जय हो मोदी जी,Biggest Chinese Company to set up Production Plant in India!!



यदि आप हमें प्रोत्साहित और सपोर्ट करना चाहें, तो आप PayTM, Google Pay, Phone Pe नंबर - +917649046884 पर हमें डोनेट (any amount) कर सकते हैं. Thank You!! If you want to support & encourage our creative work, please donate (any amount) on PayTM, Google Pay, Phone Pe number- +917649046884. Thank You!!
यदि आप हमें प्रोत्साहित और सपोर्ट करना चाहें, तो आप PayTM, Google Pay, Phone Pe नंबर - +917649046884 पर हमें डोनेट (any amount) कर सकते हैं. Thank You!! If you want to support & encourage our creative work, please donate (any amount) on PayTM, Google Pay, Phone Pe number- +917649046884. Thank You!! Please join our membership & enjoy special perks. https://www.youtube.com/channel/UCo-l5eRAYHWjQtuhWsb3jEg/join You can support us by being our Patron. In addition, you can suggest interesting topics to us.On selected topics we will make special videos. Please click on below link to become our Patron. कृपया हमारे संरक्षक (Patron) बनकर हमें सपोर्ट कीजिये. साथ ही आप हमें टॉपिक्स सजेस्ट कर सकते हैं. चुनिंदा टॉपिक्स पर हम स्पेशल वीडियो बनायेगे. Patron बनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। https://www.patreon.com/Realquickinfo Please click on below link to join us on Facebook इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/realquickinfo/ Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/ Congratulations, you are today's lucky winner.😊👊👊😊 Please watch today's video. real quick info latest,real quick info,real quick analysis,rqi latest,trending now in india,trending news in india,study iq latest video,study iq latest current affairs,real quick info hindi,

Reference
https://en.wikipedia.org/wiki/LONGi
https://www.pv-tech.org/news/longi-solar-becomes-worlds-largest-module-manufacturer-with-latest-expansio
http://alternativeenergy24.com/chinas-longi-to-establish-production-base-in-india/
https://energy.economictimes.indiatimes.com/news/renewable/chinas-solar-power-giant-longi-eyeing-production-base-in-india/74432681

हम सभी कोयले और कच्चे तेल के बजाये सोलर एनर्जी को पसंद करते हैं.



अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में सबसे अधिक ऊर्जा की खपत भारत में होती है, और आज के समय में दुनिया का सबसे बड़ा क्लीन एनर्जी प्रोग्राम भारत में चल रहा है.



क्लीन एनर्जी से पर्यावरण को होने वाले लाभ के बारे में हम सभी को पता है, लेकिन इसके कारण दूसरे देशो से आयत किये जाने वाले कच्चे तेल पर भी हमारी निर्भरता कम होगी. और यह बात हम सभी को पता है, की क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल से हमारे कीमती विदेशी मुद्रा भंडार को भी बचाया जा सकता है.



लेकिन दुर्भाग्य यह है, एक और एनर्जी स्टोरेज के छेत्र में लगभग सभी लिथियम आयन बैटरी चीन से आती है, तो दूसरी और एनर्जी जनरेशन के छेत्र में 90% सोलर module का हम चीन मलेशिया सिंगापोर और ताइवान जैसे देशो से Import करते हैं.



यह जमीनी सच्चाई है, की सस्ते इम्पोर्टेड सोलर सेल्स के कारण भारत के डोमेस्टिक manufactures ने बहुत पहले अपनी अपनी फैक्ट्री पर ताले डाल दिए थे.



इस प्रकार साफ़ हो जाता है, की हम क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल करके अपने एनवायरनमेंट को तो बचा सकते हैं, लेकिन हम खाड़ी के कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता को कम करके चीन पर अपनी डिपेंडेंस को तेजी से बढ़ाते चले जा रहे थे. सरल शब्दों में  हम खाड़ी के कुए से बचने के लिए चाइनीस खाई में कूंद गए.



भारत सर्कार को यह सामरिक भूल समझ आयी, और उसने सोलर सेल्स के इम्पोर्ट पर सेफ़गार्ड ड्यूटी जुलाई 2018  में लगा दी. साथ ही यह नियम बना दिया गया, की जिन सोलर modules के निर्माताओं को क्वालिटी अप्रूवल मिला होगा, वही सरकारी सोलर प्रोजेक्ट में भाग ले पाएंगे.



जैसा की भारत सर्कार ने अचानक से पालिसी बदल दी, हम इस बात से सहमत है, की इस तरह से हुए परिवर्तनों से सोलर एनर्जी कैपेसिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की रफ़्तार धीमी हो गयी है. और यह बात भी सही है, की अच्छा होता, अगर मोदी सर्कार ने सोलर सेल्ल को लेकर एक बार में ही  स्थायी पालिसी बनायीं होती, जिसके बारे में किसी को कोई confusion नहीं होता.



लेकिन आप ही बताएं, भारत जैसे काम्प्लेक्स देश में सिंपल पालिसी का निर्माण एक बार में कैसे हो सकता है? और पर्फेक्ट पालिसी को इम्प्लीमेंट करने के चक्कर में हम कब तक गुड पालिसी को जमीं पर उतारने से बचते रहेंगे?



वैसे भी confusion का यह बहाना उन लोगों के द्वारा ही बनाया जाता है, जिनके चीन से सोलर module इम्पोर्ट करके वारे न्यारे हुए हैं.



एनीवे अब भारत सर्कार इस बहाने बाजी के भवर में नहीं फसती है. इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए,  पिछले साल जुलाई में पेश हुए बजट में भारत सर्कार ने घोसना करि थी, की सोलर फोटो वोल्टेइक सेल के मेगा मैन्युफैक्चरिंग plant के लिए टैक्स ब्रेक दिया जायेगा.



और जैसा की अब सोलर सेल पर वर्ष 2018 में लगाई जाने वाली सेफ गार्ड  ड्यूटी की व्यवस्था ख़तम होने वाली थी, तो भारत सर्कार ने पिछले महीने पेश हुए बजट में सोलर सेल्स और Modules के इम्पोर्ट पर २०% की कस्टम ड्यूटी लगा दी.



फिर क्या था, कोहराम मच गया, तर्क दिया जाने लगा, की मोदी सर्कार को काम करना नहीं आता है , ऐसे तो सोलर एनर्जी महगी हो जाएगी.



भारत की सच्चाई यही है, की हमें सस्ता माल तो चाहिए चीन से, लेकिन हम बढ़ती बेरोजगारी की लिए कोसेंगे मोदी को.



हमारे घर भरे पड़े हैं, मेड इन चाइना माल से, लेकिन हम  मोदी के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट का मजाक उड़ाते हैं.



चलिए कोई बात नहीं है, जलने वाले जलते रहेंगे, और चलने वाले चलते रहेंगे.



इसी दिशा में सोलर इक्विपमेंट के छेत्र में ग्लोबल मार्किट के 40 फीसदी हिस्से पर कब्ज़ा है, चाइनीस कंपनी लोंगी का.  और आज तक इसका भारत में सेल्स ऑफिस हुआ करता था, जिसका इस्तेमाल करके इंडियन मार्किट में लायी गयी थी, चाइनीस सोलर इक्विपमेंट की बाढ़.



अब international ट्रेड को ध्यान में रखते हुए, इंडियन घरेलु डिमांड को पूरा करने के लिए, यही कंपनी भारत में प्रोडक्शन प्लांट स्थापित करने जा रही है.



बात साफ़ है, व्यापर करना सबको है. जब चाइनीस सोलर टेक्नोलॉजी कंपनी मलेशिया में प्लांट लगा सकती है, तो भारत से ऐसी क्या दुश्मनी है.



बात यहाँ पर दूसरी है, चीन के खिलाफ बोलने और करने से हमारे देश के नेताओं के घुटने कांपते थे, कारण यही था, की लोंगी का मलेशिया में बना माल तो हमने ख़रीदा, लेकिन कभी यह नहीं सोचा, की लोंगी को मेक इन इंडिया के लिए कैसे मजबूर किया जाये?



अरे भाई, दुनिया का सबसे बड़ा क्लीन एनर्जी प्रोग्राम है हमारा, जिसको धंधे में रहना है, वह बनाएगा भारत में और बेचेगा दुनिया में.



आप भी बताएं, यदि मोदी सर्कार ने सोलर सेल्स और modules के इम्पोर्ट पर स्क्रू टाइट ना किये होते, तो क्या कोई कंपनी भारत में इनके उतपादन पर गम्बीरता से विचार करती?



सोलर प्रोजेक्ट धीमे हो जायेंगे, सोलर इलेक्ट्रिसिटी मॅहगी हो जाएगी, यदि हम यही सब सोचते रहते, तो आज लोगी को क्या सोचने की जरूरत थी, की चलो यार अब तो Make इन इंडिया करना ही पड़ेगा.



और यह कोई बहुत बड़े एक्सपर्ट के द्वारा सुझाया इलाज़ नहीं है, यह तो आप सभी का कॉमन sense हैं, तभी तो आप कबसे मांग कर रहे थे, की इधर चीन के माल पर कस्टम ड्यूटी बड़ी उधर चाइनीस ड्रैगन भीगी बिल्ली बनकर म्याऊ म्याऊ करने लगेगा.



लेकिन यहाँ पर साफ़ करना जरूरी है, की ये चीन की सबसे बड़ी सोलर टेक्नोलॉजी कंपनी मेक इन इंडिया पर विचार ही कर रही है, हमें यह निश्चित करना होगा, की इस कंपनी को हर संभव सहायता मुहैया कराइ जाए, ताकि जल्दी से जल्दी भारत में रोजगार बड़े.



हमेसा की तरह इन पॉजिटिव खबरों को मीडिया में कभी कवर नहीं किया जायेगा, वैसे भी जब नेगेटिव खबरों के बिकने की सम्भावना 30% अधिक हो, तो सकारात्मक खबरों को बेचने का धंधा कोई क्यों करे?



चलिए कोई बात नहीं, सफल होने में समय लग सकता है, लेकिन मोदी सर्कार सही दिशा में आगे बढ़ रही है, ऐसा हमें साफ़ साफ़ दिखाई देता है.



चाइनीस कंपनी लोंगी जल्द से जल्द इंडिया में प्लांट लगाएगी, इसी एक उम्मीद के साथ हम यह वीडियो समाप्त करते हैं.

Tags
Make In India latest News,Longi Solar to set up plan in India,China to participate in Make in India project,make in india project,Longi plant in India,Solar manufacturing plant in India

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Well Done President Trump - America Stops WHO Funding!!

मोदी योगी ने दी अमेरिकन मीडिया को करारी शिकस्त

How America indirectly HELPED in returning to Status Quo in between India and China?