Why America postponed 2+2 dialogue with India?
इस वीडियो में हम चर्चा करेंगे, भारत को इसके बारे में क्यों दुखी नहीं होना चाहिए.
अमेरिका ने भारत के साथ 2+2 डायलॉग क्यों टाल दिया?
In this video, we will talk about why India need not worry about this.
Why India should be Happy about it??
Reference -
https://www.ndtv.com/india-news/sushma-swaraj-mike-pompeo-agree-to-reschedule-high-level-india-us-2-2-dialogue-soon-1874400?pfrom=home-topscroll
https://timesofindia.indiatimes.com/india/us-abruptly-scraps-talks-with-india-amid-growing-differences/articleshow/64770094.cms
Transcript -
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है. अब आज के विषय के बारे में बात करते हैं.
जैसा कि आपने अखबारों में पढ़ा होगा, भारत और अमेरिका के बीच होने वाले 2+2 Dialogue को हाल फिलहाल टाल दिया गया है. इस संवाद का आयोजन 6 जुलाई को किया जाना था.
कई लोगों का कहना है, यह भारत के लिए गहरा धक्का है. और भारत अमेरिका के आपसी संबंध ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण नहीं रह गए हैं.
रक्षात्मक होते हुए, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, 2+2 dialogue के टाले जाने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं.
पहला कारण है, भारत ने व्यापारिक युद्ध में अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्यवाही की है.
दूसरा कारण है, भारत ने हमेशा की तरह ईरान से कच्चे तेल की खरीद को जारी रखने का निर्णय लिया है.
तीसरा कारण है, भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है.
चौथा कारण है, अमेरिका को शायद ऐसा लगता है, कि भारत अब चीन के और करीब जा रहा है.
पांचवा कारण है, अमेरिका के साथ बचे हुए दो आधारभूत समझौतों में शामिल होने के लिए भारत अभी भी मजबूती के साथ मोल भाव कर रहा है.
जैसा कि आप समझ सकते हैं, इनमें से कोई भी कारण इतना गंभीर नहीं है. की 2+2 dialogue को उसके लिए टाल दिया जाए. वैसे भी भारत और अमेरिका ने मिलकर 6 जुलाई को 2+2 dialogue का आयोजन करने का निर्णय लिया, तब यह सभी कारण मौजूद थे.
इसलिए हमें इस बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, कि अमेरिका ने इस डायलॉग को क्यों टाल दीया.
देखा जाए तो, यह और भी अच्छा है, की यह महत्वपूर्ण बातचीत बाद में हो, जब इस बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए जरूरी बातचीत और मोल भाव पूरा हो जाए.
जहां तक हमें समझ में आता है, 6 जुलाई को बातचीत करने के लिए बातचीत करने के अलावा. और कोई विशेष उद्देश्य को प्राप्त करना नहीं था.
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है, जैसा की हमने हाल ही में देखा है, किस प्रकार राष्ट्रपति ट्रंप सिर्फ ट्वीट करके सार्वजनिक तौर पर बातचीत को रद्द कर देते हैं. आपको याद होगा, ट्रंप और किम की मुलाकात के ठीक पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक से twitter पर मुलाकात की संभावना को निरस्त कर दिया था.
इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, अमेरिकी विदेश सचिव ने भारतीय विदेश मंत्री को औपचारिक रूप से फोन करके इस बारे में अवगत कराया है, और निर्णय लिया है कि भविष्य में दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार निश्चित तारीख पर मुलाकात होगी.
जैसा कि कुछ विशेषज्ञों ने सुझाया है, भारत और अमेरिका के बीच 2+2 dialogue के टाले जाने का प्रमुख कारण यह है, कि अगले 2 सप्ताह में पुतिन और ट्रंप के बीच पहली द्विपक्षीय स्तर की शिखर वार्ता होने वाली है.
शायद आपको पता हो, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन कि रूस के नेतृत्व से बातचीत होनी थी. लेकिन साथ ही उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात का अचानक से मौका मिल गया.
ऐसा लगता है, आत्मविश्वास से परिपूर्ण राष्ट्रपति पुतिन जल्दी से जल्दी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं. स्वाभाविक रूप से इन दो नेताओं की शिखर वार्ता के पहले आधिकारिक स्तर पर जरूरी बातचीत की जानी आवश्यक है. इसलिए अमेरिका के रक्षा और विदेश सचिव इस दौरान काफी व्यस्त रहने वाले हैं, ताकि शिखर वार्ता को सफल बनाया जा सके.
वास्तव में, तो हमें अच्छा लगना चाहिए, ताकि दुनिया के इन दो सबसे शक्तिशाली नेताओं के बीच विश्वास की खाई को पाटा जा सके. हालांकि इस बात की संभावना बहुत कम लगती है.
