Israel to make Electric Commercial vehicle in India for the world
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लम्बे समय से आप सभी का कहना रहा है, की डिफेंस फील्ड में भारत और इसराइल के बीच चट्टान की तरह मजबूत सम्बन्ध हैं ही. लेकिन डिफेंस इक्विपमेंट के बायर सेलर रिलेशनशिप से आगे बढ़कर दोनों देशो ने अन्य छेत्रो में एक दूसरे के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चलना चाहिए.
टेक्नोलॉजी की फील्ड में इसराइल की महारत के बारे में बात करना ऐसा होगा, जैसे की हम सूरज को दिया दिखा रहे हैं. फिर भी यह सम्भावना हम सभी ने identify की थी, जिसके अंतर्गत इसराइल की टेक्नोलॉजी इंडियन मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के साथ मिलकर ग्लोबल मार्किट में धमाल मचा सकती है.
इसी दिशा में भारत और इसराइल ने एक बड़ा कदम उठाया, जब भारत के दूसरे सबसे बड़े कमर्शियल व्हीकल मेकर महिंद्रा & महिंद्रा ने इसराइल के स्टार्ट उप री automotive के साथ इस सप्ताह मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्छर किये.
री automotive ने एक ऐसे इलेक्टिक व्हीकल कार्नर मॉडुल एंड प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी का विकास किया है, जिसमे पॉवरट्रेन सस्पेंशन और स्टीयरिंग कॉम्पोनेन्ट सभी एक साथ पहियों के पास में फिट हो जाते हैं.
इस प्लेटफार्म की स्पेशलिटी इसकी फ्लेक्सिबिलिटी है, जिसकेऊपर मन चाहे किसी भी व्हीकल कार, ट्रक, बस, टैक्सी इत्यादि को डिज़ाइन किया जा सकता है,
साथ ही साथ इसमें ऑटोनोमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी भी शामिल है, मतलब यह प्लेटफार्म बिना ड्राइवर के भी रोड पर चल सकता है.
अब जबकि री Automotive ने यह हाई टेक प्लेटफार्म develop कर लिया है, तो सवाल उठता है, कैसे इसका लार्ज स्केल पर लौ कॉस्ट के साथ प्रोडक्शन किया जा सके.
और REE Automotive की इसी जरूरत को पूरा किया, भारतीय कंपनी महिंद्रा ने. अब आगे आने वाले कुछ महीनो में दोनों कंपनियां मिलकर कौन सा प्रोडक्ट कब कैसे और किन शर्तों पर लांच करना है, इस बारे में बातचीत और परामर्श करेंगे.
भारत इसराइल की इस पार्टनरशिप की विशालता का अंदाज़ा आपको सिर्फ इस बात से लग जायेगा, की शुरुआती वर्षो में ही यह दोनों कंपनियां मिलकर दो से ढाई लाख कमर्शियल व्हीकल को भारत और दुनिया भर के बाजार में बेचने की योजना पर काम कर रहे हैं.
हम सभी को पता है, इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी का फ्यूचर है, और खासतौर पर कमर्शियल व्हीकल केटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल के उपयोग की संभावनाएं अपार हैं.
खाड़ी के देशो के कच्चे तेल पर हमारी निर्भरता को कम करने के लिए बेहद जरूरी है, की जल्दी से जल्दी हम इलेक्ट्रिक व्हीकल को अपनाएं. पॉइंट सिंपल है, इस कच्चे तेल का खेल ख़तम करने का समय आ गया है.
और यह सब उपदेश देने से नहीं होगा, जब तक हम डीज़ल बेस्ड व्हीकल से हर मामले में बेहतर इलेक्ट्रिक व्हीकल का विकास नहीं करेंगे, तक तक जमीनी स्तर पर धुआँ उड़ाने वाली गाड़ियों का ही राज रहेगा.
हमें उम्मीद है, की महिंद्रा और री ऑटोमेटिव की यह पार्टनरशिप ग्लोबल लेवल पर बेस्ट इन क्लास कमर्शियल व्हीकल को जल्द से जल्द लांच करेंगे. इन दोनों कंपनियों को हमारी तरफ से शुभ कामनाएं
बात साफ़ है, डिफेंस ट्रेड से आगे बढ़कर सिंचाई खेती बाड़ी, कोरोना टेस्टिंग और अब Electric कमर्शियल व्हीकल की केटेगरी में रंग ज़माने के लिए भारत और इसराइल की जोड़ी तैयार है.
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