Well Done Modi ji - Major Transformation Started in Indian Farm Sector



 #RealQuickAnalysis 🔥Special Offer🔥 - अब आप हमारे अगले वीडियो को स्पोंसर भी कर सकते है, इसके लिए आप कमेंट section में अपना नाम शेयर कीजिये 100/- रुपए का आर्थिक सहयोग PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884 पर देकर स्पोंसरशिप लीजिये , ताकि एक वीडियो में हम बता सके, की आपने उसे स्पोंसर किया है! हमे सपोर्ट करने की लिए आपका धन्यवाद!

If you wish to sponsor our next video, you may please contribute only Rs 100/- at PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884. Please provide on your name in the comment section below, so that we can clearly mention in the video, that you have sponsored/funded it. Thank you all for supporting us always!! Please click on below link to join us on Facebook

इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/realquickinfo/ Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/

modi latest news today,modi latest news in hindi,modi ji latest news in hindi,real quick analysis,real quick analysis youtube channel,real quick analysis chanel,real quick analysis anchor,real quick info latest,real quick info hindi

References - 

https://www.hindustantimes.com/india-news/in-a-first-farmer-sues-traders-under-new-law-gets-dues/story-ZC12X1nMl13Ssiby04Mx2M.html

https://www.financialexpress.com/industry/new-central-laws-corporate-entities-scale-up-crop-purchases-from-farmers/2129002/


आज के इस वीडियो के स्पांसर हैं, वचन  (Vachan Sehrawat) जी , हमें सपोर्ट करने के लिए आपको धन्यवाद.




जैसा की हम सभी को जानकारी है, सितम्बर महीने में मोदी सर्कार के द्वारा पारित तीन फार्म बिल्स का विरोध आज भी जोर शोर से चल रहा है.




हालाँकि इस विरोध के पीछे भी कुछ जायज कारण होंगे, लेकिन इस वीडियो में हम जल्दी से चर्चा करेंगे, की किस प्रकार यह तीन कानून भारतीय किसानो की हालत को शुरुआती तौर पर सुधारने में सफल हो रहे हैं.  क्योकि फार्म बिल्स के विरोध को मीडिया में कवर तो किया जा रहा है, लेकिन इनके कारण उभरते हुए शुभ संकेतो को कवर करने का समय किसी को नहीं मिल पा रहा है.




फाइनेंसियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब बड़ी बड़ी कंपनियों ने सीधा किसानो से माल खरीदना भी चालू कर दिया है, उदहारण के लिए ITC जहाँ पहले अपनी डिमांड का 35 फीसदी सोयाबीन सीधा किसानो से इ चौपाल नेटवर्क के जरिये ख़रीदा करती थी,  वही अब अपनी डिमांड का 85 परसेंट सोयाबीन सीधा किसानो से खरीद रही हैं.




और ऐसा नहीं है, की यह डायरेक्ट परचेस केवल ITC कर रही है, अडानी ग्रुप और कारगिल भी अपना ट्रेडिंग नेटवर्क तैयार कर रहे है, ताकि फार्म से माल सीधा फैक्टरी में लाया जा सके.




यहाँ पर बड़ा सवाल उठता है, की इस नए सिस्टम से किसानो को क्या लाभ मिल रहा है, तो उत्तर प्रदेश में धान की जो डायरेक्ट परचेस चालू हुई है, उसके कारण मंडी टैक्स और आडतिया कमिशन जो पहले देना पड़ता था, वह अब बचने लगा है, और यह बचा हुआ पैसा ऊँची कीमत के रूप में किसानो को मिलना भी चालू हो गया है.




उत्तर प्रदेश से आ रहे आंकड़ों को ही यदि हम देखें, तो मंडी रेट की तुलना में किसानो को प्रति क्विंटल 25 से 30 रुपये ज्यादा भाव डायरेक्ट परचेस में मिलने लगे हैं.




यह तो हो गयी ऊँचे भाव की बात, लेकिन यहाँ पर सवाल खड़ा होता है, की कौन यह निश्चित करेगा, की किसानो को तय पैमेंट समय पर मिले.




अभी तक भारत में ऐसा कोई सिस्टम नहीं था, जो यह सुनिश्चित कर सके, की किसानो को उनका पैमेंट समय सीमा के अंदर मिले.




आप स्वयं देख लीजिये, किसान हमारे देश के सिर्फ ऐसे उत्पादक है, जिन्हे ना तो अपने माल को अपनी मर्जी के अनुसार बेचने की आजादी थी , और ना ही समय पर पैमेंट प्राप्त करने का अधिकार था.  




दोस्तों, जिस The Farmers’ Produce Trade and कॉमर्स एक्ट का जमकर विरोध हो रहा है, वही यह निश्चित करता है, की किसानो को उनका पैमेंट तीन दिनों के भीतर मिलना चाहिए.




और यदि इस नियम का उल्लंघन होता है, तो तहसील के सब डिविशनल मेजिस्ट्रेट के सामने शिकायत भी दर्ज  कराइ जा सकती है.




यह तो हो गयी, कागजो की बात, लेकिन यह किताबी बात जमीं पर पहली बार उतर आयी, महाराष्ट्र में.  जहाँ पर एक किसान को उसकी मक्के की फसल के 3 लाख रुपये मिलने थे. लेकिन ट्रेडर्स ने उस किसान को दिए मात्र 25 हज़ार रुपये.




फिर क्या था, किसान अपने पैमेंट के लिए लगातार व्यापारियों के चक्कर काटने लगा, तब उसके काम आया मोदी सर्कार का नया कानून. SDM के आगे शिकायत होते ही गिरफ़्तारी के डर से व्यापारियों के पाँव ठन्डे पड़ गए, और हिंदुस्तान टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक इस किसान को उसका रुका हुआ पैमेंट भी मिल गया.




चलिए अच्छा है, मोदी सर्कार के कानून ने जो लाठी किसान के हाथ में थमा दी है, भारतीय किसान उस लाठी का इस्तेमाल भी करने लगे हैं.  पॉइंट सिंपल हैं, कृषि हो या व्यपार हो साहब, पैमेंट तो समय पर सबको मिलना चाहिए.




यहाँ पर फिर साफ़ करना बेहद जरूरी है, यह केवल शुरुआती संकेत हैं, जो की उज्जवल भविस्य की और इशारा करते हैं. किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए अभी और डेटा की जरूरत साफ़ साफ़ दिखाई पड़ती है.




इस वीडियो के माध्यम से हमारा यह कहना बिलकुल भी नहीं है, की इन तीन कानूनों के कारण तीन महीनो में ही सभी भारतीय किसानो की आय डबल हो चुकी है, हम सिर्फ यह कहना चाह रहे है, की इन तीन कानूनों ने जिस नए फार्मर फ्रेंडली सिस्टम का विकास किया, उसने अब काम करना चालू कर दिया है.




और भविस्य में जैसे जैसे इस सिस्टम में कोई भी खामिया या कमिया नजर आएगी, तो हमें पूरा विस्वास है, मोदी सर्कार उन्हें दूर करने का प्रयास करती रहेगी.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मोदी योगी ने दी अमेरिकन मीडिया को करारी शिकस्त

Well Done President Trump - America Stops WHO Funding!!

How America indirectly HELPED in returning to Status Quo in between India and China?