पाकिस्तान ने चीन के कर्ज़े की जानकारी IMF को दी !!
Reference -
https://www.dawn.com/news/1443974
https://www.thenews.com.pk/latest/388728-pm-imran-khan-meets-chinese-president-xi-jingpin
https://tribune.com.pk/story/1868608/1-pakistan-submits-chinese-package-details-imf-asad-umar/
https://economictimes.indiatimes.com/news/international/world-news/pakistan-got-a-big-aid-deal-from-china-imran-khan/articleshow/66656154.cms
https://www.dawn.com/news/1448985
http://www.newindianexpress.com/world/2018/dec/07/debt-ridden-pakistan-seeks-usd-2-billion-commercial-loans-from-china-1908174.html
Transcript -
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है. आइए, अब हम अपने Real Quick Analysis के बारे में चर्चा करते हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चीन की यात्रा के पहले, मीडिया में व्यापक पैमाने पर इस बात को लेकर चर्चा थी, की सऊदी अरब की तरह चीन से भी पाकिस्तान को 6 बिलियन डॉलर मिल जाएंगे.
नवंबर महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की पांच दिवसीय चीन की यात्रा तो खत्म हो गई, लेकिन पाकिस्तान की ओर चीन फिर पैसों की बाढ़ के आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई.
इसके बाद ऐसी खबरें आई, की स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा, और पाकिस्तान को चीन से तुरंत 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद मिल जाएगी.
बड़ी आशा के साथ इस बैठक का आयोजन किया गया, लेकिन यह मात्र 30 मिनट के अंदर खत्म हो गई, और चीनी अधिकारियों का व्यवहार भी दोस्ताना नहीं था. इसलिए पाकिस्तान को इस बातचीत के दौरान भी कुछ हाथ नहीं लगा.
नवंबर महीने के बीच में, अपना मुंह छुपाने के लिए, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आधिकारिक रूप से वक्तव्य दिया, की चीन की तरफ से पाकिस्तान को बहुत बड़ी आर्थिक सहायता मिली है. लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रिक्वेस्ट पर इमरान खान सबको चीन के पैकेज की डिटेल नहीं बता पाएंगे.
क्योंकि उन्होंने अगर ऐसा किया, तो अन्य देश भी चीन से और अधिक पैसा मांगने लगेंगे.
इसी दौरान 7 से 20 नवंबर के बीच पाकिस्तान ने आईएमएफ के साथ बेलआउट को लेकर बातचीत चालू कर दी. लेकिन यह बात चीत कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी.
आपको तो मालूम है, पाकिस्तान और आईएमएफ के बेलआउट वार्ता के असफल होने का एक प्रमुख कारण यह था, की मांगे जाने पर भी पाकिस्तान ने अपने ऊपर चढ़े चीन के कर्ज़े की डिटेल आईएमएफ के साथ शेयर नहीं की थी.
लेकिन फिर भी पाकिस्तान को ऐसी आशा थी , की मध्य जनवरी के आते आते उसे आईएमएफ से बेलआउट मिल जाएगा.
इस प्रकार चीन के पैकेज की डिटेल बाहर निकल कर सामने नहीं आई, और इसी बीच दिसंबर महीने की शुरुआत में पाकिस्तान में चीनी के अधिकारी ने घोषणा की, कि चीन पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा पैकेज नहीं देगा, लेकिन कई प्रकार के बहुत से छोटे-छोटे चीन के पैकेज पाकिस्तान को उपलब्ध कराए जाएंगे.
फिर इस प्रकार की खबरें आई, कि अब पाकिस्तान चीन से 2 बिलियन डॉलर का व्यावसायिक लोन मांग रहा है. अब आप देखिए, सिर्फ 1 महीने में पाकिस्तान ने अपनी मांग को 6 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता से गिरा कर 2 बिलियन डॉलर का loan बना दिया.
लेकिन फिर भी पाकिस्तान के हाथ खाली ही रहे.
इतनी अधिक घोषणाओं के बावजूद अगर पाकिस्तान के पास चीन का पैसा नहीं आया है, इसके पीछे दो संभावनाएं हैं, या तो चीन झूठ बोल रहा है या पाकिस्तान.
अब तो ऐसा भी लगता है, कि पाकिस्तान चीन और आईएमएफ का इस्तेमाल एक दूसरे के खिलाफ कर रहा था.
सबसे पहले तो, आईएमएफ के साथ बातचीत और चीन के पैकेज की डिटेल को सार्वजनिक करने की चेतावनी पाकिस्तान के काम नहीं आई.
तो दूसरी ओर चीन से बहुत बड़ा आर्थिक पैकेज मिलने की अफवाहें आईएमएफ के खिलाफ पाकिस्तान के काम नहीं आई. क्योंकि आईएमएफ ने मोल भाव के दौरान पाकिस्तान को शक्ति के साथ शर्तें तय करने का मौका नहीं दिया.
जैसा कि आप जानते हैं, अमेरिका ने साफ कर दिया था, कि वह आईएमएफ के पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान में चीन के बेलआउट के लिए नहीं होने देगा.
इस प्रकार यह साफ हो गया था, कि पाकिस्तान अमेरिका चीन और आईएमएफ के बीच फंस गया था.
जैसा कि हमने पहले भी चर्चा की थी, जैसे ही पाकिस्तान को यह बात अच्छे से पता लग गई, की चीन उसे और अधिक पैसा नहीं देगा, पाकिस्तान तुरंत चीन के फाइनेंसियल पैकेज की डिटेल आईएमएफ के हाथों में सौंप देगा, जिससे चीन पूरी दुनिया के सामने नंगा हो जाएगा.
नवंबर महीने के बीच में आईएमएफ के प्रतिनिधि मंडल ने यही सारी डिटेल पाकिस्तान से मांगी थी, और पाकिस्तान ने ना देने का बहाना बना दिया था.
और अब दिसंबर महीने के बीचो-बीच आकर पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की पूरी डिटेल आईएमएफ के हाथों सौंप दी है.
जब चीन के खिलाफ आईएमएफ की धमकियों ने काम करना बंद कर दिया, तो अब पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की डिटेल आईएमएफ को दिखा कर अपनी धमकी पर काम करना चालू कर दिया है.
दोस्तों अगर आप वैश्विक शक्तियों को संभालने की कला को सीखना चाहते हैं, तो पाकिस्तान आपके लिए सबसे अच्छी केस स्टडी साबित होगा.
इसलिए तो हम यह कहना चाहेंगे, हो सकता है पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की पूरी डिटेल ही आईएमएफ के साथ शेयर ना कि हो . देखते हैं, पाकिस्तान के द्वारा दी गई आधी अधूरी जानकारी से आईएमएफ संतुष्ट होता है या नहीं.
पाकिस्तानी वित्त मंत्री के अनुसार, चीन के कब्जे को लेकर छुपाने जैसा पाकिस्तान के पास कुछ नहीं था.
अगर ऐसा है, तो CPEC प्रोजेक्ट की डिटेल को आईएमएफ के साथ साझा करने में पाकिस्तान को 5 वर्षों का समय कैसे लग गया. आप तो जानते हैं, पाकिस्तान के लोगों तक को इस प्रोजेक्ट की गहराई के बारे में पता नहीं था.
सामान्यतः हम कहते हैं, कि मीडिया फेक न्यूज़ फैक्ट्री की तरह काम करती है, लेकिन पाकिस्तान में तो सरकार ही फेक न्यूज़ फैक्ट्री का काम करती है.
नहीं तो, आखिर किसी देश का प्रधानमंत्री यह कैसे कह सकता है, कि उसके देश को चीन से बहुत बड़ा पैकेज मिल गया है, जबकि वास्तव में ऐसा कोई भी पैकेज का ऑफर तक नहीं था.
पाकिस्तान में केवल झूठ बोलने वालों का एक गुट बना हुआ है, चौंकाने वाली बात यह है, भारत में ऐसे फेक एक्सपर्ट की आबादी बहुत अधिक है, जिनके अनुसार भारत को उन लोगों के द्वारा बोले जा रहे सत्य में विश्वास कर लेना चाहिए, जिन्हें झूठ बोलने की बीमारी लगी हुई है. और पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता चालू कर देनी चाहिए.
कोई बात नहीं, अब जबकि पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की डिटेल आईएमएफ के हाथों सौंप दी है, देखते हैं आईएमएफ यह पूरी डिटेल जनता के सामने रखता है, या नहीं.
फ्रेंकली हमें तो कोई आशा नहीं है, कि पाकिस्तान ने चीन के कर्जे को लेकर सच्ची और पूरी तस्वीर आईएमएफ को दिखाई होगी.
आप के विश्लेषण के अनुसार, क्या पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की सच्चाई आईएमएफ को बता दी है?
आप अपने विचार हमें नीचे कमेंट सेक्शन में लिख कर बता सकते हैं.
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चीन की यात्रा के पहले, मीडिया में व्यापक पैमाने पर इस बात को लेकर चर्चा थी, की सऊदी अरब की तरह चीन से भी पाकिस्तान को 6 बिलियन डॉलर मिल जाएंगे.
नवंबर महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की पांच दिवसीय चीन की यात्रा तो खत्म हो गई, लेकिन पाकिस्तान की ओर चीन फिर पैसों की बाढ़ के आने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई.
इसके बाद ऐसी खबरें आई, की स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा, और पाकिस्तान को चीन से तुरंत 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद मिल जाएगी.
बड़ी आशा के साथ इस बैठक का आयोजन किया गया, लेकिन यह मात्र 30 मिनट के अंदर खत्म हो गई, और चीनी अधिकारियों का व्यवहार भी दोस्ताना नहीं था. इसलिए पाकिस्तान को इस बातचीत के दौरान भी कुछ हाथ नहीं लगा.
नवंबर महीने के बीच में, अपना मुंह छुपाने के लिए, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आधिकारिक रूप से वक्तव्य दिया, की चीन की तरफ से पाकिस्तान को बहुत बड़ी आर्थिक सहायता मिली है. लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रिक्वेस्ट पर इमरान खान सबको चीन के पैकेज की डिटेल नहीं बता पाएंगे.
क्योंकि उन्होंने अगर ऐसा किया, तो अन्य देश भी चीन से और अधिक पैसा मांगने लगेंगे.
इसी दौरान 7 से 20 नवंबर के बीच पाकिस्तान ने आईएमएफ के साथ बेलआउट को लेकर बातचीत चालू कर दी. लेकिन यह बात चीत कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी.
आपको तो मालूम है, पाकिस्तान और आईएमएफ के बेलआउट वार्ता के असफल होने का एक प्रमुख कारण यह था, की मांगे जाने पर भी पाकिस्तान ने अपने ऊपर चढ़े चीन के कर्ज़े की डिटेल आईएमएफ के साथ शेयर नहीं की थी.
लेकिन फिर भी पाकिस्तान को ऐसी आशा थी , की मध्य जनवरी के आते आते उसे आईएमएफ से बेलआउट मिल जाएगा.
इस प्रकार चीन के पैकेज की डिटेल बाहर निकल कर सामने नहीं आई, और इसी बीच दिसंबर महीने की शुरुआत में पाकिस्तान में चीनी के अधिकारी ने घोषणा की, कि चीन पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा पैकेज नहीं देगा, लेकिन कई प्रकार के बहुत से छोटे-छोटे चीन के पैकेज पाकिस्तान को उपलब्ध कराए जाएंगे.
फिर इस प्रकार की खबरें आई, कि अब पाकिस्तान चीन से 2 बिलियन डॉलर का व्यावसायिक लोन मांग रहा है. अब आप देखिए, सिर्फ 1 महीने में पाकिस्तान ने अपनी मांग को 6 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता से गिरा कर 2 बिलियन डॉलर का loan बना दिया.
लेकिन फिर भी पाकिस्तान के हाथ खाली ही रहे.
इतनी अधिक घोषणाओं के बावजूद अगर पाकिस्तान के पास चीन का पैसा नहीं आया है, इसके पीछे दो संभावनाएं हैं, या तो चीन झूठ बोल रहा है या पाकिस्तान.
अब तो ऐसा भी लगता है, कि पाकिस्तान चीन और आईएमएफ का इस्तेमाल एक दूसरे के खिलाफ कर रहा था.
सबसे पहले तो, आईएमएफ के साथ बातचीत और चीन के पैकेज की डिटेल को सार्वजनिक करने की चेतावनी पाकिस्तान के काम नहीं आई.
तो दूसरी ओर चीन से बहुत बड़ा आर्थिक पैकेज मिलने की अफवाहें आईएमएफ के खिलाफ पाकिस्तान के काम नहीं आई. क्योंकि आईएमएफ ने मोल भाव के दौरान पाकिस्तान को शक्ति के साथ शर्तें तय करने का मौका नहीं दिया.
जैसा कि आप जानते हैं, अमेरिका ने साफ कर दिया था, कि वह आईएमएफ के पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान में चीन के बेलआउट के लिए नहीं होने देगा.
इस प्रकार यह साफ हो गया था, कि पाकिस्तान अमेरिका चीन और आईएमएफ के बीच फंस गया था.
जैसा कि हमने पहले भी चर्चा की थी, जैसे ही पाकिस्तान को यह बात अच्छे से पता लग गई, की चीन उसे और अधिक पैसा नहीं देगा, पाकिस्तान तुरंत चीन के फाइनेंसियल पैकेज की डिटेल आईएमएफ के हाथों में सौंप देगा, जिससे चीन पूरी दुनिया के सामने नंगा हो जाएगा.
नवंबर महीने के बीच में आईएमएफ के प्रतिनिधि मंडल ने यही सारी डिटेल पाकिस्तान से मांगी थी, और पाकिस्तान ने ना देने का बहाना बना दिया था.
और अब दिसंबर महीने के बीचो-बीच आकर पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की पूरी डिटेल आईएमएफ के हाथों सौंप दी है.
जब चीन के खिलाफ आईएमएफ की धमकियों ने काम करना बंद कर दिया, तो अब पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की डिटेल आईएमएफ को दिखा कर अपनी धमकी पर काम करना चालू कर दिया है.
दोस्तों अगर आप वैश्विक शक्तियों को संभालने की कला को सीखना चाहते हैं, तो पाकिस्तान आपके लिए सबसे अच्छी केस स्टडी साबित होगा.
इसलिए तो हम यह कहना चाहेंगे, हो सकता है पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की पूरी डिटेल ही आईएमएफ के साथ शेयर ना कि हो . देखते हैं, पाकिस्तान के द्वारा दी गई आधी अधूरी जानकारी से आईएमएफ संतुष्ट होता है या नहीं.
पाकिस्तानी वित्त मंत्री के अनुसार, चीन के कब्जे को लेकर छुपाने जैसा पाकिस्तान के पास कुछ नहीं था.
अगर ऐसा है, तो CPEC प्रोजेक्ट की डिटेल को आईएमएफ के साथ साझा करने में पाकिस्तान को 5 वर्षों का समय कैसे लग गया. आप तो जानते हैं, पाकिस्तान के लोगों तक को इस प्रोजेक्ट की गहराई के बारे में पता नहीं था.
सामान्यतः हम कहते हैं, कि मीडिया फेक न्यूज़ फैक्ट्री की तरह काम करती है, लेकिन पाकिस्तान में तो सरकार ही फेक न्यूज़ फैक्ट्री का काम करती है.
नहीं तो, आखिर किसी देश का प्रधानमंत्री यह कैसे कह सकता है, कि उसके देश को चीन से बहुत बड़ा पैकेज मिल गया है, जबकि वास्तव में ऐसा कोई भी पैकेज का ऑफर तक नहीं था.
पाकिस्तान में केवल झूठ बोलने वालों का एक गुट बना हुआ है, चौंकाने वाली बात यह है, भारत में ऐसे फेक एक्सपर्ट की आबादी बहुत अधिक है, जिनके अनुसार भारत को उन लोगों के द्वारा बोले जा रहे सत्य में विश्वास कर लेना चाहिए, जिन्हें झूठ बोलने की बीमारी लगी हुई है. और पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता चालू कर देनी चाहिए.
कोई बात नहीं, अब जबकि पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की डिटेल आईएमएफ के हाथों सौंप दी है, देखते हैं आईएमएफ यह पूरी डिटेल जनता के सामने रखता है, या नहीं.
फ्रेंकली हमें तो कोई आशा नहीं है, कि पाकिस्तान ने चीन के कर्जे को लेकर सच्ची और पूरी तस्वीर आईएमएफ को दिखाई होगी.
आप के विश्लेषण के अनुसार, क्या पाकिस्तान ने चीन के कर्जे की सच्चाई आईएमएफ को बता दी है?
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Transcript -
Hello Friends, welcome to Real Quick Info channel. Lets discuss our Real Quick Analysis.
Even before Pakistani prime minister reached china, it was widely speculated in the media, that Pakistan was expecting to get 6 Billion Dollar package from China, similar to the deal Pakistan got from Saudi Arabia.
Early November, Imran Khan completed his five days long China visit, but there was no announcement on Chinese money flowing towards Pakistan.
Then it was reported that State bank of Pakistan would hold dialogue with Chinese authorities, and seek 3 Billion Dollar monitory support from China.
but this much publicized meeting lasted for only 30 minutes and with unfriendly behavior of Chinese authorities, Pakistan got nothing in return.
In the Mid of November, Sensing the loss of face, Prime Minister Imran Khan has gone on record saying that Pakistan got big packaged deal from China. but on the request of Chinese president Xi Jinping, he is not revealing the details of Chinese package, otherwise other countries would start demanding more money from China.
Meanwhile the talks with IMF for bailout were held in between 7 and 20 November, but remained inconclusive.
You know, One of the primary reason for talks failure was Pakistan's reluctance to share Chinese debt details with IMF.
But Pakistan still hoped to get IMF bailout by the mid of January.
However, No details about Chinese big deal to Pakistan came out, Instead early December Chinese official has gone on record saying, rather than providing one big bailout Package to Pakistan, China will provide multiple forms of bailout package to Pakistan.
Then news came about Pakistan seeking 2 Billion dollar commercial loan from China. You see, in one month Pakistan has gone down from 6 Billion Dollar package from China to 2 Billion Dollar commercial loan.
But again, China gave nothing to Pakistan.
You see, there are two possibilities behind Pakistan not getting any money from China despite so many announcements, either Pakistan or China was lying.
Now it appears, Pakistan was actually using China and IMF against each other.
First of all, having dialogue with IMF and threat of revealing CPEC details didn't work against China.
Second, Official rumors of big Chinese deal didn't work against IMF, since IMF didn't provide Pakistan position of strength in the bargain.
As you know, America made it very clear, that it would not allow use of IMF money to bailout China in Pakistan.
It became clear to Pakistan, that it got stuck in between China, America and IMF
As we discussed in the past, the moment Pakistan gets confirmed idea about China stopping funds flow, Pakistan will immediately share Chinese package details with IMF to expose China in front of whole world
In the mid of November, IMF delegation requested the Chinese loan details but Pakistan didn't provide.
Now by the mid of December, the day has come with Pakistan sharing all Chinese package details with IMF.
When Threat of talks with IMF stopped working against China, Pakistan is now effectively executing the threat of revealing Chinese package details to IMF.
Friends, if you want to learn the art of balancing super powers, Pakistan should be an ideal case study for you.
That's why we would say, its quite possible that Pakistan has still not shared full details of CPEC with IMF. Lets see, if IMF gets satisfied with the details provided by Pakistan.
As per Pakistani Finance minister, There is nothing, Pakistan needs to conceal regarding the Chinese package.
If this was really so, why it took 5 years for Pakistan to reveal CPEC details.
You all know, even people of Pakistan were not aware of its details.
Normally, we say that Media behaves as Fake news factory, but in Pakistan, Government works as fake news factory.
Otherwise how come a prime minister of country can say, that they have got big deal from China, when effectively there was nothing.
These are bunch of liars, and that's why we are surprised to hear, Many Indian fake experts asking India to believe in the truth spoken by pathological liars and start peace talks with Pakistan.
Anyways, now that Pakistan has shared Chinese package details with IMF, lets see if IMF reveals it with Public or not.
frankly, we are not hopeful that Pakistan has shared complete truthful picture with IMF officials.
As per your analysis, has Pakistan presented correct details of Chinese package to IMF?
Please let us know your views in comment section below.
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