता है, कि हम Madagascar के साथ इस प्रकार का संबंध बनाएं, जिससे हम इस अविकसित देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दे सकें. वैसे भी जल्द ही यह देश चीन के आकर्षण का केंद्र बनने वाला है.
लेकिन अब जैसा प्रतीत हो रहा है, मोदी सरकार को दूसरा कार्यकाल मिलने के ऊपर गंभीर प्रश्न वाचक चिन्ह लग चुका है.
अगर यह सरकार दोबारा सत्ता में नहीं लौटती है, दोस्तों आप निश्चित मानिए, Madagascar जैसे छोटे किंतु महत्वपूर्ण मित्र देश को, आगे आने वाले दशकों के लिए, हम फिर भूल जाएंगे. और हिंद महासागर में चीन के बढ़ते हुए शक्तिशाली प्रभाव का दोषारोपण हम चीन पर ही करते रहेंगे.
आपके विचार से, क्या भारत को हिंद महासागर के इन छोटे अविकसित देशों के साथ संबंध स्थापित नहीं करना चाहिए?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
Transcript -
Hello Friends, welcome to Real Quick Info channel.
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Lets discuss about today's topic.
When we talk about Indian Ocean, unfortunately We don't discuss much about Madagascar.
You can realize the importance of this friendly nation by the simple fact, that Indian Navy operates Coastal Surveillance Radar station in Madagascar.
To understand, the relationship in between India and Madagascar, You know, 85 Million years ago, India and Madagascar were part of single continent.
Interestingly, French controlled Madagascar became independent in the year 1960, and India has embassy there since then.
But In the last 57 years, no Indian president and No Prime Minister got time to visit this strategically important country off the coast of East Africa.
If China is gaining influence in Indian ocean, we should blame first ourselves.
Anyways, better late than never, right now, Indian president is on the visit of Madagascar.
Rather importantly, both countries have signed an umbrella agreement in the field of defense. Now on wards, both countries will explore various areas to cooperate in defense.
As you understand, this is just a beginning. We need to work on top of this agreement to establish robust defense engagement in future.
For better people to people contact, we must have improved air connectivity in between two countries, and relevant agreement has just been signed.
In addition, India has offered 80 Million Dollars line of credit loan to Madagascar for agriculture and mechanization.
This trip of Indian president has certainly paved the way for strong bilateral relationship.
Rather interestingly, In terms of natural resources, Madagascar is one of the richest countries in the world.
Several Madagascar products are first exported to Europe, thereafter European countries export these products to India.
Hence, there is obvious desire to have direct trade and business in between these two countries.
You know, No defense relationship can survive the test of time without having strong people to people trade relationship.
Therefore, in future, we need to engage with Madagascar in such a manner that India can contribute significantly in the development of this less developed country, which will soon become new Chinese target.
However, now it appears, there is serious question mark on the second term for Modi government.
If this government doesn't return to power.
Friends, Please rest assured, we will once again forget this country for next few decades, and continue to blame China for gaining stronghold on Indian ocean.
As per your views, Should India not engage with these far off less developed countries?
Please let us know your views in comment section below.
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