Good News - Intel & Acer to start laptop manufacturing in India
#RealQuickAnalysis
🔥Special Offer🔥 - अब आप हमारे अगले वीडियो को स्पोंसर भी कर सकते है, इसके लिए आप कमेंट section में अपना नाम शेयर कीजिये 100/- रुपए का आर्थिक सहयोग PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884 पर देकर स्पोंसरशिप लीजिये , ताकि एक वीडियो में हम बता सके, की आपने उसे स्पोंसर किया है! हमे सपोर्ट करने की लिए आपका धन्यवाद!
If you wish to sponsor our next video, you may please contribute only Rs 100/- at PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884. Please provide on your name in the comment section below, so that we can clearly mention in the video, that you have sponsored/funded it. Thank you all for supporting us always!! Please click on below link to join us on Facebook
इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/realquickinfo/ Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/
modi latest news today,modi latest news in hindi,modi ji latest news in hindi,real quick analysis,real quick analysis youtube channel,real quick analysis chanel,real quick analysis anchor,real quick info latest,real quick info hindi
References -
https://www.taipeitimes.com/News/biz/archives/2020/10/29/2003745946
https://www.livemint.com/companies/news/intel-mulls-setting-up-semiconductor-test-and-assembly-facility-in-india-11603881196958.html
चूँकि हम आप के कमेंट पढ़ते हैं, हमें यह बात अच्छे से पता है, की आप सभी ने यह बात कई बार हाईलाइट की है, की मेक इन इंडिया का मतलब assemble इन इंडिया नहीं है, बल्कि इसका सही मतलब manufacture इन इंडिया है.
आपकी इसी मांग को अमल में लाते हुए, ताइवान की कंपनी एसर अब भारत में अपने PC असेंबली प्लांट को लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में कन्वर्ट करने के ऊपर विचार कर रही है.
अगर एसर अपनी इस योजना में सफल होती है, तो एसर के लैपटॉप में लगने वाले ज्यादातर कंपोनेंट्स का भी भारत में ही उत्पादन किया जायेगा.
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की फील्ड में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए तो मोदी सर्कार ने PLI सब्सिडी स्कीम लांच की है, तो हमें समझ में आता है, की ताइवान की कंपनियां क्यों अब भारत में मोबाइल प्रोडक्शन चालू करने वाली है. लेकिन लैपटॉप की फील्ड में ऐसा क्या हो गया, की ताइवान की कंपनी एसर को असेंबली से प्रोडक्शन की तरफ आगे बढ़ना पड़ा .
ताइपेई टाइम की रिपोर्ट के अनुसार इस सवाल का जवाब दिया, स्वयं एसर के अधिकारी ने, उनके अनुसार भारत में एसर की कुल विक्री में 60% हिस्सा सरकारी सेल का है.
और मोदी सर्कार की नई निति के अनुसार वर्ष 2022 से भारत सर्कार जो भी लैपटॉप और अन्य कंप्यूटर के सामान खरीदेगी, वह सब भारत में ही बना होना चाहिए.
इसलिए अब जबकि मेक इन इंडिया पर मोदी सर्कार का ध्यान पूरी तरह से केंद्रित है, तो जाहिर है, एसर अपनी 60% विक्री पर लटकती मेक इन इंडिया की तलवार को हटाना चाहता है, इसलिए वह अब अपने प्लांट को रेओरिएंट करने की कोसिस कर रहा है.
कहने की जरूरत नहीं है, ऐसा होने से ना केवल हमारी चीन पर ओवर डेपेंडेन्स कम होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. हाँ, यह परिवर्तन slowly slowly होगा. इसलिए हमें धैर्य रखना होगा.
और ऐसा नहीं है, की यह चेंज केवल ताइवान की कंपनियों तक ही सीमित है.
लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, इंटेल भी कई विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि भारत में सिलिकॉन वेफर की टेस्ट एंड असेंबली प्लांट को लगाया जाये.
सरल सब्दो में सिलिकॉन वेफर का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर के उत्पादन में किया जाता है, जिनका प्रयोग हर तरह की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में किया जाता है.
सिलिकॉन वेफर को प्रोडूस करने वाले फेब्रिकेशन प्रोसेस अभी तक केवल अमेरिका ताइवान और चीन में सिमित है.
अभी तक इंटेल भारत में डिज़ाइन एंड इंजीनियरिंग का काम किया करती थी, इसलिए यदि इंटेल जैसी दिग्गज कंपनी भारत में फेब्रिकेशन की दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह एक आगे बढ़ाया गया स्वागत योग्य कदम होगा.
हाई लेवल से देखा जाये, तो यह इंडस्ट्री एक कड़ी है, जिसके दम पर भारत में पूरी की पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चैन को भविस्य में develop किया जा सकेगा. एक अनुमान के मुताबिक ऐसा होने पर १ करोड़ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
इसलिए भले ही लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग हो ,अथवा सिलिकॉन वेफर फेब्रिकेशन हो, ये सभी कदम आपको छोटे छोटे बेबी स्टेप्स जान पड़ सकते है, लेकिन यदि हम दूर की दृस्टि से देखें, तो हमें ग्लोबल फैक्ट्री के रूप में युवा भारत दौड़ता दिखाई देगा.
इस बैकग्राउंड में सायद अपने नोटिस किया हो, RBI के पूर्व गवर्नर रहे एक बहुत बड़े बिद्वान हैं, जो आजकल अख़बारों में खूब ज्ञान बांटते हैं.
आज से तीन चार साल पहले जब मोदी जी ने मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को लांच किया, तो यह RBI गवर्नर थे, तब इनका कहना था, की मेक इन इंडिया फ़ैल हो जायेगा, क्योकि दुनिया भर में डिमांड घट रही है, माल के एक्सपोर्ट नहीं बल्कि घरेलु डिमांड पर सर्कार ने फोकस करना चाहिए.
और अब इन महाशय का अचानक से कहना है, की मेक इन इंडिया काम नहीं करेगा, क्योकि अब इसका फोकस घरेलु डिमांड पर है, इसलिए मोदी सर्कार ने एक्सपोर्ट बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.
पॉइंट सिंपल है, इन्हे सिर्फ कोसने का बहाना चाहिए. भारत बांग्लादेश से पिछड़ गया, तो आंकड़े सही है, भारत की इकॉनमी सुधरने लगी, तो आंकड़े गलत हैं.
ऊँची व्याज दर के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था का दम घोटने वाले ये विद्वान लोग आज भारत को यह सीखा रहे हैं, की अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देने के लिए मोदी सर्कार को क्या करना चाहिए.
चलिए कोई बात नहीं, एसर और इंटेल जैसी कंपनियां भारत को देखकर अपने भविस्य की योजना बना रहे हैं, यह भी कोई छोटी मोटी बात नहीं है.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें