सऊदी अरब पर हुए ड्रोन अटैक से भारत को क्या नुकसान होगा?


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नमस्ते दोस्तों, चलिए आज के रोचक रियल क्विक एनालिसिस की चर्चा करते हैं.
जैसा की आपको पता लग गया होगा, की सऊदी अरब में दुनिआ के सबसे बड़े क्रूड आयल स्टेबिलाइजेशन प्लांट में ड्रोन स्ट्राइक हुए है.

जिसके लिए अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, तो जवाब ने ईरान ने कह दिया है, की इस ड्रोन स्ट्राइक के पीछे उसका हाथ नहीं है.

खाड़ी की राजनीती को साइड में रख कर इस वीडियो में हम जल्दी से सिर्फ इस बारे में चर्चा करेंगे, की इस ड्रोन अटैक का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

इस ड्रोन अटैक के कारण, कम से कम कुछ दिनों के लिए ही सही  सऊदी अरब के कच्चे तेल का उत्पादन अब आधा हो गया है, और इससे दुनिया में आयल सप्लाई के कम होने की आशंका बढ़ गयी है. कल जैसे ही मार्केट खुलेगा, तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की अपेक्षा सभी लोग कर रहे हैं.

आयल मार्केट में आतंक ना फ़ैल जाये, इसलिए सऊदी अरब ने अनाउंसमेंट भी कर दिया है, की भले ही कच्चे तेल का उत्पादन कम हो गया हो , लेकिन सऊदी अरब के पास कच्चे तेल के विशाल भंडार है, इसलिए दुनिआ के बाजार में कच्चे तेल की कमी नहीं आने दी जाएगी .

इसी बीच ईरान की लोकल मीडिया भी खुसी से झूमने लगी है, क्योकि उन्हें लगता है, की अब दुनिआ में आयल की कमी आने से जो उसकी कीमतों में उछाल आएगा, उसके कारण अमेरिका ईरान को तेल बेचने देगा.

क्योकि ईरान का अनुमान यह है, की जैसे ही आयल की कीमतें आसमान छुएंगी, जिन देशों ने हाल में ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया है, वह देश अमेरिका पर दबाब बनाएंगे, वैसे भी अमेरिका और ईरान की दुश्मनी की कीमत आखिर यह देश कैसे अदा कर सकते है.

आप सभी ने देखा होगा, की ईरान से दुनिया ने लगभग तेल खरीदना बंद कर दिया, फिर भी आयल की कीमतों में उछाल नहीं आया था. इसलिए कच्चे तेल की निचली कीमतें दुनिया में ईरान के महत्वा पर ही सवालिया निशान लगा रही थी.

पिछले कुछ समय से खाड़ी में आयल टैंकर्स को लेकर छोटी बड़ी घटनाएं हुई थी, लेकिन  इसके बाबजूद दुनिया में मंदी के डर से भी तेल की कीमतों में उछाल नहीं आ रहा था.

पिछले कुछ दिनों से ईरान भी दुनिया भर के देशो से कह रहा था, की उन्हें ईरान से तेल खरीदना चालू कर देना चाहिए, अभी कुछ ही दिनों पहले भारत में ईरान के राजदूत ने हिदोस्तान को खरी कोटि सुनाने की कोसिस करि थी, ताकि भारत ईरान से तेल खरीदने के बारे में सोचने लगे.

ईरान ने भारत पर दवाब बनाने के लिए चाबहार पोर्ट की रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट से भारत को बहार सा निकाल दिया है.

इसलिए ईरान इस ड्रोन अटैक के पहले से ही तैयारी तो कर रहा था, सऊदी अरब के दिल में हुए इस ऐतिहासिक हमले से ईरान की योजना का पता तो चल ही रहा है.

अमेरिका की ईरान पर चल रही मैक्सिमम प्रेशर कैंपेन का लक्स्य था, की अमेरिका ईरान को तेल की एक बूँद तक नहीं बेचने देगा, इसलिए ड्रोन अटैक से अमेरिका की रणनीति को असफल करने की भरपूर कोसिस की जा रही है.

बात साफ़ है, एक और अमेरिका और सऊदी अरब दुनिआ में तेल की सप्लाई को comfertable स्तर पर बनाये रखने की पूरी कोसिस कर रहे हैं, तो दूसरी  ओर ईरान इस कोसिस को नाकाम करने में लगा है.

इसी बीच भारत के विदेश सचिव भी दो दिनों की यात्रा पर ईरान पहुंच गए हैं, अमेरिकी NSA जॉन Bolton के ऑफिस खाली करने के बाद, हम सभी यह उम्मीद कर रहे थे, की अमेरिका और ईरान के बीच डील को लेकर कोई बात आगे बढ़ेगी, और इसी परिद्रस्य में भारत के विदेश सचिव की यात्रा का बहुत अधिक महत्वा था.

लेकिन आज की घटना ने पूरा पाशा ही पलट दिया है, जब अमेरिका ईरान की तरफ नरमी सी दिखा रहा था, तभी इस ड्रोन अटैक ने माहौल को गरमा दिया है.

जैसा की अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ होने का पूरा अस्वासन दिया है, और सऊदी अरब भी इस ड्रोन अटैक का जवाब देगा, यह भी पूरी तरह से तय है. सवाल सिर्फ यह है, की सऊदी अरब कब और कैसे जवाब देगा.

अभी जबकि खाड़ी में तापमान ऊँचे स्तर पर बना हुआ है, सवाल उठता है, क्या भारत ने अपनी रणनिति  को बदल लेना चाहिए.

यदि आप जमीं पर देखें, तो इस ड्रोन अटैक से भारत के लिए कुछ खास नहीं बदला है, जब तक अमेरिका और सऊदी अरब तेल की सप्लाई को बनाये रखते हैं, हमें भड़ भड़ाकर रिएक्शन देने की जरूरत नहीं है.

पिछले महीने सऊदी अरब, UAE भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे थे, तो ईरान ने भी पाकिस्तान के साथ दिखने की कोसिस करि थी.

इस ड्रोन अटैक से एक बात समझ में आती है, की ईरान की तरफ नरमी दिखाने से क्या परिणाम भुगतना पड़ सकता है. इसलिए कुछ समय के लिए इस घटनाक्रम को धैर्य पूर्वक देखने में ही भलाई है.

जहाँ तक हमें समझ आता है, ड्रोन अटैक के कारण भारत को जल्दवाजी में अपनी रणनीति में परिवर्तन नहीं करना चाहिए. 

उम्मीद है, तेल की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल नहीं आएगा, लेकिन चूँकि माहौल तेजी से बदल रहा है, इसलिए आगे क्या होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है.

आज का बेहद आसान सवाल है, आज सऊदी अरब में हुए ड्रोन अटैक में किसका हाथ आपको जान पड़ता है?

पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, मनोज कुमार चौबे .

और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद

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