Well Done America - USCIRF Supports Hindus of Pakistan
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Reference
https://zeenews.india.com/world/coronavirus-covid-19-uscirf-troubled-by-denial-of-food-to-hindus-christians-in-pakistan-2276262.htmlReference
https://www.hindustantimes.com/india-news/uscirf-says-troubled-by-denial-of-food-to-pakistani-hindus-christians/story-E4XHUc6GOs2TfURkTelnFK.html
aninews
https://www.aninews.in/news/world/asia/discrimination-amid-pandemic-pakistan-refuses-to-give-food-to-hindus-as-covid-19-rages20200401123439/
https://www.newindianexpress.com/world/2020/apr/01/discrimination-amid-pandemic-pakistan-deny-food-supplies-to-hindus-christians-as-coronavirus-rages-2124304.html
https://www.uscirf.gov/news-room/press-releases-statements/uscirf-troubled-denial-food-aid-pakistani-hindus-and-christians
https://www.uscirf.gov/sites/default/files/Tier1_PAKISTAN_2019.pdf
https://www.thestatesman.com/india/uscirf-condemns-stigmatisation-of-muslims-amid-covid-19-pandemic-in-india-1502877123.html
https://www.uscirf.gov/sites/default/files/2019USCIRFAnnualReport.pdf
https://twitter.com/uscirf?lang=en
https://www.thenews.com.pk/print/637723-no-evidence-supports-indian-news-agency-s-baseless-story-claiming-hindus-denied-rations-in-karachi
http://asianews.it/news-en/Coronavirus:-Karachi-NGO-denies-food-to-poor-Hindus-and-Christians-49699.html
आप सभी को अच्छे से याद होगा, की पिछले महीने के ख़तम होते होते, इस तरह की खबरें आना चालू हो गया, की कोरोना संकट के दौरान भी पाकिस्तान में हिन्दुओं और क्रिश्चियन्स के साथ भेदभाव हो रहा है.
तब इस खबर को भारतीय मीडिया में कवर किया गया था, लेकिन CAA का विरोध करने वाली हमारे देश की पाकिस्तानी पोलिटिकल क्लास ने अपनी आँखों पर पट्टी बांध कर मुँह में दही जमा लिया था .
जिस खबर को भारत सर्कार ने भी इग्नोर कर दिया, उस पर ध्यान चला गया,यूनाइटेड स्टेट्स कमीशनon इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम का.
और उसने कल पाकिस्तान की निंदा करते हुए स्टेटमेंट ऑफिशियली रिलीज़ कर दिया.
अमेरिकी संघटन का साफ़ तौर पर कहना है, की खाद्य सामग्री और सहायता किसी को भी यह देखते हुए नहीं दी जानी चाहिए, की आखिर वह किस मत का मानाने वाला है. और USCIRF ने पाकिस्तान से प्रार्थना करि, की वह हिन्दुओं क्रिश्चियन्स और अन्य धार्मिक अल्पसंख़्यकों के साथ समानता का व्यबहार करे.
पाकिस्तान के ज्ञानी प्रधानमंत्री को ज्ञान बांटने का काफी शौक है, इसलिए USCIRF ने उनकी उन्ही की स्पीच का हवाला देते हुए याद दिलाया, की कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई भूखा ना मरे, यह निश्चित करते समाय पाकिस्तान धर्म के आधार पर भेदभाव ना करे.
जबकि खुद पाकिस्तान का आल वेदर फ्रेंड चीन कहता है, की कोरोना वायरस धर्म और जाती के आधार पर भेदभाव नहीं करता है, तो फिर पाकिस्तान क्यों अपने ही नागरिकों की मदद करने से पहले उनके धर्म को देखकर भेदभाव करता है.
जबकि इस तरह की खबरें छपी थी, की पाकिस्तानी सिंध प्रान्त के कराची शहर में हिन्दुओं और क्रिश्चियन्स को राशन देने से NGO ने सिर्फ इसलिए मना कर दिया, क्योकि खाद्य सामग्री पर सिर्फ मुस्लिम लोगों का हक़ है.
जैसा की आप सभी ने observe भी किया होगा, आज कल एक चलन सा चल पड़ा है, की जो खबर आपके खिलाफ है, उस पर फेक न्यूज़ का ठप्पा लगा दो.
