Thank you UAE - Double Benefit for India
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https://www.mediaoffice.ae/en/news/2020/August/26-08/DMCC-partners
https://www.youtube.com/watch?v=rvB1xeUYb8E
अपनी नई किताब में भारतीय विदेश मंत्री जी ने UAE को उन पांच देशो में शामिल किया है, जिन पर इंडियन फॉरेन पालिसी के अंतर्गत काम करते हुए सबसे अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए.
हाल ही में इसराइल और UAE के बीच संबधो में ऐतिहासिक सुधार हुआ है, जय शंकर साहेब के अनुसार जैसे जैसे भारत के ये दो स्ट्रेटेजिक फ्रेंड्स एक दूसरे के करीब आ रहे हैं, भारत के लिए अवसरों का खजाना खुल जा सिम सिम हो रहा है.
इस घटनाक्रम की पृष्ठ भूमि में कई बार हमारे मन में यह अफ़सोस होता है, की विदेश निति का किसान और आम आदमी की जिंदगियों से कोई लेना देना नहीं है.
रेगिस्तान में फसल नहीं उगती है, इसलिए UAE खाद्य पदार्थो के लिए Import पर निर्भर रहता है. और भारत बड़े पैमाने पर अग्रि commodities UAE को एक्सपोर्ट करता आया है.
इसी दौरान कोरोना वायरस के कहर से दुनिया भर की सप्लाई चैन अस्त व्यस्त हो गयी.
लेकिन अब इंडिया और UAE के बीच एग्री कमोडिटीज का व्यापर पूरी तरह से बदलने जा रहा है.
UAE में भारतीय राजदूत की उपस्थिति में एक कार्यक्रम के दौरान दुबई multi कमोडिटीज सेंटर्स ने एक ऐसे प्लेटफार्म को लांच कर दिया है, जिसकी मदद से भारतीय किसान सीधा अपना माल UAE के बड़े बड़े buyers को बेच पाएंगे.
ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी पर आधारित अग्रिऑटो नामक इस अत्याधुनिक ऑनलाइन प्लेटफार्म का विकास इंडियन कंपनी क्रॉप डेटा टेक्नोलॉजी ने किया है. जिसकी मदद से दालों, तिलहनों, फल, सब्जी, मिर्च मसालों इत्यादि की ट्रेडिंग की जा सकेगी.
जाहिर है, यह आधुनिक सिस्टम UAE की फ़ूड सिक्योरिटी को बढ़ावा देगा, साथ में भारतीय किसानो और व्यापारियों को भी सीधा UAE और खाड़ी के बाजार तक पहुंच मिल जाएगी.
ऐसा नहीं है, की यह ऑनलाइन मार्किट प्लेस अचानक से develop हो गया.
भारत के छोटे और मझोले किसानो की मदद के लिए इस प्लेटफार्म का विकास वर्ष 2018 के इंडिया UAE एग्रीमेंट के अंतर्गत किया गया, जिसे मोदी साहेब की UAE यात्रा के दौरान फाइनल किया गया था.
अब आप स्वयं देख लीजिये, दो साल पहले मोदी जी ने जो बीज बोये थे, उनमे अब फल लगने लगे हैं. जाहिर है, जो लोग एक दिन में लंका बसने की अपेक्षा संजोये बैठे हैं, वह कल भी उदाश थे, और आज भी हताश ही हैं.
जबकि यह प्लेटफार्म अब काम करने लगा है, हम उम्मीद कर सकते हैं, मिडिल ईस्ट के एग्री मार्किट में भारत का हिस्सा तेजी से बढ़ पायेगा.
दो देशो के बीच काम करने वाला यह इ मार्किट प्लेस एक बार फिर साबित करता है, की फॉरेन पालिसी आम आदमी और किसान के जीवन और आजीविका को सीधा सीधा प्रभावित करती है.
अंत में हम आशा करते हैं, की भारत और UAE का यह प्लेटफार्म यदि सफल होता है, तो इसे भारत के अन्य मित्र देशो के साथ भी रोल आउट किया जाये.
पॉइंट सिंपल हैं, दुनिया भर के बाज़ार में इंडियन फार्मेस और ट्रेडर्स को खुली पहुंच मिलनी चाहिए, इसलिए आज जो छोटा सा कदम आपको जान पड़ता हो, वह असल में सफल और लाभ दायक व्यापारिक यात्रा का एक शुभ संकेत हैं.
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