भारत जापान & UAE मिलकर अफ्रीका में दो बड़े प्रोजेक्ट पर काम करेंगे.
India Japan & UAE will build on two big projects in Africa!
You can support us by being our Patron. In addition, you can suggest interesting topics to us .On selected topics we will make special videos. Please click on below link to become our Patron.
कृपया हमारे संरक्षक (Patron) बनकर हमें सपोर्ट कीजिये. साथ ही आप हमें टॉपिक्स सजेस्ट कर सकते हैं. चुनिंदा टॉपिक्स पर हम स्पेशल वीडियो बनायेगे. Patron बनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
https://www.patreon.com/Realquickinfo
Please click on below link to join us on Facebook
इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं.
https://www.facebook.com/realquickinfo/
Please click on below link to join us on Twitter
इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं.
https://twitter.com/RealQuickInfo
Reference -
https://www.livemint.com/news/india/india-to-partner-with-japan-and-uae-to-set-up-two-projects-in-africa-1555261449239.html
https://news.cgtn.com/news/3d3d674d7751444d34457a6333566d54/index.html
https://www.lawfareblog.com/havent-we-done-lessons-and-recommendations-strategic-competition-sub-saharan-africa
https://www.washingtonpost.com/politics/us-djibouti-reach-agreement-to-keep-counterterrorism-base-in-horn-of-africa-nation/2014/05/05/0965412c-d488-11e3-aae8-c2d44bd79778_story.html?noredirect=on&utm_term=.bee8ad48a8d3
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है.
कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और इस वीडियो को लाइक और शेयर करें. अब आप हमारे पैट्रन यानि की संरक्षक भी बन सकते हैं. आइए, अब हम अपने Real Quick Analysis के बारे में चर्चा करते हैं.
हम में से ज्यादातर लोगों का ऐसा मानना है, की छोटे छोटे देश चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होकर गलती कर रहे हैं.
हालाकिं यह सोचना अच्छा लगता है, की इन छोटे छोटे देशो के नेता या तो मुर्ख हैं, या भ्रस्ट हैं. लेकिन यदि आप ध्यान से देंखे, तो आप पाएंगे, ये छोटे देश एक विश्व शक्ति को दूसरी विश्व शक्ति से लड़ाकर अपना फायदा निकालने का बड़ा खेल खेल रहे हैं.
कृपया हॉर्न of अफ्रीका पर स्थित एक देश जिबूती के बारे में थोड़ा विचार कीजिये.
यह देश अन्य देशों को मिलिट्री बेस बनाने के लिए अपनी जमीं आराम से किराये पर दे देता है.
वर्ष 2014 तक, अमेरिका अपने मिलिट्री बेस के लिए सालाना जिबूती को 38 मिलियन डॉलर दिया करता था.
लेकिन उसके बाद नया लीज एग्रीमेंट बना, और अमेरिका ने सालाना जिबूती को 63 मिलियन डॉलर देने का वादा किया.
अभी यह एग्रीमेंट फाइनल हुआ ही था, और खबरें आने लगी, की जिबूती ने चीन के साथ chinese मिलिट्री बेस को लेकर बातचीत चालू कर दी है.
आप तो जानते हैं, जिबूती और चीन का लीज एग्रीमेंट तो गोपनीय होगा, लेकिन चीन ने कम से कम अमेरिका से ज्यादा रेंट दिया होगा.
अब आप बताएं, जबकि चीन भी वहां पर बैठ गया है, क्या अमेरिका भविस्य में जिबूती का मिलिट्री बेस खाली करने के बारे में सोच भी सकता है.
इसका जवाब तो सीधा ना में होगा. जब अमेरिका और जिबूती नया लीज एग्रीमेंट वर्ष 2024 में बनाएंगे, तो इस बात की सम्भावना है, की जिबूती अमेरिका से रेंट को और अधिक बढ़ाने के लिए कहे.
इस छोटे से example से हमें समझ आता है, की चीन को जवाब देते समय, हमने इन छोटे देशों को कम करके नहीं आंकना चाहिए.
जैसा की हमने पहले भी चर्चा की है, इन छोटे देशो को चीन के क़र्ज़ के जाल से बचाते हुए, हमें इन छोटे देशों के जाल में फंसना नहीं है.
नहीं तो ये छोटे देश भी हमारा शोषण कर लेंगे, क्योंकि हम तो आंख बंद करके चीन को अफ्रीका में कण्ट्रोल करने के कोशिस कर रहे थे.
Thankfully , भारत अभी स्मार्टर गेम खेल रहा है.
चीन की मीडिया में छपे एनालिसिस के मुताबिक, अफ्रीका में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर इम्प्लीमेंटेशन के लिए केन्या की एक प्रमुख भूमिका है.
चीन से निपटने के लिए भारत के पास 2 विकल्प हैं, पहला यह की, अफ्रीका में चीन के सफ़ेद हाथियों की तुलना में भारत और भी बड़े सफ़ेद हाथी पैदा करने लगे. अथवा भारत चीन के सफ़ेद हाथी अपने गले बांध ले.
दूसरा विकल्प है, की भारत अक्लमंदी से ऐसे प्रोजेक्ट का चुनाव करे, जिनमे निश्चित तौर पर हाई return on investment मिले, और जिनका आम लोगों की जिंदगी पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़े.
कल लाइव मिंट अख़बार में छपी खबर के मुताबिक, भारत और जापान मिलकर केन्या में एक कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण करेंगे.
यह कैंसर हॉस्पिटल न केवल लोगों की जिन्दगिया बचाएगा , बल्कि केन्या के आम लोगों के बीच में इस प्रोजेक्ट से भारत के बारे में अच्छी भावना का भी विकास होगा.
इस हॉस्पिटल वाले प्रोजेक्ट के अलावा, भारत UAE के साथ मिलकर इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन technology सेण्टर का भी विकास करेगा. ताकि इथियोपिया के लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें.
चीन ने इथियोपिया में आम लोगों की नौकरियां चुराई हैं, लेकिन भारत वहां के लोगों को ऐसा स्किल सेट देगा, जिसके दम पर वहां पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, भारत और चीन में यही तो बेसिक अंतर है.
वैसे भी जापान और UAE के पास पैसे की बहुत भरमार है, तो भारत के पास कैंसर ट्रीटमेंट और इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के छेत्र में भारी दक्षता है.
हम यह नहीं कह रहे हैं, की भारत इन प्रोजेक्ट में पैसा नहीं लगाएगा, हम सिर्फ यह कह रहे हैं, की भारत अन्य मित्र देशों के साथ मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करेगा, जिनकी सफलता के वारे में कोई भी डाउट नहीं है.
इन प्रोजेक्ट के बारे में और अधिक डिटेल्स का आना अभी बाकि है, यह बात निश्चित नहीं है, की ये दोनों प्रोजेक्ट एशिया अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर का हिस्सा होंगे या नहीं. वैसे इस बात से कोई ज्यादा फ़र्क़ पड़ता भी नहीं है, हम अपने दर्शक अनीस कुमार को धन्यवाद देंगे, उन्होंने इस विषय पर वीडियो बनाने के लिए हमसे कहा था.
हम आशा करते हैं, की भारत में आम चुनाव होने के बाद, इन दोनों प्रोजेक्ट के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी.
यह आप का पर्सनल निर्णय है, आप किसे वोट दें, लेकिंग प्लीज याद रखियेगा, आपका एक वोट भारत और अफ्रीका के सम्बन्ध का भविस्य तय करेगा.
आज का आसान सवाल है, किस अफ्रीकन देश में भारत और जापान मिलकर कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण करेंगे.
आप अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर बता सकते हैं.
हमारे कई दर्शकों ने पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल का सही जवाब दिया था, उन सभी viewers में से आज के लकी winner हैं, सावेश अंसारी .
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो, तो इसे शेयर कीजिए, और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए. और साथ ही भविष्य में ऐसे ही वीडियो देखने के लिए बैल आइकन पर क्लिक कीजिए. इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद
https://www.livemint.com/news/india/india-to-partner-with-japan-and-uae-to-set-up-two-projects-in-africa-1555261449239.html
https://news.cgtn.com/news/3d3d674d7751444d34457a6333566d54/index.html
https://www.lawfareblog.com/havent-we-done-lessons-and-recommendations-strategic-competition-sub-saharan-africa
https://www.washingtonpost.com/politics/us-djibouti-reach-agreement-to-keep-counterterrorism-base-in-horn-of-africa-nation/2014/05/05/0965412c-d488-11e3-aae8-c2d44bd79778_story.html?noredirect=on&utm_term=.bee8ad48a8d3
नमस्ते दोस्तों, Real Quick Info चैनल पर आपका स्वागत है.
कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और इस वीडियो को लाइक और शेयर करें. अब आप हमारे पैट्रन यानि की संरक्षक भी बन सकते हैं. आइए, अब हम अपने Real Quick Analysis के बारे में चर्चा करते हैं.
हम में से ज्यादातर लोगों का ऐसा मानना है, की छोटे छोटे देश चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होकर गलती कर रहे हैं.
हालाकिं यह सोचना अच्छा लगता है, की इन छोटे छोटे देशो के नेता या तो मुर्ख हैं, या भ्रस्ट हैं. लेकिन यदि आप ध्यान से देंखे, तो आप पाएंगे, ये छोटे देश एक विश्व शक्ति को दूसरी विश्व शक्ति से लड़ाकर अपना फायदा निकालने का बड़ा खेल खेल रहे हैं.