इस घटनाक्रम से हमें उदास होने की जरूरत नहीं है, हमें यह भी नहीं सोचना चाहिए, कि आखिर यह क्यों हुआ? और हम क्या कर सकते हैं, ताकि भविष्य में 2+2 डायलॉग का आयोजन किया जा सके.
सीधे तौर पर, 2+2 डायलॉग के होने, ना होने का हम पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है.
अंत में हम यही कहना चाहेंगे, हमें राष्ट्रपति ट्रंप को कम करके नहीं आंकना चाहिए. वह राष्ट्रपति की भूमिका किस प्रकार निभा रहे हैं, इसमें कमी निकालने का कोई मतलब नहीं होता है. आपको चाहे पसंद हो या ना हो, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति हैं. और वह यथास्थिति का परिवर्तन करके अमेरिका को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. वह अपने प्रयासों में सफल होंगे या नहीं, यह एक अलग बात है.
लेकिन एक देश के रूप में उनके किसी भी निर्णय के खिलाफ कार्यवाही करते समय हमें ध्यान से सोचना चाहिए, जैसा दुनिया के अन्य सभी देश कर रहे हैं, हमें वैसा ही नकल नहीं करना चाहिए.
आपके विचार से, क्या अमेरिका के साथ 2+2 dialogue के लिए हमें अपनी राह बदलनी चाहिए.
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
जैसा कि आपने अखबारों में पढ़ा होगा, भारत और अमेरिका के बीच होने वाले 2+2 Dialogue को हाल फिलहाल टाल दिया गया है. इस संवाद का आयोजन 6 जुलाई को किया जाना था.
कई लोगों का कहना है, यह भारत के लिए गहरा धक्का है. और भारत अमेरिका के आपसी संबंध ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण नहीं रह गए हैं.
रक्षात्मक होते हुए, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, 2+2 dialogue के टाले जाने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं.
पहला कारण है, भारत ने व्यापारिक युद्ध में अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्यवाही की है.
दूसरा कारण है, भारत ने हमेशा की तरह ईरान से कच्चे तेल की खरीद को जारी रखने का निर्णय लिया है.
तीसरा कारण है, भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है.
चौथा कारण है, अमेरिका को शायद ऐसा लगता है, कि भारत अब चीन के और करीब जा रहा है.
पांचवा कारण है, अमेरिका के साथ बचे हुए दो आधारभूत समझौतों में शामिल होने के लिए भारत अभी भी मजबूती के साथ मोल भाव कर रहा है.
जैसा कि आप समझ सकते हैं, इनमें से कोई भी कारण इतना गंभीर नहीं है. की 2+2 dialogue को उसके लिए टाल दिया जाए. वैसे भी भारत और अमेरिका ने मिलकर 6 जुलाई को 2+2 dialogue का आयोजन करने का निर्णय लिया, तब यह सभी कारण मौजूद थे.
इसलिए हमें इस बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, कि अमेरिका ने इस डायलॉग को क्यों टाल दीया.
देखा जाए तो, यह और भी अच्छा है, की यह महत्वपूर्ण बातचीत बाद में हो, जब इस बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए जरूरी बातचीत और मोल भाव पूरा हो जाए.
जहां तक हमें समझ में आता है, 6 जुलाई को बातचीत करने के लिए बातचीत करने के अलावा. और कोई विशेष उद्देश्य को प्राप्त करना नहीं था.
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है, जैसा की हमने हाल ही में देखा है, किस प्रकार राष्ट्रपति ट्रंप सिर्फ ट्वीट करके सार्वजनिक तौर पर बातचीत को रद्द कर देते हैं. आपको याद होगा, ट्रंप और किम की मुलाकात के ठीक पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक से twitter पर मुलाकात की संभावना को निरस्त कर दिया था.
इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, अमेरिकी विदेश सचिव ने भारतीय विदेश मंत्री को औपचारिक रूप से फोन करके इस बारे में अवगत कराया है, और निर्णय लिया है कि भविष्य में दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार निश्चित तारीख पर मुलाकात होगी.
जैसा कि कुछ विशेषज्ञों ने सुझाया है, भारत और अमेरिका के बीच 2+2 dialogue के टाले जाने का प्रमुख कारण यह है, कि अगले 2 सप्ताह में पुतिन और ट्रंप के बीच पहली द्विपक्षीय स्तर की शिखर वार्ता होने वाली है.
शायद आपको पता हो, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन कि रूस के नेतृत्व से बातचीत होनी थी. लेकिन साथ ही उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात का अचानक से मौका मिल गया.
ऐसा लगता है, आत्मविश्वास से परिपूर्ण राष्ट्रपति पुतिन जल्दी से जल्दी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं. स्वाभाविक रूप से इन दो नेताओं की शिखर वार्ता के पहले आधिकारिक स्तर पर जरूरी बातचीत की जानी आवश्यक है. इसलिए अमेरिका के रक्षा और विदेश सचिव इस दौरान काफी व्यस्त रहने वाले हैं, ताकि शिखर वार्ता को सफल बनाया जा सके.
वास्तव में, तो हमें अच्छा लगना चाहिए, ताकि दुनिया के इन दो सबसे शक्तिशाली नेताओं के बीच विश्वास की खाई को पाटा जा सके. हालांकि इस बात की संभावना बहुत कम लगती है.
इस घटनाक्रम से हमें उदास होने की जरूरत नहीं है, हमें यह भी नहीं सोचना चाहिए, कि आखिर यह क्यों हुआ? और हम क्या कर सकते हैं, ताकि भविष्य में 2+2 डायलॉग का आयोजन किया जा सके.
सीधे तौर पर, 2+2 डायलॉग के होने, ना होने का हम पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है.
अंत में हम यही कहना चाहेंगे, हमें राष्ट्रपति ट्रंप को कम करके नहीं आंकना चाहिए. वह राष्ट्रपति की भूमिका किस प्रकार निभा रहे हैं, इसमें कमी निकालने का कोई मतलब नहीं होता है. आपको चाहे पसंद हो या ना हो, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति हैं. और वह यथास्थिति का परिवर्तन करके अमेरिका को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. वह अपने प्रयासों में सफल होंगे या नहीं, यह एक अलग बात है.
लेकिन एक देश के रूप में उनके किसी भी निर्णय के खिलाफ कार्यवाही करते समय हमें ध्यान से सोचना चाहिए, जैसा दुनिया के अन्य सभी देश कर रहे हैं, हमें वैसा ही नकल नहीं करना चाहिए.
आपके विचार से, क्या अमेरिका के साथ 2+2 dialogue के लिए हमें अपनी राह बदलनी चाहिए.
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
Transcript -
Hello Friends, welcome to Real Quick Info channel. Lets discuss about today's topic.
You might have read in news papers that America has once again postponed first ever 2+2 dialogue with India, which was scheduled to happen on 6th July.
It has widely been regarded as set back to India and considered as India America relationship is no longer a priority for Trump Administration.
Being defensive, Few Experts are presenting quite a few reasons for this postponement.
First Reason is- Recent Indian retaliation to America in trade war.
Second Reason is - Indian decision to continue importing crude oil from Iran.
Third Reason is - India appears committed to buy S400 Missile system from Russia.
Fourth Reason is - India seems to be going closer to China.
Fifth reason is - Negotiation continue to go on about India joining rest two foundational agreements with America.
As you might realize that none of these reason is serious enough for America to postpone this 2+2 dialogue. In fact, These reasons did exist when Both India and America decided to hold 2+2 dialog on 6th of July.
Therefore, we need not bother much about why America has postponed this first ever dialogue.
In fact, its better to have this strategic dialogue later on, when the necessary ground work will have been done for major decision to be made in first ever 2+2 dialogue.
As much as we can gather, besides talking for the sake of it, there was nothing much to achieve on 6th of July.
More importantly, you might have seen in the recent past, How president trump publicly cancels talk on twitter. do you Remember, Just before Trump Kim Talk, how Trump suddenly called off the meeting on Twitter?
This time around. nothing of that sort happened. It was formal call from American foreign secretary to his Indian counterpart, and both sides amicably decided to conduct the meeting on next available mutually convenient time.
As few of the experts have suggested, the primary reason for this postponement is upcoming first ever bilateral Summit in between Trump and Putin in next two weeks.
Please note, American National Security Advisor John Bolton was initially scheduled to meet Russian leadership. However, he got opportunity to meet President Putin himself.
And it appears, Confident President Putin has no issue in meeting President Trump sooner than later.
Obviously, Necessary ground work has to be done as soon as possible before these two leaders meet.
That's where American foreign and defense secretary will obviously be fully occupied to make this meeting a success.
In fact, we should feel good, if This meeting ends up bridging the trust gap in between two most powerful men on the planet. Though probability of this happening is very less.
We need not feel let down by this development. Needless to say, We should not think too much about why it happened, or what we can do to make it happen as soon as possible in future.
Frankly, We are good with and without 2+2 dialogue.
In the end we would like to say, we should stop underestimating President Trump and finding faults with the way he is conducting his role. Whether you like it or not, he is President of United States and he is trying to change the status quo for the benefit of United States. He will fail or succeed in this is a different matter.
However We as a country must consider carefully before reacting to his action just as every other country is doing right now.
As per your views, do we need to correct ourselves to have 2+2 dialogue with America?
Please let us know your views in comment section below.
Please find the reference links of this video in the description box below. Thank you friends for watching this video.
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