Smart Agreement - India signed Strategic Agreement with Singapore



 #RealQuickAnalysis #IndiaSingapore #IndianDefenseNews

India, Singapore defence ministers sign submarine rescue support agreement

India, Singapore to further step-up defence ties, ink submarine rescue pact

India, Singapore Reaffirm Bilateral Ties In 5th Defence Ministers Dialogue

Singapore, India sign submarine rescue agreement at defence ministers' dialogue

🔥Special Offer🔥 - अब आप हमारे अगले वीडियो को स्पोंसर भी कर सकते है, इसके लिए आप कमेंट section में अपना नाम शेयर कीजिये 100/- रुपए का आर्थिक सहयोग PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884 पर देकर स्पोंसरशिप लीजिये , ताकि एक वीडियो में हम बता सके, की आपने उसे स्पोंसर किया है! हमे सपोर्ट करने की लिए आपका धन्यवाद!



If you wish to sponsor our next video, you may please contribute only Rs 100/- at PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884. Please provide on your name in the comment section below, so that we can clearly mention in the video, that you have sponsored/funded it. Thank you all for supporting us always!! Please click on below link to join us on Facebook

इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/RealquickAnalysis/  Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/


modi latest news today,modi latest news in hindi,modi ji latest news in hindi,real quick analysis,real quick analysis youtube channel,real quick analysis chanel,real quick analysis anchor,real quick info latest,real quick info hindi

References -

https://www.straitstimes.com/singapore/singapore-india-sign-submarine-rescue-agreement-at-defence-ministers-dialogue

https://www.financialexpress.com/defence/submarine-rescue-technology-of-indian-navy-where-does-india-stands-after-five-decades/1611416/

https://www.livemint.com/news/india/india-singapore-defence-ministers-sign-submarine-rescue-support-agreement-11611162009503.html

https://www.sentinelassam.com/national-news/india-singapore-sign-deal-for-submarine-rescue-missions-521552

https://timesofindia.indiatimes.com/india/india-singapore-to-further-step-up-defence-ties-ink-submarine-rescue-pact/articleshow/80368360.cms

http://www.businessworld.in/article/India-Singapore-reaffirm-bilateral-ties-in-5th-Defence-Ministers-Dialogue/20-01-2021-367734/



आज के पाजिटिविटी पार्टनर हैं, दीपेश व्यास जी (Deepesh Vyas). स्पॉन्सरशिप के लिए आपको धन्यवाद.




अभी कुछ ही दिनों पहले हमने चर्चा की थी, की किस प्रकार  चीन से लगी सीमा पर लड़ाकू विमानों को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार मजबूत छत यानि की hardened शेल्टर्स का निर्माड कर रही है. नहीं तो पिछले 74 सालों में भारत का ध्यान इसी बात पर रहा है, की विदेशो से महंगे महंगे लड़ाकू विमान खरीद लो, और उन्हें भारत में आसमान के नीचे पार्क करो, ताकि चीन जैसे दुश्मन के सरप्राइज अटैक में यह फाइटर जेट्स उड़ने के पहले ही धमाके में उड़ा दिए जाएँ.




चलिए यह तो हो गयी बात लड़ाकू विमानों की सुरक्षा की, लेकिन सायद आपको जानकारी होगी, की 1967 से भारत सबमरीन को ऑपरेट कर रहा है, जो की समुद्र में सैकड़ों फ़ीट की गहराई में दुश्मन की नजरो से दूर तैरती रहती है. लेकिन भगवान ना करे, यदि इस पनडुब्बी में कोई दुर्घटना हो जाये, तो यह पक्के से डूब जाएगी, तब क्या होगा इसके क्रू मेंबर्स का.



सायद आपके ध्यान में हो, साल 2000 में रसियन पनडुब्बी के डूबने से उसमे बैठे सभी 200 सैनिकोको जान से हाथ धोना पड़ गया था. इस बैकग्राउंड में चलो एक बात तो तय हो गयी, की पनडुब्बी को खरीदने के साथ साथ यह भी जरुरी है, की पनडुब्बी के लिए बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए.



पहले भारत ने अमेरिका के साथ यह अरेंजमेंट कर रखा था, की कहीं पनडुब्बी डूब जाये, तो अमेरिका हमारी मदद करेगा, लेकिन यह बात कॉमन सेंस की है, की दुर्घटना के बाद समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इस अरेंजमेंट से इंडियन नेवी को कभी कॉन्फिडेंस नहीं मिला.




इस बैकग्राउंड में साल 2019 में भारत ने ब्रिटैन की एक कंपनी से ख़रीदे दो Deep Submergence Rescue वेसल DSRV, जिन्हे तैनात किया गया, भारत के दोनों पूर्वी और पश्चिमी तटों पर. ताकि इन तटों के पास यदि किसी भी पनडुब्बी को राहत और बचाव की जरूरत हो, तो इन वेसल के जरिये उन्हें समय पर सहायता मुहैया करवाई जा सके.




दोस्तों इस प्रकार हमें समझ आ गया है, की लम्बी दुरी और देरी के सबमरीन ऑपरेशन करने के लिए यह capability हमारे लिए बेहद क्रिटिकल है. वैसे भी यह हमारी जिम्मेदारी है, की हिन्द महासागर में यदि कोई हेल्प के लिए हाथ उठाएगा, तो भारत सबसे पहले उसको मदद देगा, पॉइंट सिंपल हैं, शांति और युद्ध दोनों ही कालों में यह कपाबिलिटी हमारे लिए इम्पोर्टेन्ट है.




लेकिन यहाँ पर सवाल है, की यदि इंडियन सबमरीन्स को इंडियन ओसेन से और भी आगे जाना हो, और यदि खतरे में उन्हें इस कपाबिलिटी की जरूरत आन पड़े, तो उनकी मदद कौन करेगा.




चीन की पनडुब्बिया आये दिन हिन्द महासागर की गहराई मापति रहती है, जैसे को तैसा की नीति का पालन करते हुए भारत ने भी साउथ चाइना सी में अपनी पनडुब्बियों की पहुंच मजबूत करनी चाहिए, वैसे भी आप सभी का मत रहा है, की यदि हमें चीन से लड़ना ही है, तो हम हिन्द महासागर नहीं, साउथ चाइना सी को चीन का कब्रिस्तान बनाएंगे.




इसी बैकग्राउंड में जिस ब्रिटिश कंपनी से भारत ने दो DSRV खरीदी थी, उसी कंपनी से सिंगापुर ने भी DSRV खरीदी हुई हैं, दूसरे सब्दो में चूँकि सिंगापुर के पास पहले से ही यह छमता थी, और भारत के पास भी यह कपाबिलिटी आ चुकी है, इसलिए दोनों में बराबरी हो चुकी है, और कॉमन सेंस भी कहता है, की दोस्ती बराबरी बालों में ही होती है. 



यही कारण है,  की कल भारत और सिंगापुर के बीच हुआ है, Submarine Rescue Support and कोऑपरेशन एग्रीमेंट, जिस पर कल दोनों देशो के रक्षा मंत्रियो की वर्चुअल बैठक में सिग्नेचर किये गए.




सरल सब्दो में इसका मतलब यह है, हिन्द महासागर में हिंदुस्तान सिंगापुर को, और मलक्का स्ट्रैट, साउथ चाइना सी और आस पास के इलाको में सिंगापुर  हिंदुस्तान को यह सबमरीन रेस्क्यू की सुविधा समय पर मुहैया करवाएगा .




जाहिर है, इस एग्रीमेंट के बल पर इंडियन नेवी के कॉन्फिडेंस में इजाफा हो जायेगा, और वह लम्बी दुरी के सबमरीन ऑपरेशन को निश्चिंत होकर कर पायेगी.




कहने की जरूरत नहीं है, यह छमता ना केवल शांति बल्कि युद्ध काल दोनों में काम आएगी. भारत और सिंगापुर के बीच का यह एग्रीमेंट और बढ़ता हुआ डिफेंस कोऑपरेशन निश्चित करेगा, की इंडियन पनडुब्बियों को छेड़ने के पहले चीन दस बार सोचे. दूसरे सब्दो में यह दोस्ती बिना लड़े दुश्मन को हराने का काम करने वाली है. 




इस एग्रीमेंट का महत्वा समझने के लिए यही काफी है, की सिंगापोर का यह एग्रीमेंट अभी है, Australia, Indonesia, South Korea, United States और वियतनाम के साथ. इस प्रकार भारत सिंगापुर के एक्सक्लूसिव friendship क्लब में शामिल हो गया है.




हाँ यह कहना जरूरी है, की यह एग्रीमेंट कैसे और कितना इम्प्लीमेंट होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, इसलिए हम अपेक्षा करते है, इस नए सिस्टम की टेस्टिंग समय समय पर की जाती रहेगी, ताकि मौका पड़ने पर बहाने ना तलाशे जाएँ.



लेकिन हमें उम्मीद यही है, की भविस्य में कभी भी हमें इस capability की जरूरत ना पड़े.




अंत में इस वीडियो के Sponsor दीपेश व्यास जी को धन्यवाद देते हुए हम यह वीडियो समाप्त करते हैं.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मोदी योगी ने दी अमेरिकन मीडिया को करारी शिकस्त

Well Done President Trump - America Stops WHO Funding!!

How America indirectly HELPED in returning to Status Quo in between India and China?