भारत को इंडोनेशिया के सामरिक सबंग बंदरगाह तक सैन्य पहुंच मिली!!
इस वीडियो में हम भारत के इंडोनेशिया के प्रमुख सबंग बंदरगाह तक पहुंच मिलने की संभावना के ऊपर चर्चा करेंगे.
India gets Naval access to Indonesian Strategic Sabang Port!!.
In this video, we will discuss about the possibility of India getting access to strategic Sabang port.
Reference –
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Transcript -
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है. अब आज के विषय के बारे में बात करते हैं.
हम में से कुछ ही लोगों को यह पता होगा, अंग्रेजो के द्वारा तोड़े जाने के पहले, भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले 1000 वर्षों से मित्रता पूर्ण संबंध रहे हैं.
यहां इस तथ्य पर ध्यान देना होगा, अंग्रेजों के जासूस से बचते हुए, मई 1943 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस गुप्त पनडुब्बी से इंडोनेशिया के पश्चिमी सबंग द्वीप पर उतरे थे.
इस द्वीप के सामरिक महत्व को आप सिर्फ इस बात से समझ सकते हैं, कि यह द्वीप Malacca Strait की शुरुआत पर ही स्थित है. Malacca Strait से होकर भारत का 40% व्यापार होता है.
Malacca Strait दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री सकरा रास्ता भी माना गया है.
यह बात हम सब को समझ में आती है, कि इस समुद्री रास्ते पर यातायात की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन विश्व की व्यापारिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है.
आप जानते हैं, कि चीन का बेल्ट एवं रोड इनिशिएटिव इस समुद्री रास्ते पर निर्भरता को कम करने और साथ ही इस पर अपना अधिकार बढ़ाने के लिए बनाया गया है.
इस पृष्ठभूमि में, इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री मोदी जी भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के अंतर्गत, इंडोनेशिया की द्विपक्षीय यात्रा पर जाने वाले हैं.
यात्रा के पहले अच्छे वातावरण का निर्माण करते हुए, इंडोनेशिया के समुद्री मामलों के मंत्री के अनुसार, सबंग शहर में स्थित अपने महत्वपूर्ण द्वीप तक इंडोनेशिया भारत को आर्थिक और सैन्य पहुंच दे सकता है.
भारतीय नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां अब इस द्वीप तक जा पाएंगी.
मूल रूप से इंडोनेशिया इस अविकसित शहर में प्राथमिक सुविधाओं का विकास करना चाहता है. और इसके लिए वह भारत से निवेश चाहता है.
सामरिक द्वीप तक पहुंच प्राप्त करने से ज्यादा रोचक बात हम यह मानते हैं, कि भारत सबंग शहर में एक हॉस्पिटल का निर्माण करेगा. हमें भविष्य में इसी तरीके से सामरिक योजनाओं को बनाना और उन पर अमल करना चाहिए.
जैसा की हमने अभी सेशेल्स में देखा है, यदि स्थानीय लोगों के मन में आप के प्रति अच्छी भावनाएं नहीं है, तो कोई भी सामरिक योजना असफल हो सकती है.
इससे पहले कि भारतीय नौसेना उस द्वीप तक पहुंचे, स्थानीय लोगों को दोनों देशों की मित्रता का लाभ मिलना चाहिए.
कहने की जरूरत नहीं है, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने वाले आर्थिक और सामाजिक संबंधों के आधार पर ही दोनों देशों के बीच लंबे समय के लिए मजबूत सामरिक सैन्य सहयोग हो पाएगा.
इस महत्वपूर्ण द्वीप तक पहुंच प्राप्त होने के बाद, भारत पाइरेसी के खिलाफ ना केवल अपने व्यापारिक हितों की रक्षा कर पाएगा, बल्कि भारत के इस क्षेत्र पर ध्यान देने से यहां के छोटे-छोटे देश चीन के आक्रामक व्यवहार का सामना करने के लिए तैयार हो जाएंगे.
वास्तव में भारत को भविष्य में इसी तरीके से काम करना चाहिए. एक ओर हम चीन के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं, दूसरी ओर यदि चीन ने कभी अचानक से अपना व्यवहार बदला, तो हम उसे समय पर माकूल जवाब दे पाएंगे.
हम आशा करते हैं, भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान, सबंग शहर के महत्वपूर्ण द्वीप तक आर्थिक और सैन्य पहुंच प्राप्त होने के ऊपर औपचारिक रूप से घोषणा हो जाएगी.
भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों में यह एक मील का पत्थर होगा. हमारे संबंधों में पिछले 70 वर्षों से काम कम और बात ज्यादा होती रही है.
आपके विचार से, सबंग शहर के द्वीप तक सामरिक पहुंच प्राप्त होने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की शक्ति में क्या इजाफा नहीं होगा?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
हम में से कुछ ही लोगों को यह पता होगा, अंग्रेजो के द्वारा तोड़े जाने के पहले, भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले 1000 वर्षों से मित्रता पूर्ण संबंध रहे हैं.
यहां इस तथ्य पर ध्यान देना होगा, अंग्रेजों के जासूस से बचते हुए, मई 1943 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस गुप्त पनडुब्बी से इंडोनेशिया के पश्चिमी सबंग द्वीप पर उतरे थे.
इस द्वीप के सामरिक महत्व को आप सिर्फ इस बात से समझ सकते हैं, कि यह द्वीप Malacca Strait की शुरुआत पर ही स्थित है. Malacca Strait से होकर भारत का 40% व्यापार होता है.
Malacca Strait दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री सकरा रास्ता भी माना गया है.
यह बात हम सब को समझ में आती है, कि इस समुद्री रास्ते पर यातायात की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन विश्व की व्यापारिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है.
आप जानते हैं, कि चीन का बेल्ट एवं रोड इनिशिएटिव इस समुद्री रास्ते पर निर्भरता को कम करने और साथ ही इस पर अपना अधिकार बढ़ाने के लिए बनाया गया है.
इस पृष्ठभूमि में, इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री मोदी जी भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के अंतर्गत, इंडोनेशिया की द्विपक्षीय यात्रा पर जाने वाले हैं.
यात्रा के पहले अच्छे वातावरण का निर्माण करते हुए, इंडोनेशिया के समुद्री मामलों के मंत्री के अनुसार, सबंग शहर में स्थित अपने महत्वपूर्ण द्वीप तक इंडोनेशिया भारत को आर्थिक और सैन्य पहुंच दे सकता है.
भारतीय नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां अब इस द्वीप तक जा पाएंगी.
मूल रूप से इंडोनेशिया इस अविकसित शहर में प्राथमिक सुविधाओं का विकास करना चाहता है. और इसके लिए वह भारत से निवेश चाहता है.
सामरिक द्वीप तक पहुंच प्राप्त करने से ज्यादा रोचक बात हम यह मानते हैं, कि भारत सबंग शहर में एक हॉस्पिटल का निर्माण करेगा. हमें भविष्य में इसी तरीके से सामरिक योजनाओं को बनाना और उन पर अमल करना चाहिए.
जैसा की हमने अभी सेशेल्स में देखा है, यदि स्थानीय लोगों के मन में आप के प्रति अच्छी भावनाएं नहीं है, तो कोई भी सामरिक योजना असफल हो सकती है.
इससे पहले कि भारतीय नौसेना उस द्वीप तक पहुंचे, स्थानीय लोगों को दोनों देशों की मित्रता का लाभ मिलना चाहिए.
कहने की जरूरत नहीं है, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने वाले आर्थिक और सामाजिक संबंधों के आधार पर ही दोनों देशों के बीच लंबे समय के लिए मजबूत सामरिक सैन्य सहयोग हो पाएगा.
इस महत्वपूर्ण द्वीप तक पहुंच प्राप्त होने के बाद, भारत पाइरेसी के खिलाफ ना केवल अपने व्यापारिक हितों की रक्षा कर पाएगा, बल्कि भारत के इस क्षेत्र पर ध्यान देने से यहां के छोटे-छोटे देश चीन के आक्रामक व्यवहार का सामना करने के लिए तैयार हो जाएंगे.
वास्तव में भारत को भविष्य में इसी तरीके से काम करना चाहिए. एक ओर हम चीन के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं, दूसरी ओर यदि चीन ने कभी अचानक से अपना व्यवहार बदला, तो हम उसे समय पर माकूल जवाब दे पाएंगे.
हम आशा करते हैं, भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान, सबंग शहर के महत्वपूर्ण द्वीप तक आर्थिक और सैन्य पहुंच प्राप्त होने के ऊपर औपचारिक रूप से घोषणा हो जाएगी.
भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों में यह एक मील का पत्थर होगा. हमारे संबंधों में पिछले 70 वर्षों से काम कम और बात ज्यादा होती रही है.
आपके विचार से, सबंग शहर के द्वीप तक सामरिक पहुंच प्राप्त होने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की शक्ति में क्या इजाफा नहीं होगा?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
Transcript -
Lets discuss about today's topic.
Few of us are aware of the fact that cordial relationship in between India and Indonesia had existed for more than 1000 years before they had been disrupted by British.
It’s interesting to note, In order to avoid detection by British Spies, From a submarine, Indian freedom fighter Netaji Subhash Chandra Bose landed on the westernmost Sabang island of Indonesia in May 1923.
you can realize The strategic significance of this island from the simple fact, that its located just at the entrance of Malacca Strait, through which almost 40% of Indian trade passes.
its widely considered as one of the most important shipping lanes in the world.
Understandably, Freedom of navigation and rule of international law are very essential in this shipping route, which is critical for global trade and energy security.
You know, whole Chinese Belt and road initiative is directed toward reducing over dependence on this route, and increasing control over it.
in this background, by the end of this month, Indian prime minister Modi is scheduled to visit Indonesia on very important bilateral visit as per our Act East policy.
Before this visit, setting upbeat environment , as per Indonesian Maritime affairs minister, Indonesia is about to grant economic and military access to strategic islands of Sabang city.
All Indian naval vessels including submarines will be granted access to this island.
Basically, Indonesia is trying to build facilities on this underdeveloped city and wants Indian investments in this regard.
More than getting military access to this island, what we find interesting is, India will be building a hospital in Sabang city.
That’s how strategic initiative should be planned and implemented.
As we have recently seen in Seychelles, without goodwill among local people, any strategic initiative can fail.
Before Indian naval troops visit the island, people there should first get the benefits of Bilateral friendship.
Needless to say, Mutually beneficial economic and social relationship set the strong foundation for sound strategic military relationship.
Having access to this island will not only allow India to protect our business interests against the problem of piracy, but also Indian involvement will enhance confidence to small nations in the region to stand against Chinese aggressive nature.
In fact, that’s how India should behave. While we are trying to build friendly relationship with China ,we continue to make our strategic moves to ensure, that we are ready to respond to sudden Chinese change of behavior.
We hope, during Indian Prime minister's upcoming Indonesian visit, formal announcement will be made regarding India getting economic and military access to the Island in Sabang City.
This will certainly be a milestone in the bilateral friendship, which was high on rhetoric and low on substance in last 70 years of our independence.
As per your views, Getting access to strategic port of sabang city will make us stronger in the Indian Ocean region?
Please let us know your views in comment section below.
Please find the reference links of this video in the description box below. Thank you friends for watching this video.
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