गिलगिट बाल्टिस्तान में लुटेरे चीन के खिलाफ क्यों हुए विरोध प्रदर्शन??
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आज के टॉपिक के बारे में चर्चा करने के पहले हम यह सवाल पूछना चाहते हैं, की यदि भारत ने इसराइल अथवा रूस को जम्मू कश्मीर प्रान्त में किसी भी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में शामिल किया होता, तो जम्मू कश्मीर के लीडर्स और भारत के बड़े बड़े एक्सपर्ट और मानवाधिकारों के रक्षक कितना रोना धोना मचाते.
भारत में रह कर पाकिस्तान से प्यार करने वालों की ही यह तागत है, की जो देश पोलियो जैसी बीमारी को अभी तक उखाड़ नहीं पाया, वही पाकिस्तान 24 घंटे में 48 बार भारत की बर्बादी के सपने देखता रहता है.
दुनिया में अभी तीन देश ऐसे हैं, जिनमे पोलियो की बीमारी अभी भी बनी हुई है, नाइ जेरिआ जैसे देश में पिछले तीन सालों में पोलियो का एक भी केस नहीं आया है, अफ़ग़ानिस्तान में वर्ष 2019 में अभी तक 13 केस और पाकिस्तान में 62 पोलियो के केस रिपोर्ट किये गए हैं.
अफ़ग़ानिस्तान पोलियो से नहीं निपट पा रहा है, यह बात समझ आती है, लेकिन दिन रात कश्मीर का राग अलापने बाले पाकिस्तान को क्या पोलियो से प्यार हो गया है?
जम्मू कश्मीर के यूनियन टेरिटरी बनने पर बहुत से लोगों को बैचेनी हो रही है, लेकिन पाकिस्तान ने गिल गिट और बाल्टिस्तान को प्रभावी तौर पर सेंट्रल गवर्नमेंट के नीचे काम करने के लिए मजबूर कर दिया, तो ये लोगों ने अपने मुँह का इस्तेमाल दही ज़माने के लिए किया.
आप सभी को पता है, गिलगित बाल्टिस्तान में सोना प्लैटिनम कोबाल्ट और यूरेनियम के विशाल भंडार है.
पाकिस्तान के सरकारी आंकड़े के मुताबिक गिलगित बाल्टिस्तान में 1480 गोल्ड माइंस हैं, जिनमे से 123 खदानों में अच्छी क्वालिटी का सोना मिल सकता है.
लेकिन चीनी कंपनियों को गिलगित बाल्टिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने की खुली झूट मिली हुई है. और जब लोकल लीडर्स ने माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट के विदेशी कंपनियों को दिए जाने को लेकर आवाज उठायी, तो उन्हें या तो जेल में डाल दिया गया, अथवा POK से ही बाहर निकाल दिया गया.
पाकिस्तान की सरकार का यह दमन पिछले कई दशकों से चल रहा है, लेकिन जम्मू कश्मीर में इंटरनेट और व्हाट्सप्प के ना चलने के कारण जो लोग आज दिन रात रो रहे हैं, POK के लोगों पर पाकिस्तान के द्वारा किये जा रहे जुल्म के कारण कभी उनकी आँखें नम तक नहीं हुई.
चूँकि माइनिंग से सरकार को जो कमाई होती है, उसको गिलगत और बाल्टिस्तान की लोकल सरकार के साथ साझा भी नहीं किया जाता है, इसलिए वहां के लोकल लीडर्स इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं.
जम्मू और कश्मीर में विकास ना कर पाने के लिए भारत सरकार को हमेसा जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन गिलगित बाल्टिस्तान एशिया का सबसे गरीब इलाका है, और वहां पर आज भी 85% लोग खेती पर ही निर्भर हैं. तो इसका जिम्मेदार कौन है?
जम्मू कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए पाकिस्तान से बात करने की वकालात करने वाले भारत के विद्वान कभी पाकिस्तान से यह सवाल नहीं करते हैं, की पाकिस्तान ने गिलगित और बाल्टिस्तान के विकास और वहां से बेरोजगारी के निपटारे के लिए क्या किया?
क्या पाकिस्तान ने गिलगित बाल्टिस्तान को दुनिया का सबसे विकसित इलाका बना दिया , इसलिए वह अब जम्मू कश्मीर का उद्धार करने के लिए दिन रात परेशां रहता है.
आप सभी को पाकिस्तान के पाखंड के बारे में पूरी तरह से पता है.
जुल्म जब हद से गुजरता है, तो उसका विरोध सड़कों पर भी दिखाई देने लगता है.
ANI न्यूज़ एजेंसी के द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट के मुताबिक, POK की घांची डिस्ट्रिक्ट में विरोध प्रदर्शन इसलिए हुए, क्योकि पाकिस्तान ने जानवरों के लिए चरने की जमीं चीन को माइनिंग के लिए लीज पर दे दी.
प्रदर्शन करियों ने सड़कों पर चक्का जाम कर दिया, क्योकि माइनिंग लीज का मसला राज्य सरकार का विषय होता है.
लेकिन पाकिस्तान ने 300 माइनिंग की लीज चीन को दे दी, और गिलगित बाल्टिस्तान के विधान सभा के मेंबर्स को हवा तक नहीं लगी.
जिन लोगों को भारत में लोकतंत्र खतरे में दिखाई देता है, वही लोग POK में लोकतंत्र की खस्ता हालत देखने से पहले अपनी आँखों पर पट्टी बांध लेते हैं.
अच्छी बात यह है, की गिलगित और बाल्टिस्तान के लोगों ने फिर से चीन के द्वारा की जा रही लूट के खिलाफ आवाज उठाई है.
बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के माध्यम से दुनिया का कल्याण करने वाला चीन कभी यह नहीं बताएगा, की वह कैसे गिलगित और बाल्टिस्तान के लोगों का भला कर रहा है.
आप सभी समझदार हैं, पाकिस्तान और चीन दोनों एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं, लेकिन बात यह भी है, एक दूसरे के सदाबहार दोस्त होने के बाबजूद ये दोनों देश एक दूसरे को नुक्सान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं.
पाकिस्तान और चीन की दोस्ती का जोड़ भारत से दुश्मनी के फेविकोल से बना है, इसलिए यह आसानी से टूटेगा नहीं.
आज का बेहद आसान सवाल है, कौन सा देश दिन दहाड़े गिलगित बाल्टिस्तान को लूट रहा है?
पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, Diwakar Gupta
और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद
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