जब भारत में फैक्ट चेकिंग इंडस्ट्री ही फेक न्यूज़ इंडस्ट्री बन चुकी हो, तो भला पाकिस्तान में ऐसा क्यों नही होगा.
इसलिए पिछले दो सप्ताहों में इस तरह की फैक्ट चेकिंग पाकिस्तान में खूब चली, जिसका निष्कर्ष यह था, की पाकिस्तान में हिन्दुओं की दुर्दशा को लेकर इंडियन मीडिया में फेक न्यूज़ फ़ैल रही है.
अब तो USCIRF का ध्यान भी इन रिपोर्ट पर चला गया है, पाकिस्तान चाहे तो कर ले USCIRF का मुँह बंद.
लेकिन हमें यहाँ पर यह भी ध्यान रखना होगा, की USCIRF के स्टेटमेंट से होना जाना कुछ नहीं है. पाकिस्तान में हिन्दुओं की दुर्दशा पर जब दुनिया का ध्यान गया, तो पिछले साल पाकिस्तान ने ऐलान कर दिया था, की 400 मंदिरों का जीर्डोंद्धार किया जायेगा.
एक साल पूरा होने को है, और केवल 12 खंडित मंदिरों को ही चालू किया जा सका है. और फिर कोरोना वायरस को लेकर भेदभाव की खबरें भी आने लगी.
वैसे साल दर साल अल्पसंख्यकों के कल्याण का बहाना बनाकर पाकिस्तान ने फॉरेन डोनेशन के रूप में खूब मलाई उड़ाई है.
आजके दिन हमें USCIRF के फर्जीवाड़े पर भी ध्यान देना होगा, USCIRF ने पाकिस्तान को वर्ष 2018 और 2019 में कन्ट्रीज ऑफ़ पर्टिकुलर कंसर्न की टियर वन लिस्ट में रखा हुआ है, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को इस लिस्ट में शामिल होने से लगने वाले आर्थिक प्रतिबंधों से छूट दे रखी है.
इसलिए कोई अचरज की बात नहीं है, की पाकिस्तान USCIRF की एनुअल रिपोर्ट्स और ऑफिसियल स्टेटमेंट को कोई भाव नहीं देता है.
वैसे भारत के हर मामले में टांग अड़ाने वाले USCIRF को हिन्दुओं की हालत पर स्टेटमेंट जारी करने का समय मिल गया, यह भी एक संतोसप्रद घटना है. लेकिन इसका श्रेय जाता है, आप सबको, क्योकि आप लोगों ने जम कर इन सघठनो के पाखंड का मुद्दा उठाया है.
सायद आपको याद हो, USCIRF ने भी CAA का विरोध किया था, सायद आज इस अमेरिकी इंडिपेंडेंट सघठन को समझ आ जाये, की भारत ने यह कानून क्यों बनाया था.
इसी दौरान कल रात को USCIRF ने पाकिस्तान के खिलाफ स्टेटमेंट जारी किया, तो आज अपनी निष्पक्षता को दर्शाने के लिए USCIRF ने भारत के खिलाफ भी ट्वीट कर दिया, की कोरोना वायरस को फ़ैलाने के लिए एक समूह को उसके धर्म के आधार पर टारगेट किया जा रहा है.
USCIRF को इन खबरों को पड़ने का समय तो मिल गया, लेकिन क्या उसकी नजर उन रिपोर्ट्स पर नहीं गयी, की इस तब्लीग़ी समूह के लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कैसा व्यवहार किया??
क्या USCIRF को यह नहीं पता, की आज भी भारत के सभी लोगों को बराबर सुविधाएँ और इलाज़ मिल रहा है. जिन लोगों ने डॉक्टर्स के ऊपर थूका और उन पर पत्थर बरसाए, उन लोगों के साथ आज भारत में रत्ती भर भी भेदभाव नहीं हो रहा है.
इसलिए पाकिस्तान और हिंदुस्तान में भेद करना USCIRF सीखे, यह भी समय की मांग है. क्योकि निष्पक्ष होने के लिए निष्पक्षता का दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं होती है.
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