ब्रिक्स समिट के पहले दिन भारत के लिए बेहद खास क्या हुआ??
You can support us by being our Patron. In addition, you can suggest interesting topics to us
.On selected topics we will make special videos. Please click on below link to become our
Patron.
कृपया हमारे संरक्षक (Patron) बनकर हमें सपोर्ट कीजिये. साथ ही आप हमें टॉपिक्स सजेस्ट कर सकते हैं. चुनिंदा टॉपिक्स पर हम स्पेशल वीडियो बनायेगे. Patron बनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
https://www.patreon.com/Realquickinfo
Please click on below link to join us on Facebook
इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं.
https://www.facebook.com/realquickinfo/
Please click on below link to join us on Twitter
इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं.
Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/
Congratulations, you are today's lucky winner.😊👊👊😊
Please watch today's video.
Reference -
https://www.jagran.com/world/america-brics-summit-2019-pm-modi-speech-all-countries-should-should-deliberate-on-a-social-security-agreement-19755871.htmlhttps://www.livemint.com/news/india/pm-modi-at-brics-india-world-s-most-open-investment-friendly-economy-11573689259463.html
https://timesofindia.indiatimes.com/india/pm-modi-meets-russian-prez-putin-gets-invitation-for-annual-victory-day-celebrations/articleshow/72047513.cms
https://www.deccanherald.com/national/modi-invites-brazil-prez-to-be-chief-guest-at-r-day-776089.html
https://www.ndtv.com/india-news/prime-minister-narendra-modi-meets-chinese-president-xi-jinping-in-brazil-says-new-direction-new-ene-2132137
https://www.hindustantimes.com/world-news/need-new-growth-points-in-india-china-trade-president-xi-tells-modi-in-brazil/story-NPhXTmvfBFZGtLtmCDxRfL.html
https://www.livemint.com/news/world/india-china-meet-at-brics-new-panel-for-trade-deficit-should-meet-early-11573704227992.html
जैसा की आपको पता होगा, दो दिवसीय 11 वे ब्रिक्स शिखर सम्मलेन में भाग लेने के लिए मोदी जी ब्राज़ील की यात्रा पर गए हुए हैं.
चलिए इस वीडियो में हम क्विकली चर्चा करते हैं, की पहले दिन भारत के लिए क्या कुछ खास हुआ.
सबसे पहले बात करते हैं, ब्रिक्स बिज़नेस फोरम की. जिसके समापन भाषण में मोदी जी ने विस्वास दिलाया, की भारत दुनिया का सबसे ज्यादा ओपन और इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली देश हैं.
ब्रिक्स देशों के भारत में निवेश का आह्वाहन करते हुए, मोदी जी ने पहली बार ब्रिक्स देशों के बीच म्यूच्यूअल सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट का आईडिया पेश किया.
जिसके अंतर्गत अगली ब्रिक्स समिट के पहले सामाजिक सुरक्षा को लेकर ऐसे पांच छेत्रों की पहचान की जाएगी, जिनमे ब्रिक्स देश मिलकर जॉइंट वेंचर डाल सकते हैं, ताकि पांचो देश एक दूसरे की छमताओं का अच्छे से लाभ उठा पाए.
भारत के इस आईडिया से आपको समझ आ गया होगा, की हम अब धीरे धीरे ब्रिक्स में Follower की जगह लीडरशिप पोजीशन पर आ रहे हैं. अब हम दूसरों के आइडियाज पर अमल नहीं करते हैं, बल्कि न्यू इंडिया नए और बेहतर आइडियाज को सबके सामने प्रस्तुत करता है.
आगे बढ़ते हुए, मोदी जी की राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की चर्चा करते हैं, जिसमे दोनों नेताओं ने भारत और रूस के प्रगाढ़ होते हुए रिश्ते को रिव्यु किया. साथ ही सुरक्षा व्यापर और सांस्कृतिक स्तर पर बढ़ते हुए मेलजोल को सराहा.
तो राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी साहेब को अगले साल 9 मई को रूस में Victory डे सेलिब्रेशन में भाग लेने के लिए एक बार फिर invite किया. आपको पता होगा, विक्ट्री डे मई 1945 में अलाइड फोर्सेज की जर्मनी पर जीत की याद में मनाया जाता है.
साथ ही अगले साल से भारत और रूस के बीच सालाना Bilateral Regional फोरम की व्यवस्था का विकास किये जाने का दोनों नेताओं ने निर्णय लिया. ताकि रूस और भारत के राज्यों की सरकारें आपस में मिलकर विकास के रास्ते खोझे और उनमे आने वाली रुकावटों को साथ मिलकर निपटाएं.
हमारे यहाँ के लिबरल एक्सपर्ट मोदी जी पर आरोप लगाते हैं, की उन्होंने सब काम सेंट्रलाइज्ड करके अपने हाथों में ले लिए है, अगर लिबरल एक्सपर्ट की बात सही है, तो यह कैसे हो गया, की मोदी जी भारत के राज्यों को खुला मौका दे रहे हैं, की वह प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध रूस के राज्यों के साथ कंधे से कन्धा मिला सकें.
