सुप्रीम कोर्ट के अनुसार रफाल डील में मोदी जी निर्दोष.
Transcript -
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है. आइए, अब हम अपने Real Quick Analysis के बारे में चर्चा करते हैं.
जैसा कि आप जानते हैं, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने रफाल डील को लेकर मोदी सरकार को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है.
इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है, अभी कल तक ही सभी फेक एक्सपर्ट एक साथ मिलकर, रफाल डील की कीमत के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बड़े उत्सुक हो रहे थे, अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी यह बात लिखित में कह दी है, की रफाल डील की कीमत के बारे में संदेश और छानबीन करना सुप्रीम कोर्ट का भी काम नहीं है.
ध्यान देने वाली बात यह भी है, कि इस पूरी डील में दसॉल्ट ने किस प्रकार ऑफसेट पार्टनर का चुनाव किया, इसमें भी सुप्रीम कोर्ट को किसी भी करप्शन की बू तक नहीं आई.
अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को निर्दोष करार दिया है, आपको चौंकने की जरूरत नहीं है, अगर हमारे fake एक्सपर्ट सुप्रीम कोर्ट से मुंह की खाने के बाद भी अपनी जीत का दावा करने लगे.
हमें तो एक मूलभूत सवाल पूछना चाहिए, किसी का पक्ष ना लेने वाले सत्य के रक्षक और स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले एनडीटीवी और द वायर क्या सार्वजनिक रूप से Fake प्रोपेगेंडा के लिए माफी मांगेंगे?
यह फेक न्यूज़ ट्रेडर हमेशा रोते रहते हैं, की सोशल मीडिया पर बड़ी फेक न्यूज़ फैलती है. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें आईना दिखाने का काम किया है.
आज तो यह फेक न्यूज़ ट्रेडर या तो मौन धारण कर लेंगे, अथवा पर्यावरण को हो रहे नुकसान और भारत में शिक्षा की दयनीय स्थिति को लेकर विचार विमर्श करना चालू कर देंगे.
भारत के फेक एक्सपर्ट्स को शर्म आनी चाहिए, कि वह मोदी से इतनी अधिक नफरत करते हैं, की उन्होंने भारतीय सुरक्षा को भी दांव पर लगा दिया. क्या इन बड़े बड़े Fake एक्सपर्ट को अपने ज्ञान पर आज शर्म नहीं आनी चाहिए.
इसके बजाय यह लोग अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में ही कमी निकालते दिखाई देंगे, साथ ही यह सभी फेक एक्सपर्ट उसी सुप्रीम कोर्ट में इस डील में हुए भ्रष्टाचार को लेकर पुनर्विचार की याचिका दाखिल करने की तैयारी भी चालू कर देंगे.
अब हम fake न्यूज़ फैक्ट्री के सीईओ के बारे में चर्चा करते हैं, अभी कल तक की हमारा पूरा मीडिया उन्हें जल्दी से जल्दी भारत का प्रधानमंत्री बनाने के लिए भरपूर कोशिश कर रहा था.
अब जबकि यह बात पूरी तरह से सिद्ध हो गई है, की शहजादे साहब प्रधानमंत्री मोदी जी के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार कर रहे थे, तो क्या उन्हें अपना सर शर्म से नहीं झुकाना चाहिए.
भारत के 3 राज्यों को जीतने के बाद, आज उन्होंने भारत की जनता का विश्वास हारा है.
कहने की जरूरत नहीं है, मोदी को घृणा करने वाले लोग, उनकी भक्ति हमेशा की तरह चालू रखेंगे.
झूठ फैलाकर 11 नवंबर को इन्होंने जो प्रतिष्ठा प्राप्त की थी, आज उनकी प्रतिष्ठा को कई गुना अधिक नुकसान पहुंचा है.
अच्छी बात यह है, सुप्रीम कोर्ट ने सत्य को जीतने में मदद की है. अगर आप याद करें, तो कुछ ही दिनों पहले हमने इस बात की चर्चा की थी, की रफाल विवाद का सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना मोदी सरकार के साथ हुआ सबसे अच्छा काम था.
लेकिन हम यह अपेक्षा नहीं करते हैं, की फेक न्यूज़ ट्रेडर और फेक न्यूज़ फैक्ट्री के सीईओ अभी रुकेंगे, वह तुरंत नए झूठ का आविष्कार करना चालू कर देंगे, और फिर से मोदी के खिलाफ फेक न्यूज़ फैलाना चालू कर देंगे, और साथ में पूरी दुनिया को फेक न्यूज़ के लिए जिम्मेदार ठहराते रहेंगे.
आप के विश्लेषण के अनुसार, आज के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पश्चात, क्या भारत की भोली-भाली जनता राहुल गांधी जी के झूठे आरोपों में पहले की तरह विश्वास करती रहेगी?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो, तो इसे शेयर कीजिए, और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए. और साथ ही भविष्य में ऐसे ही वीडियो देखने के लिए बैल आइकन पर क्लिक कीजिए. इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद
Tags
rafael scam,rafael in supreme court,rafale deal india,rafale deal latest news,rafale deal supreme court,supreme court order rafael deal,Supreme Court verdict rafael deal,rahul on rafale,rahul on rafale deal,rahul gandhi funny rafale,rafale deal controversy in hindi,rafale deal congress vs bjp,rafale deal supreme court today,supreme court order rafael deal,supreme court on rafale deal hindi,indian defense news latest,indian defense news,rafale supreme court
जैसा कि आप जानते हैं, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने रफाल डील को लेकर मोदी सरकार को पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है.
इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है, अभी कल तक ही सभी फेक एक्सपर्ट एक साथ मिलकर, रफाल डील की कीमत के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बड़े उत्सुक हो रहे थे, अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी यह बात लिखित में कह दी है, की रफाल डील की कीमत के बारे में संदेश और छानबीन करना सुप्रीम कोर्ट का भी काम नहीं है.
ध्यान देने वाली बात यह भी है, कि इस पूरी डील में दसॉल्ट ने किस प्रकार ऑफसेट पार्टनर का चुनाव किया, इसमें भी सुप्रीम कोर्ट को किसी भी करप्शन की बू तक नहीं आई.
अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को निर्दोष करार दिया है, आपको चौंकने की जरूरत नहीं है, अगर हमारे fake एक्सपर्ट सुप्रीम कोर्ट से मुंह की खाने के बाद भी अपनी जीत का दावा करने लगे.
हमें तो एक मूलभूत सवाल पूछना चाहिए, किसी का पक्ष ना लेने वाले सत्य के रक्षक और स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले एनडीटीवी और द वायर क्या सार्वजनिक रूप से Fake प्रोपेगेंडा के लिए माफी मांगेंगे?
यह फेक न्यूज़ ट्रेडर हमेशा रोते रहते हैं, की सोशल मीडिया पर बड़ी फेक न्यूज़ फैलती है. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें आईना दिखाने का काम किया है.
आज तो यह फेक न्यूज़ ट्रेडर या तो मौन धारण कर लेंगे, अथवा पर्यावरण को हो रहे नुकसान और भारत में शिक्षा की दयनीय स्थिति को लेकर विचार विमर्श करना चालू कर देंगे.
भारत के फेक एक्सपर्ट्स को शर्म आनी चाहिए, कि वह मोदी से इतनी अधिक नफरत करते हैं, की उन्होंने भारतीय सुरक्षा को भी दांव पर लगा दिया. क्या इन बड़े बड़े Fake एक्सपर्ट को अपने ज्ञान पर आज शर्म नहीं आनी चाहिए.
इसके बजाय यह लोग अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में ही कमी निकालते दिखाई देंगे, साथ ही यह सभी फेक एक्सपर्ट उसी सुप्रीम कोर्ट में इस डील में हुए भ्रष्टाचार को लेकर पुनर्विचार की याचिका दाखिल करने की तैयारी भी चालू कर देंगे.
अब हम fake न्यूज़ फैक्ट्री के सीईओ के बारे में चर्चा करते हैं, अभी कल तक की हमारा पूरा मीडिया उन्हें जल्दी से जल्दी भारत का प्रधानमंत्री बनाने के लिए भरपूर कोशिश कर रहा था.
अब जबकि यह बात पूरी तरह से सिद्ध हो गई है, की शहजादे साहब प्रधानमंत्री मोदी जी के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार कर रहे थे, तो क्या उन्हें अपना सर शर्म से नहीं झुकाना चाहिए.
भारत के 3 राज्यों को जीतने के बाद, आज उन्होंने भारत की जनता का विश्वास हारा है.
कहने की जरूरत नहीं है, मोदी को घृणा करने वाले लोग, उनकी भक्ति हमेशा की तरह चालू रखेंगे.
झूठ फैलाकर 11 नवंबर को इन्होंने जो प्रतिष्ठा प्राप्त की थी, आज उनकी प्रतिष्ठा को कई गुना अधिक नुकसान पहुंचा है.
अच्छी बात यह है, सुप्रीम कोर्ट ने सत्य को जीतने में मदद की है. अगर आप याद करें, तो कुछ ही दिनों पहले हमने इस बात की चर्चा की थी, की रफाल विवाद का सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना मोदी सरकार के साथ हुआ सबसे अच्छा काम था.
लेकिन हम यह अपेक्षा नहीं करते हैं, की फेक न्यूज़ ट्रेडर और फेक न्यूज़ फैक्ट्री के सीईओ अभी रुकेंगे, वह तुरंत नए झूठ का आविष्कार करना चालू कर देंगे, और फिर से मोदी के खिलाफ फेक न्यूज़ फैलाना चालू कर देंगे, और साथ में पूरी दुनिया को फेक न्यूज़ के लिए जिम्मेदार ठहराते रहेंगे.
आप के विश्लेषण के अनुसार, आज के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पश्चात, क्या भारत की भोली-भाली जनता राहुल गांधी जी के झूठे आरोपों में पहले की तरह विश्वास करती रहेगी?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो, तो इसे शेयर कीजिए, और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए. और साथ ही भविष्य में ऐसे ही वीडियो देखने के लिए बैल आइकन पर क्लिक कीजिए. इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद
Tags
rafael scam,rafael in supreme court,rafale deal india,rafale deal latest news,rafale deal supreme court,supreme court order rafael deal,Supreme Court verdict rafael deal,rahul on rafale,rahul on rafale deal,rahul gandhi funny rafale,rafale deal controversy in hindi,rafale deal congress vs bjp,rafale deal supreme court today,supreme court order rafael deal,supreme court on rafale deal hindi,indian defense news latest,indian defense news,rafale supreme court
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें