The Power of Putin - Turkey Suffered Huge Loss in Syria


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Reference
https://www.dailysabah.com/politics/two-turkish-soldiers-killed-in-rocket-attack-by-radical-groups-in-idlib-de-escalation-zone/news
https://www.al-monitor.com/pulse/originals/2020/03/intel-turkey-target-north-syria-conflict.html
https://aawsat.com/english/home/article/2191561/russia-satisfied-turkey%E2%80%99s-military-patrols-along-syria%E2%80%99s-m4-highway
https://ahvalnews.com/operation-spring-shield/turks-grow-disillusioned-military-campaign-syria


हम सभी को पता है, 5 मार्च को टर्की के राष्ट्रपति ने रूस में जाकर घुटने टेक दिए. परिणाम यह हुआ, की ना सिर्फ M5 हाईवे हमेसा के लिए टर्की के हाथों से निकल गया, बल्कि M4 हाईवे पर भी रूस और टर्की ने मिलकर गस्त लगाने का निर्णय लिया.



कई सालों के बाद M5 हाईवे पर तो सीरिया की सर्कार ने कुर्बानियां देकर वापिस कब्ज़ा किया था. लेकिन M4 हाईवे पर अभी भी टर्की के द्वारा समर्थित बिद्रोहियों का कण्ट्रोल था, इसलिए टर्की के राष्ट्रपति ने अपनी जान बचाने के लिए टर्की के विद्रोहियों का सौदा प्रेजिडेंट पुतिन से कर लिया था.

आप सभी को जानकारी है, M4 हाईवे का महत्वा रूस के लिए कितना अधिक है, क्योकि यह हाईवे सीरिया में स्थित रूस के सबसे बड़े मिलिट्री बेस को स्ट्रेटेजिक M5 हाईवे से जोड़ता है.


फिर भी जबकि सीरिया की ceasefire डील में टर्की ने सरेंडर किया था, इसे मीडिया में ऐसे बेचा गया, मानो की टर्की ने पुतिन को परास्त कर दिया हो . लेकिन आपको भी पता है, झूठ की कलई जमीं पर खुल जाती है.


और वह दिन आ ही गया, 15 मार्च को  जब रूस और टर्की के M4 हाईवे पर जॉइंट पेट्रोल चालू करते ही  टर्की को दिन में तारे दिखाई देने लगे. अल जज़ीरा और मिडिल ईस्ट आई के रिपोर्टर्स के हवाले से इस जॉइंट पेट्रोल को बीच में ही रोकना पड़ गया, क्योकि इसका विरोध किया उन लोगों ने जिन्हे कुछ दिनों पहले तक टर्की का समर्थन प्राप्त था.

बात यह है, की M4 हाईवे गुजरता है, टर्की के द्वारा समर्थित विद्रोहियों के इलाके से, और मास्को सरेंडर डील के मुताबिक हाईवे के नीचे की पूरी जमीं सीरिया की सर्कार को मिल गयी, और M4 हाईवे एफ्फेक्टिवली बन गया था, नया बॉर्डर. इस नई सच्चाई को टर्की के राष्ट्रपति ने तो पचा लिया, लेकिन उनके पाले हुए विद्रोही इसे अभी तक हज़म नहीं कर पाए हैं.


इसलिए उन्होंने जॉइंट पेट्रोल का जम कर विरोध किया.और उन्होंने साफ़ कर दिया, की ना तो किसी ने उनसे M4 हाईवे खाली करने को कहा, और यदि कोई कहेगा भी तो वह उस बात को मानेगे नहीं.



जो बात टर्की के राष्ट्रपति को समझ नहीं आयी, वह बात इन विद्रोहियों को पता है, की M4 हाईवे को रूस के हवाले करके टर्की ने उनके डेथ वारंट पर साइन कर दिए है.



इसलिए अब वह किसी भी हालत में बिना लड़े M4 हाईवे से पीछे हटने वाले नहीं थे . मामला फसते देख, रूस के विदेश मंत्री ने टर्की के ऊपर पूरा बिल फाड़ दिया, और टर्की को M4 हाईवे को खाली  करने की जिम्मेदारी दे दी.

इसी बीच रसियन डिफेंस मिनिस्टरी ने शुक्रवार को स्टेटमेंट जारी कर दिया, की वह जॉइंट पेट्रोल की सफलता से पूरी तरह से संतुस्ट है . यहाँ तक की 5 मार्च को टर्की और रूस के बीच हुए युद्ध विराम समझौते के सन्दर्भ में प्रेजिडेंट पुतिन ने सीरिया के राष्ट्रपति से इस एग्रीमेंट के इम्प्लीमेंटेशन को लेकर बातचीत करि.