आप सभी का साफ़ तौर पर मानना रहा है, की नेता लोग आते जाते रहते हैं, लेकिन रूस और भारत मिलकर जिस नई व्यवस्था का विकास कर रहे हैं, उससे दोनों देशों के बीच आपसी सम्बन्ध हर छेत्र में हमेशा के लिए मजबूत बने रहेंगे.
अब चूँकि ब्रिक्स समिट ब्राज़ील में हो रही है, इसलिए मोदी जी की ब्राज़ील के राष्ट्रवादी राष्ट्रपति के साथ मुलाक़ात की भी चर्चा कर लेते हैं, जिसमे मोदी जी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति को अगले 26 जनवरी के कार्यक्रम में मुख्य अथिति बनने का निमंत्रण दिया.
भारतीय गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ब्राज़ील के राष्ट्रपति एक बड़े बिज़नेस डेलीगेशन के साथ भारत आएंगे. और दोनों देश व्यापक तौर पर सामरिक साझेदारी को बढ़ाने की भी कोसिस करेंगे.
साथ ही दोनों देशो के नेताओं ने स्पेस और डिफेंस सेक्टर्स में आपसी सहयोग को बढ़ाने के ऊपर चर्चा करि,
अंत में हम मोदी जी की चीन के राष्ट्रपति के साथ मुलाक़ात की चर्चा करते हैं.
इस बार सायद आपने नोटिस किया हो, RCEP के जाल से बच निकलने के बाद मीठी मीठी बातें भारत की तरफ से की जा रही है.
मोदी जी ने कहा, की पांच सालों के दौरान दो अजनबियों के बीच बहुत घनिष्ट मित्रता हो गयी है. और दोनों नेताओं को एक दूसरे के ऊपर बेहद भरोसा भी हो गया है.
वैसे भी आखिर कब तक अकेला चीन ही प्यार भरी बातें करने का मजा लेता रहेगा, इस बार मौका भी था, और दस्तूर भी, मोदी जी ने चीन के चिड़े हुए राष्ट्रपति को प्यार के बोल सुना दिए.
तो चीन के राजा ने कहा, की चीन भारत के हाई क्वालिटी माल का स्वागत करेगा. खासकर दवाओं, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन के छेत्र में दोनों देशो के बीच ग्रोथ पॉइंट का विकास किया जाना चाहिए.
आपको चीन के सुल्तान की यह बातें बेहद अच्छी लग रही होंगी, लेकिन क्या आपने हाई क्वालिटी वर्ड पर ध्यान दिया.
आपको पता होगा, चीन भारत के माल का तो हमेसा से स्वागत करता रहा है , लेकिन चीन ने अपने हाई क्वालिटी स्टैण्डर्ड तय ऐसे किये हैं, की भारत के माल को चीन के बाजार में एंट्री के लिए कभी परमिशन ही न मिल पाए. दूसरे देशों से आयत को हमेसा कम रखने के लिए ही हाई क्वालिटी स्टैंडर्ड्स जैसे नॉन टैरिफ बैरियर की ग्रेट वाल ऑफ़ चाइना बनायीं गयी है, जिससे भारत का माल कभी लाँघ नहीं सकता है.
इसलिए साफ़ तौर पर हमें कोई उम्मीद नहीं है, की भारत से चीन को निर्यात भविस्य में कोई ज्यादा बढ़ पायेगा.
लेकिन मोदी जी भी इतनी जल्दी उम्मीद छोड़ने वालों में से नहीं है.
आपको सायद याद हो,चेन्नई कनेक्ट इनफॉर्मल समिट के दौरान दोनों देशो के बीच ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने के लिए दोनों देशो के वित्त मंत्रियों के स्तर पर एक ग्रुप के गठन को लेकर दोनों नेता एक सहमति पर पहुंचे थे.
इसलिए मोदी जी ने चीन के राष्ट्रपति से आग्रह किया, की चीन के साथ भारत का व्यापारिक घाटा अब असहनीय हो चला है, इसलिए दोनों देशों के सीनियर मिनिस्टर्स ने जल्द से जल्द मिलना चाहिए, ताकि भारत का चीन को निर्यात बढ़ाया जा सके.
हम सभी किसी भी देश के साथ बात करने के खिलाफ नहीं रहे हैं. लेकिन हमारा यह मानना साफ़ है, की चीन भारत का चीन को एक्सपोर्ट बढ़ने देगा , ऐसी उम्मीद करना बेमानी होगा.
एनीवे देखते है, भारत और चीन के बीच का व्यापार किस दिशा में आगे बढ़ता है.
आज का बेहद आसान सवाल है, ब्राज़ील के राष्ट्रपति का नाम क्या है, जो 26 जनवरी को भारत आने वाले हैं?
पिछले वीडियो में पूछे गए सवाल के लिए आज के लकी विनर हैं, दीपक नेहरा
और इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.
Tags
real quick info latest,real quick info,real quick analysis,rqi latest,trending now in india,trending news in india,study iq latest video,study iq latest current affairs,real quick info hindi,brics summit in brazil,brics summit 2019,brics 2019,pm modi in brics,modi brics summit,modi putin meet,Modi speech in BRICS 2019,BRICS latest news,BRICS India news,BRICS Summit India,modi latest news in hindi,modi latest news today,modi in brazil,modi in brics
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें