लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच क्यों भड़का विवाद?


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Reference -

नमस्ते दोस्तों, चलिए आज के रोचक रियल क्विक एनालिसिस की चर्चा करते हैं.

जैसा की आपको पता लग गया होगा, की कल दिन भर लद्दाख में Pegong lake पर भारत और चीन के बीच विवाद चला, जिसे बाद में सुलझा लिया गया, और दोनों पक्ष पीछे हट गए.



यहाँ पर याद रखने वाली बात यह है, की भारतीय सैनिक नार्मल गस्त लगा रहे थे, और चीन के सैनिको के द्वारा रोके जाने पर ही हाथापाई की नौबत आयी.



इस बात की जानकारी आप सभी को है, की लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल को लेकर चीन और भारत के बीच में सहमति नहीं है. इसलिए कभी कभी एक पक्ष दूसरे पक्ष के हिसाब से उसकी सीमा में घुस जाता है.



अभी कुछ ही दिनों पहले, हमारी सेना के बड़े अधिकारी ने कहा था, की यदि चीनी सैनिक 100 बार हमारे कण्ट्रोल के इलाके में गस्त लगाने आते हैं, तो हम 200 बार चीनी कण्ट्रोल के इलाके में अपना दावा पेश करने जाते हैं.



और आम तौर पर इन पैट्रॉल एक्शन के विरोध में बैनर दिखाए जाते हैं, ताकि दूसरा पक्ष उन्हें पढ़कर लौट जाये.



लेकिन इस बार चीनी सैनिको ने बैनर न दिखाकर अपने हाथ दिखाने चालू कर दिए, लेकिन हमारे सैनिकों ने भी हाथों में मेहंदी तो लगायी नहीं थी. इसलिए विवाद भड़क गया.



पेंगोंग लेक का यह विवाद तो 24 घंटों में सुलझ गया. लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए, इस बारे में पूरी खबर आर्मी के अज्ञात सोर्सेज की तरफ से ही मीडिया में आयी है. अच्छा होगा, अगर भारतीय सेना आधिकारिक रूप से स्टेटमेंट जारी करके जमीनी हालत के बारे में हम सभी को बताये.



क्योकि जमीनी स्टैंड ऑफ तो निपटा लिया गया, लेकिन मीडिया में इनफार्मेशन स्टैंड ऑफ बना रहेगा. इसलिए उम्मीद है, भारतीय सेना ऑफिशियली इस बारे में स्टेटमेंट जारी करेगी.



आज पेंगोंग लेक पर विवाद की जानकारी हमें मिली है. लेकिन हमें bigger पिक्चर को नहीं भूलना चाहिए.



सवाल यही है, क्या चीनी सैनिको ने लोकल स्तर पर अपनी तागत दिखाने का निर्णय लिया? इसका जवाब तो ना में होना चाहिए.



लगता है, लद्दाख के यूनियन टेरिटरी बन जाने की खबर को चीन पचा नहीं पा रहा है, इसलिए खिसियानी चीनी बिल्ली पेंगोंग लेक का खम्बा नोच रही है.



आप सभी जानकार लोग हैं, चीन भारत के लिए मीठी चासनी से भरी कितनी ही बातें कर ले, जमीनी हक़ीक़त यही रहेगी, की दुनिया का सबसे लम्बा सीमा विवाद भारत और चीन के बीच में है.



अभी कुछ ही दिनों पहले इस सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चीन के विदेश मंत्री भारतीय NSA से मिलने के लिए पाकिस्तान से होकर आ रहे थे.



शयाने चीन को आइना दिखाते हुए, भारत ने उनकी यात्रा ही पोस्टपोन कर दी.  बात यह है, भारत कितना भी लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल और लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल के विवाद को अलग करने की कोसिस करता रहे, चीन और उसका प्यादा पाकिस्तान इन दोनों विवाद को एक ही चश्मे से देखते हैं.



बात साफ़ है, ना तो अकेला पाकिस्तान और ना ही अकेले चीन में हिम्मत हैं, की वह अकेले भारत से निपट सकें.



इसलिए जब पाकिस्तान लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो चीन लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल पर फड़फड़ा रहा है.



लेकिन आज हमें यह भी ध्यान रखना होगा, की पेंगोंग लेक में ऐसा क्या है, की यहाँ पर भारत और चीन के सैनिक बार बार आमने सामने आ जाते हैं.



हमारी ज्यादातर मीडिया के लिए पेंगोंग लेक का महत्व यही पर समाप्त हो जाता हैं, की वहां पर थ्री इडियट मूवी का क्लाइमेक्स फिल्माया गया था.



लेकिन चीन के लिए भारत पर offensive अटैक करने के लिए पेंगोंग लेक का उसकी चुसुल एप्रोच में बहुत अधिक इम्पोर्टेंस है.



चुसुल में भारत की एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड एयर स्ट्रिप है, जिसका प्रयोग 1962 के युद्ध में किया गया था, और पास में ही रेजांग ला की भी लड़ाई हुई थी, जिसमे भारतीय सैनिको ने दुनिया के मिलिट्री इतिहास में यादगार असाधारण वीरता और सर्वोच्च वलिदान का परिचय दिया था.



भारतीय सेना का अनुमान है, यदि भविस्य में चीन ने भारत पर आक्रमण करने की सोची, तो वह इस लेक के दोनों उत्तरी और दक्षिण किनारों से जबरदस्त हमला कर सकता है.



अब आप कह सकते हैं, की हम जबरदस्ती आपके प्यारे चीन के खिलाफ माहौल को बिगाड़ रहे हैं, लेकिन वर्ष 1999 में कारगिल विवाद के दौरान जब भारतीय सेना का पूरा ध्यान चीनी कठपुतली पाकिस्तान पर था, तभी इंडियन आर्मी की यूनिट के इस Pegong लेक के इलाके से कारगिल की तरफ मूव करते ही, मौका देख कर लोमड़ी चीन ने LAC के भारतीय सीमा की तरफ इसी पेंगोंग लेक के किनारे पर 5 किलोमीटर लम्बी सड़क बना दी थी.



हो सकता है, कल जो विवाद हुआ, उसके लिए सैनिक भी उसी सड़क से आये हो.



लेकिन मुद्दे की बात यह है, की चीन की स्ट्रेटेजी में पेंगोंग लेक का महत्व बहुत अधिक है, जिसका दो तिहाई हिस्सा पहले ही चीन के कण्ट्रोल में है, और आप तो समझदार है, भविस्य में इस लेक के शेष एक तिहाई हिस्से पर कब्ज़ा करने के लिए तो चीन भारत पर आक्रमण करेगा नहीं.



आज का बेहद आसान सवाल है, पेंगोंग लेक भारत की किस यूनियन टेरिटरी में स्थित है.

पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, Ravinder Kumar.



और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.

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