अब आप सोच रहे होंगे, की जिस टर्की रूस जॉइंट पेट्रोल को पूरा तक नहीं किया जा सका, उसके लिए प्रेजिडेंट पुतिन टर्की की पीठ क्यों ठोक रहे हैं.

अब आप स्वयं देखिये, रूस किस लेवल का गेम खेल रहा है, जब रूस टर्की के प्रदर्शन की तारीफ़  कर रहा था, तभी सीरिया में टर्की के सैनिको के ऊपर हो गया, जबरदस्त राकेट अटैक, जिसमे टर्किश सोल्जर्स को जान से हाथ धोना पड़ गया. यहाँ तक की टर्की के विदेश मंत्री ने इस छति को लेकर दुःख भी प्रकट कर दिया है.

लेकिन आश्चर्य की बात यह है, की टर्की के सैनिको पर यह राकेट ना तो रूस ने दागे और ना ही सीरिया के सैनिको का यह अटैक था, बल्कि यह रॉकेट्स उन्ही लोगों ने फायर किये थे, जिनके ऊपर कल तक टर्की का हाथ था. सरल शब्दों में, टर्की ने सीरिया में जिन सापों को पाला था, आज उन्हीं ने टर्की को डस लिया.

और टर्की भी क्या करता, वह यह तो बता पा रहा है, की सीरिया के de -escalation जोन में उस पर अटैक हुआ है, और उसने यह भी बताया, की उसने राकेट अटैक का मुँह तोड़ जवाब भी दे दिया है.

लेकिन हर बात पर सीरिया और रूस के ऊपर दोष का ठीकरा फोड़ने वाला  टर्की इस सवाल का जवाब देना नहीं चाहता है, की आखिर टर्की के सैनिको के ऊपर रॉकेट्स दागने की हिमाक़त किसने करि.

बात साफ़ है, जिस तरह टर्की ने M4 हाईवे का surrender कर दिया, टर्की के द्वारा समर्थित रिबेल टर्की के खिलाफ हो गए हैं. पहले टर्की केवल रूस और सीरिया से लड़ रहा था, लेकिन आज टर्की के हाथ को उन लोगों ने काट लिया है,, जो कल तक टर्की के हाथों से खाना खाते थे.

इसलिए यह बेहद स्वाभाविक है, की इस परिदृश्य को देखकर, रूस और सीरिया के राष्ट्रपति संतुस्ती प्रकट कर रहे हैं.

आप सभी ने यह पूरा घटनाक्रम देखा है, ना तो नेटो टर्की के काम आया, और ना ही यूरोपियन यूनियन से पैसा आया, और आज टर्की के द्वारा समर्थित विद्रोहियों ने ही टर्की के खिलाफ झंडा बुलंद कर दिया है.

जहाँ तक टर्की के परम मित्र परमाणु पटाखों वाले पाकिस्तान का सवाल है, वह तो और भी सयाना निकला, उसने 100 भाड़े की टट्टू कुर्बान करके फ्रेंडशिप की फॉर्मेलिटी पूरी कर दी.

इन हालातों  के बीच अब देखना होगा, 5 मार्च को टर्की और रूस के बीच हुई डील कब तक जिन्दा रहती है. यह डील बनी रहे, या टूट जाए, दोनों ही केस में रूस का तो फायदा ही फायदा है.
इस वक्त रूस के दोनों हाथों में लड्डू हैं. तो दूसरी तरफ अमेरिका नेटो और EU की तरफ से टर्की को सिर्फ बातों की लोल्लिपोप चूसने को मिल रही हैं.

घमंडी टर्की के राष्ट्रपति 5 मार्च को यह सोच रहे थे, की उन्होंने पुतिन को पोपट बना दिया. लेकिन आज टर्की के राष्ट्रपति के पावों के तले जमीं  खिसक चुकी है.

जिस तरह टर्की को मौत के जाल में प्रेजिडेंट पुतिन ने फसा दिया है, उसे देखकर आपको क्या लगता है, एड्रोगन और पुतिन में से कौन बेहतर खिलाडी है.आप अपना निर्णय नीचे कमेंट सेक्शन में लिखकर हम सभी को बताएं.

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