Well Done Indian Navy - We are Proud of you
आपको सायद याद हो, जून महीने में हमने एक वीडियो पब्लिश किया था, जिसमे हमने चर्चा की थी, की मिडिल ईस्ट से फ़िलीपीन्स को लौट रहे जहाज में जब आग लग गयी, तो इंडियन नेवी ने ना सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन को बखूबी अंजाम दिया, बल्कि दुर्घटना ग्रस्त जहाज का पूरा रिपेयर एंड मेंटेनेंस भारत में किया गया, साथ में घायल फ़िलीपीन्स के नौ सैनिको का उपचार भी भारत में किया गया.
यहाँ तक की इस पुरे वचाव कार्य्रकम में जितना भी खर्चा हुआ, उसका पूरा बिल आप सभी इंडियन टैक्स पयेर्स ने भरा.
फिर जब फ़िलीपीन्स के जहाज अपने देश पहुंच गए, तो फिलीपीन्स के नौ सेना अध्यक्ष और चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ ने लिखित में आधिकारिक रूप से भारत को धन्यवाद दिया था.
यह तो हो गयी २ महीनो पुरानी घटना की बात. जबकि कोरोना संक्रमण काल में ऑपरेशन समुद्र सेतु के अंतर्गत एक ओर इंडियन नेवी दूर दराज के इलाको से भारतीयों को वापस वतन लेकर आ रही है, वही दूसरी ओर तेजी से बढ़ती हुई चाइनीस चालबाजियों के कारण उसे हिन्द महासागर के चप्पे चप्पे पर हर पल नजर रखनी पड़ रही है,
इतना अधिक व्यस्त होने के बाबजूद इंडियन नेवी अभी भी हमें गौरवान्वित होने के और मौके दे रही है, यह बात और है, की इंडियन नेवी की यह पॉजिटिव उपलब्धियां नेगेटिव अखबारों में जगह नहीं बना पाती है.
हुआ यूँ की, श्री लंकन नेवी के तीन हवाई जहाजों ने यूक्रेन की यात्रा के लिए उड़ान भरी, जहाँ पर उनका scheduled रिपेयर एंड मेंटेनेंस होना था.
तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा के बीच इन नेवल एयरक्राफ्ट्स ने गोवा में स्थित INS हंसा नेवल बेस में लैंड किया, जहाँ पर इनको refuel किया जाना था.
जाहिर है, यह सब एक्टिविटी तो प्लान के अनुसार पूरी हुई, और ये तीनो जहाज आईएनएस हंसा नेवल बेस से यूक्रेन की तरफ हवाई मार्ग से रवाना हो गए.
लेकिन कुछ ही देर में श्री लंकन नेवी के एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में तकनिकी खराबी सामने आयी, और उसे INS हंसा नेवल बेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.
इंडियन नेवी के engineers ने एयरक्राफ्ट में फाल्ट को डिटेक्ट किया, और उसको रिपेयर भी किया.
इस दौरान श्री लंका के 15 एयर फाॅर्स ऑफिसर्स और 11 एयरमैन की एक रात के लिए INS हंसा नेवल बेस में रुकने की व्यवस्था भी की गयी.
फिर जब रूटीन इंस्पेक्शन के बाद तीनो श्री लंकन एयर क्राफ्ट को हवाई यात्रा के लिए ठीक पाया गया, तो उन्होंने कल उक्रैन के लिए उड़ान भरी.
मौके पर इंडियन नेवी ने श्री लंका की जो मदद की, उससे प्रभावित होकर भारत में श्री लंका के दूतावास ने आधिकारिक रूप से संकट काल में मदद के लिए इंडियन नेवी की भूरी भूरी प्रशंसा की, और यह भी कहा, की इंडियन नेवी ने दिखा दिया, की सच्ची दोस्ती में सहयोग कैसे किया जाता है.
अब आप में से कुछ लोग यह नेगेटिव कमेंट कर सकते हैं, की इस ऑपरेशन में कौन सी बड़ी बात हो गयी, हम फालतू में इंडियन नेवी के छोटे मोटे ऑपरेशन को बड़ा चढ़ाकर दिखा रहे हैं.
तो हमारा आप से छोटा सा सवाल है, की जरा कल्पना कीजिये, यदि इस ऑपरेशन में थोड़ी सी भी चूक इंडियन नेवी ने कर दी होती, तो कितना बड़ा जान और माल का नुकसान श्री लंका को उठाना पड़ता??
समय पर कारवाही करके इंडियन नेवी यदि एक आदमी की जान बचाने में भी कामयाब हुई है, तो हम यही कहेंगे, की भारतीय नौ सेना ने सारा जहाँ बचा लिया.
भगवान ना करे यदि श्री लंकन एयरक्राफ्ट दुर्घटना ग्रस्त हो जाता, तो ना सिर्फ उस एक्सीडेंट को जमकर कवर किया जाता बल्कि इंडियन नेवी के ऊपर सवाल भी खड़े भी किये जाते.
एनीवे अंत भला सो सब भला, हमें विस्वास है, जल्द ही श्री लंका के एयर क्राफ्ट यूक्रेन में लैंड होंगे, और उनका पूरी तरह से काया कल्प हो जायेगा.
इसी घटना क्रम के दौरान आप सभी को पता हो, श्री लंका के पार्लियामेंट्री इलेक्शन के परिणाम पिछले हफ्ते आ गए, जिसमे महिंदा राजपक्षे की पार्टी की छप्पर फाड़ के जीत हुई है.
मौके का महत्वा समझते हुए, मोदी साहेब ने श्री लंका के सबसे शक्तिशाली नेता महिंदा राजपक्षे से फ़ोन पर बात की और उन्हें बधाई दी. और उम्मीद जताई , की दोनों नेता मिलकर दो देशो के बीच सम्बन्दो को नई ऊंचाई पर ले जायेंगे.
जबकि राजपक्षे फॅमिली का श्री लंका के ऊपर कण्ट्रोल दिन दूना रात चौगुना बढ़ता चला जा रहा है, हमें उम्मीद है, महिंदा राजपक्षे चालू चीन के बहकावे में आकर भारत के साथ रिस्तो को कमजोर नहीं करेंगे.
इस सप्ताह इंडियन नेवी ने तो अपनी दोस्ती निभा दी, अब देखना होगा, क्या चाइनीस पनडुब्बियों और जंगी जहाजों को लंगर डालने की अनुमति देकर वर्ष 2014 की ही तरह क्या एक बार फिर महिंदा राजपक्षे भारत की पीठ में बर्फीला खंजर घोंपेंगे.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें