UN सिक्योरिटी काउन्सिल में भारत पाकिस्तान में से किसकी जीत हुई?


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नमस्ते दोस्तों, चलिए आज के रोचक रियल क्विक एनालिसिस की चर्चा करते हैं.
जैसा की आपको पता होगा, कल रात को बंद दरबाज़ो के भीतर UN सिक्योरिटी Council में कश्मीर को लेकर चर्चा हुई.

पाकिस्तान के अख़बार डॉन ने खुद लिखा है, Council किसी भी स्टेटमेंट पर राजी नहीं हो पायी, और चर्चा के लिए चर्चा की गयी.

और इसी चर्चा के तमासे को पाकिस्तान अपनी जीत के रूप में अपनी जनता को बेचने की कोसिस कर रहा है.  इस लोल्लिपोप से पाकिस्तान अपनी  नादान जनता के ईगो को satisfy करता रहे, लेकिन हमारी कांग्रेस पार्टी के अनुसार, UNSC की closed door मीटिंग भारत सरकार की एक बड़ी strategic फेलियर है.

एक समय कांग्रेस का नारा होता था, कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ, अब सायद कांग्रेस का नारा हो गया है, कांग्रेस का हाथ पाकिस्तान के साथ.

इसलिए आज कल हमारे देश की विपक्षी पार्टियों के शुर पाकिस्तानी धुन पर नाचते दिखाई पड़ते हैं.

चीन के द्वारा प्रायोजित इस पुरे तमासे को देख कर ऐसा  जान पड़ता है, की हमारी opposition पार्टीज, पाकिस्तान और चीन को जम्मू एंड कश्मीर में शांति राष नहीं आ रही है.

जम्मू एंड कश्मीर के ऊपर से धरा 370 की काली चादर हटा दी गयी, और होन्ग कोंग की तरह  कोई हंगामा नहीं  हो रहा है, यही बात इन सभी को पच नहीं रही है.

UNSC की closed door मीटिंग को पाकिस्तान की सफलता माना जा सकता है, लेकिन हमारी मीडिया ने लगातार ऐसा दिखाने की  कोसिस करि है, की IMF की बैशाकी के बल पर खड़े पाकिस्तान ने चीन को उसका समर्थन करने के लिए मजबूर किया है.

देखिए बेचारे चीन ने पाकिस्तान में इतना पैसा लगाया है, इसलिए अपने निवेश को डूबने से बचाने के लिए उसे पाकिस्तानी तिनके की जरूरत है.

ऐसे तर्क देकर, हमारी मीडिया जाने अनजाने में दुस्ट चीन को बचाने की कोसिस  कर रही है. आप सभी को पता है, भारत सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से अगर पाकिस्तान को मिर्ची लगी है, तो जलन चीन की आँखों में भी हो रही है.

आप सभी समझते हैं, एशिया में भारत और चीन के बीच बिछी शतरंज की बिसात पर पाकिस्तान की औकात एक प्यादे से ज्यादा कुछ भी नहीं है.

लेकिन हम अपना पूरा समय प्यादे को सम्हालने में बर्बाद कर देते हैं, और चीन के लिए इससे बड़ी सफलता कोई भी नहीं है.

पिछले कुछ सालों से लगातार ऐसा तर्क दिया जाता था, की यदि भारत और चीन में दोस्ती हो गयी, तो भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद में चीन तटस्थ हो जायेगा, और भारत की लिए यह एक बहुत बड़ी कामयाबी होगी,

लेकिन इस चीन और भारत की इस दोस्ती की कीमत भी अकेले भारत को ही चुकानी थी. यह तर्क देने वाले विद्वान भूल जाते हैं, यदि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद है, तो भारत और चीन के बीच दुनिया का सबसे लम्बा सीमा विवाद है.

इसलिए चीन भारत का बनावटी दोस्त बन भी जाये, तो भी चीन पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्ते को सामान्य नहीं होने देगा.

लेकिन हमें पूरा विश्वास है, हमारे एक्सपर्ट लोगों को  अभी भी समझ नहीं आया होगा, की भारत और चीन कभी भी दोस्त नहीं बन सकते हैं.

लेकिन UNSC की closed door मीटिंग से एक बात सिद्ध हो गयी, की भारत को रूस जैसा एक दोस्त हमेसा चाहिए, जो मीटिंग रूम के अंदर और बाहर दोनों ही तरफ भारत के साथ खड़ा दिखाई दे.

कल की मीटिंग के परिणाम से यह तो साफ़ हो गया, की मीटिंग रूम के अंदर UNSC के अन्य परमानेंट सदस्यों ने भी भारत का साथ दिया होगा.

भारत का साथ देने के लिए सभी सदस्यों को धन्यवाद्, लेकिन जब लड़ाई पब्लिक परसेप्शन की हो रही है, तो जो सदस्य खुले में आकर भारत के साथ खड़ा होगा, उसका महत्व निश्चित रूप से ज्यादा है.

जहाँ तक अमेरिका का सवाल है, उसकी गर्दन पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में ऐसी पकड़ रखी है, की आज कल उसके मुँह से शब्द निकल नहीं पा रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान की टोकरी में अपने सारे अंडे रखने का जिम्मेदार भी अमेरिका ही है.

जिस तरह कश्मीर को लेकर भारत सरकार ने बिलकुल अलग रणनीति पर  इस बार काम किया , अमेरिका को भी अफ़ग़ानिस्तान को लेकर वैसी ही कोई नई रणनीति अपनानी होगी, नहीं तो हमेसा की तरह अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान से भागने की भीख पाकिस्तान से मांगनी पड़ेगी, जिस पाकिस्तान ने अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान तक जाने का रास्ता दिया था.

मक्कार चीन पर वापस लौटते हुए , भारत ने अब पाकिस्तान पर समय बर्बाद करने के बजाये, चीन को पाकिस्तान के साथ खड़े होने की सजा देनी चाहिए.  बहुत हुआ, चीन का तुस्टीकरण.

अगर चीन भारत की चिंताओं का ध्यान नहीं रखता है, तो भारत चीन के घाव में नमक क्यों न डाले.
हमें उम्मीद है, मोदी सरकार भारत के साथ अच्छे समबन्ध बनाये रखने के लिए कीमत अब चीन को चुकाने के लिए मजबूर करेगी.

आपको तो पता है, जबकि अमेरिका और चीन के बीच लड़ाई चल रही है, हमें चीन से बदला लेने का ऐसा सुनहरा अवसर दोबारा नहीं मिलेगा.

आज का बेहद आसान सवाल है, आजकल भारत की कांग्रेस पार्टी का हाथ किसके साथ है?

पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, बिकी बसुमतारी  .



और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.

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