मोदी जी संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाएंगे बलोचिस्तान का मुद्दा ????
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Reference -
https://www.dawn.com/news/1501169/hrcp-sounds-alarm-over-rights-situation-in-balochistan
https://www.aninews.in/news/world/asia/we-need-indias-support-to-free-balochistan-from-pak-say-baloch-activists20190815092616/
https://en.wikipedia.org/wiki/Human_Rights_Commission_of_Pakistan
https://www.thehindubusinessline.com/news/national/opposition-parties-urge-release-of-leaders-in-kashmir/article29224063.ece
https://www.dawn.com/news/1501169/hrcp-sounds-alarm-over-rights-situation-in-balochistan
https://www.aninews.in/news/world/asia/we-need-indias-support-to-free-balochistan-from-pak-say-baloch-activists20190815092616/
https://en.wikipedia.org/wiki/Human_Rights_Commission_of_Pakistan
https://www.thehindubusinessline.com/news/national/opposition-parties-urge-release-of-leaders-in-kashmir/article29224063.ece
आजकल आप सभी ने कई बार पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान नियाज़ी को कहते हुए सुना होगा, की वह कश्मीरियों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ पूरी दुनिआ में उठाते रहेंगे.
साथ ही भारत में ऐसे कई एक्सपर्ट नेता लोग मौजूद हैं, जिनको आज कल नींद नहीं आ रही है, क्योकि कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल फ़ोन और मीडिया को खुली आजादी नहीं मिली हुई है,
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कश्मीर के लिए आवाज़ दुनिया में उठा रहे हैं, तो ये बड़े बड़े बिद्वान लोग भारत में रहकर इमरान खान की मदद करने की पूरी कोसिस कर रहे हैं.
भारत में सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली हुई है , इसलिए जिन लोगों के पेट में आज कश्मीर को लेकर दर्द हो रहा है, हमें आश्चर्य होता है, की इन महान लोगों का ध्यान आज तक बलोचिस्तान में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों पर क्यों नहीं जाता है.
आप को अंदाज़ा होगा, इन बुद्धिजीवी लोगो की चाबी कौन भरता है.
बलोचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है, इस बारे में कई रिपोर्ट reports हो चुकी है, लेकिन आज हम पाकिस्तान के प्रमुख अख़बार डौन में छपी खबर के बारे में बात करेंगे.
ह्यूमन राइट्स कमिशन ऑफ़ पाकिस्तान, जो की पाकिस्तान का सबसे पुराना ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन है. उसने साफ़ कहा है, बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन के मामले में खतरे की घंटी बजने लगी है.
इस आर्गेनाइजेशन के मुताबिक, पाकिस्तान की सर्कार ने हमेशा बलोचिस्तान को एक कॉनफ्लिक्ट जोन की तरह ट्रीट किया है. और पाकिस्तान की पूरी मीडिया ने सरकारी मीडिया की तरह बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन से अपना मुँह मोड़ लिया है.
पाकिस्तान में पिछले आम चुनाव कितने निष्पक्ष हुए, यह आप सभी को मालूम है, लेकिन अब इस आर्गेनाइजेशन ने भी जमीं पर यही सच्चाई पाई है, यहाँ तक की बलोचिस्तान अकेले में चुनाव के दौरान 180 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
खास तौर पर बलोचिस्तान के माइनॉरिटी ग्रुप शिया हज़रा कम्युनिटी के मानव अधिकारों का हनन सबसे जायदा हुआ है.
वर्ष 2018 में 541 लोग बिना किसी अते पते के गायब हो गए. और जब इन गायब हुए लोगों के ऊपर सरकारी जांच की गयी, तब भी कम से कम 131 लोग गायब पाए गए.
अब आप देख लीजिये, जब पाकिस्तान का अपना संगठन बलोचिस्तान में पाकिस्तान की पोल खोल रहा है, तो इस समय भारत के बुद्धि जीविओं ने इन खबरों को लेकर रेत में अपना सर गाड़ लिया है.
जब पाकिस्तान कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए हर मंच का इस्तेमाल कर रहा है, तो क्या भारत ने भी बलोचिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के हनन को लेकर आवाज़ नहीं उठानी चाहिए.
अगले महीने, संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में जैसे ही पाकिस्तान के प्रधान मंत्री का मुँह खुलेगा, तो सबसे पहले कश्मीर को लेकर बात होगी.
चूँकि इसी आम सभा में भारत के प्रधान मंत्री जी भी अपना भाषण देंगे, इसलिए क्या भारत को बलोचिस्तान को लेकर आवाज़ बुलंद नहीं करनी चाहिए?
हो सकता है, बड़े ही स्वाभाविक कारणों से इस बार मोदी जी बलोचिस्तान का उल्लेख अपनी स्पीच में ना करें, लेकिन क्या आगे आने वाले समय में बलोचिस्तान को लेकर हमें अपनी बात प्रखरता से नहीं रखनी चाहिए.
सवाल यही है, अगर बलोचिस्तान में रह रहे लोग इंसान है, तो क्या उन इंसानो के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ कोई नहीं उठाएगा?
कम से कम एक बात तो तय है, भारत में रहने वाले मानवाधिकारों के रक्षक तो उनकी बात नहीं उठाएंगे.
आज का बेहद आसान सवाल है, पाकिस्तान के किस प्रान्त में मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन हो रहा है?
पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, अजय .
और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
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