कृपया हॉर्न of अफ्रीका पर स्थित एक देश जिबूती के बारे में थोड़ा विचार कीजिये.
यह देश अन्य देशों को मिलिट्री बेस बनाने के लिए अपनी जमीं आराम से किराये पर दे देता है.
वर्ष 2014 तक, अमेरिका अपने मिलिट्री बेस के लिए सालाना जिबूती को 38 मिलियन डॉलर दिया करता था.
लेकिन उसके बाद नया लीज एग्रीमेंट बना, और अमेरिका ने सालाना जिबूती को 63 मिलियन डॉलर देने का वादा किया.
अभी यह एग्रीमेंट फाइनल हुआ ही था, और खबरें आने लगी, की जिबूती ने चीन के साथ chinese मिलिट्री बेस को लेकर बातचीत चालू कर दी है.
आप तो जानते हैं, जिबूती और चीन का लीज एग्रीमेंट तो गोपनीय होगा, लेकिन चीन ने कम से कम अमेरिका से ज्यादा रेंट दिया होगा.
अब आप बताएं, जबकि चीन भी वहां पर बैठ गया है, क्या अमेरिका भविस्य में जिबूती का मिलिट्री बेस खाली करने के बारे में सोच भी सकता है.
इसका जवाब तो सीधा ना में होगा. जब अमेरिका और जिबूती नया लीज एग्रीमेंट वर्ष 2024 में बनाएंगे, तो इस बात की सम्भावना है, की जिबूती अमेरिका से रेंट को और अधिक बढ़ाने के लिए कहे.
इस छोटे से example से हमें समझ आता है, की चीन को जवाब देते समय, हमने इन छोटे देशों को कम करके नहीं आंकना चाहिए.
जैसा की हमने पहले भी चर्चा की है, इन छोटे देशो को चीन के क़र्ज़ के जाल से बचाते हुए, हमें इन छोटे देशों के जाल में फंसना नहीं है.
नहीं तो ये छोटे देश भी हमारा शोषण कर लेंगे, क्योंकि हम तो आंख बंद करके चीन को अफ्रीका में कण्ट्रोल करने के कोशिस कर रहे थे.
Thankfully , भारत अभी स्मार्टर गेम खेल रहा है.
चीन की मीडिया में छपे एनालिसिस के मुताबिक, अफ्रीका में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर इम्प्लीमेंटेशन के लिए केन्या की एक प्रमुख भूमिका है.
चीन से निपटने के लिए भारत के पास 2 विकल्प हैं, पहला यह की, अफ्रीका में चीन के सफ़ेद हाथियों की तुलना में भारत और भी बड़े सफ़ेद हाथी पैदा करने लगे. अथवा भारत चीन के सफ़ेद हाथी अपने गले बांध ले.
दूसरा विकल्प है, की भारत अक्लमंदी से ऐसे प्रोजेक्ट का चुनाव करे, जिनमे निश्चित तौर पर हाई return on investment मिले, और जिनका आम लोगों की जिंदगी पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़े.
कल लाइव मिंट अख़बार में छपी खबर के मुताबिक, भारत और जापान मिलकर केन्या में एक कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण करेंगे.
यह कैंसर हॉस्पिटल न केवल लोगों की जिन्दगिया बचाएगा , बल्कि केन्या के आम लोगों के बीच में इस प्रोजेक्ट से भारत के बारे में अच्छी भावना का भी विकास होगा.
इस हॉस्पिटल वाले प्रोजेक्ट के अलावा, भारत UAE के साथ मिलकर इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन technology सेण्टर का भी विकास करेगा. ताकि इथियोपिया के लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें.
चीन ने इथियोपिया में आम लोगों की नौकरियां चुराई हैं, लेकिन भारत वहां के लोगों को ऐसा स्किल सेट देगा, जिसके दम पर वहां पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, भारत और चीन में यही तो बेसिक अंतर है.
वैसे भी जापान और UAE के पास पैसे की बहुत भरमार है, तो भारत के पास कैंसर ट्रीटमेंट और इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के छेत्र में भारी दक्षता है.
हम यह नहीं कह रहे हैं, की भारत इन प्रोजेक्ट में पैसा नहीं लगाएगा, हम सिर्फ यह कह रहे हैं, की भारत अन्य मित्र देशों के साथ मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करेगा, जिनकी सफलता के वारे में कोई भी डाउट नहीं है.
इन प्रोजेक्ट के बारे में और अधिक डिटेल्स का आना अभी बाकि है, यह बात निश्चित नहीं है, की ये दोनों प्रोजेक्ट एशिया अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर का हिस्सा होंगे या नहीं. वैसे इस बात से कोई ज्यादा फ़र्क़ पड़ता भी नहीं है, हम अपने दर्शक अनीस कुमार को धन्यवाद देंगे, उन्होंने इस विषय पर वीडियो बनाने के लिए हमसे कहा था.
हम आशा करते हैं, की भारत में आम चुनाव होने के बाद, इन दोनों प्रोजेक्ट के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी.
यह आप का पर्सनल निर्णय है, आप किसे वोट दें, लेकिंग प्लीज याद रखियेगा, आपका एक वोट भारत और अफ्रीका के सम्बन्ध का भविस्य तय करेगा.
आज का आसान सवाल है, किस अफ्रीकन देश में भारत और जापान मिलकर कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण करेंगे.
आप अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर बता सकते हैं.
हमारे कई दर्शकों ने पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल का सही जवाब दिया था, उन सभी viewers में से आज के लकी winner हैं, सावेश अंसारी .
इस वीडियो को बनाते समय हमने कुछ ऑनलाइन लेख पढ़े थे. आपको उनकी लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी.
अगर आपको हमारा यह वीडियो पसंद आया हो, तो इसे शेयर कीजिए, और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए. और साथ ही भविष्य में ऐसे ही वीडियो देखने के लिए बैल आइकन पर क्लिक कीजिए. इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद
Text
Hello Friends, welcome to Real Quick Info channel, Please subscribe our channel, like and share this video. Now you can also support us by becoming our patrons. Lets discuss our Real Quick Analysis.
Its common belief among majority of us that all countries, where china is investing money as part of Belt and Road initiative, are committing mistake.
While its quite easy to consider the leadership of these small countries foolish or corrupt, but if you look carefully, these small countries are also playing their big game by playing one world power against another.
Please consider the case of Djibouti, which is located on the horn of Africa.
This country is known for renting out its land to foreign countries for military bases.
Until year 2014, America used to pay annually 38 Million dollars to Djibouti as rent for keeping its base there.
However, as per negotiated agreement, Since 2014, America has been paying $63 Million annually for its base there.
Soon after this new lease agreement got signed, Djibouti started talks with China for a Chinese military base there.
Though Chinese rent agreement details are not available, but China would obviously be paying more than Americans.
Now, you tell, can America even think about leaving Djibouti in foreseeable future?
The answer is clear No, When America and Djibouti will renew their lease agreement in the year 2024, you can easily conclude, that America may have to pay even more rent to Djibouti.
What we learn from this example is simple, while we are trying to respond to China in Africa, we should not underestimate the small countries there.
As we discussed in the past, While saving these countries from Chinese debt trap, we should not fall into the trap laid by these small countries.
Else we will end up getting exploited, because we are blindly becoming only a counter balancing force against China.
Thankfully, India is playing smarter game right now.
As per recent article published in Chinese media, Kenya is a key ally for China to implement Belt and Road initiative in Africa.
Now, India has got two options, first is to give berth to bigger white elephant in Kenya in comparison to China.
Second option is to wisely invest money in the project, which have assured high return on investment with positive impact on the lives of local people.
As per news report published in the Live Mint news paper, Joining hands with Japan, India is going to build a cancer hospital in Kenya.
Building this cancer hospital will not only save precious lives, but also create good will about India in common people of Kenya.
In addition to this project, India is going to collaborate with UAE to build information and communication technology center in Ethiopia so that young people there can be made more employable.
Chinese people steal jobs from local. By imparting skill set, Indians will help local people of Ethiopia to find jobs for themselves. That's the key difference here.
Moreover Japan and UAE have plenty of money to invest in other countries, India has expertise in both Cancer treatment and Information technology.
We are not saying, India should not put money in these two projects, all we are saying is that India joining hands with friendly countries increases the chances of success for these projects.
Since more details are awaited, there is no certainty if these two projects will be part of Asia Africa growth corridor project, on which our viewer Anish Kumar has asked us to create a video. Anyways, We are thankful to him for suggesting the topic.
We can hope, after Indian elections are concluded, more information on these two super important infrastructure project will come out.
Its up to you whom you are going to vote. but please remember, your one vote will determine the Indian relationship with African countries.
Today's easy question is, in which country, India and Japan are going to construct Cancer hospital?
Please answer today's question in comment box below.
A number of our viewers, have correctly answered the easy question, which was asked in our last video. Today's lucky winner is Savesh Ansari.
Please find the reference links of this video in the description box below.
If you like this video, please share it and subscribe our channel and click on bell icon to view more such interesting videos. Thank You friends for watching this video
Tags
belt \& road initiative,belt \& road initiative china,Belt \& Road,BRI latest news,belt and road forum 2019,china in africa study iq,china in africa documentary,india influence in africa,aagc corridor,aagc latest news,cpec latest news,study iq current affairs,study iq latest video,India Japan project in Africa,Indian Cancer hospital in Kenya,Indian center in Ethiopia,Indian foreign affairs news,indian defence news,Modi latest news,china india latest news
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें