Super Smart Move of Modi ji - भारत ने किया चीन को चारों खाने चित
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DPIIT notifies PLI scheme for ACs, LED lights; mere assembly of finished goods won't be incentivised
PLI scheme for ACs, LED lights notified
Govt notifies Rs 6k cr PLI scheme for AC, LED light manufacturing
PLI scheme for ACs, LED lights to exclude ‘mere assembly’
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References -
https://www.thehindu.com/business/Economy/pli-scheme-for-acs-led-lights-to-exclude-mere-assembly/article34346638.ece
https://www.newindianexpress.com/business/2021/apr/17/dpiit-notifies-pli-scheme-for-acs-led-lights-mere-assembly-of-finished-goods-wont-be-incentivised-2291167.html
https://indianexpress.com/article/business/economy/pli-scheme-for-acs-led-lights-notified-7278355/
https://www.business-standard.com/article/economy-policy/govt-notifies-rs-6k-cr-pli-scheme-for-ac-led-light-manufacturing-121041700372_1.html
जैसे जैसे मोदी सरकार एक एक करके नई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम launch करती जा रही है, आप में से कुछ दर्शको ने हमेसा हाईलाइट किया है, की PLI स्कीम से भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़नी चाहिए ना की असेंबली.
क्योकि PLI स्कीम में जो भी पैसा बाँटा जा रहा है, वह हम सभी टैक्सपेयर का पैसा है, और यह मोदी सरकार की जिम्मेदारी है, की वह हमारे पैसे का सदुपयोग ऐसे करे, जिससे अंत में उसी आम आदमी को लाभ हो, जिसके ऊपर सब्सिडी का बिल फाइनली फट रहा है.
इस बैकग्राउंड में अच्छी बात यह है, की भारत सरकार ने अगले पांच सालों में एयर कंडीशनर और LED लाइट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए 6238 करोड़ रुपयों की PLI स्कीम नोटिफाई कर दी है.
जैसा की आपको सायद अंदाज़ा हो, AC और LED के कंपोनेंट्स चीन जैसे देशो से मंगाकर असेंबली करना और फाइनल प्रोडक्ट पर मेक इन इंडिया का टैग लगाकर व्यापर करने का धंधा आजकल जोरो से चल रहा है.
जाहिर है, ऐसी असेंबली करने वाली कम्पनिया इस आस में बैठी थी, की भारत सरकार उन्हें असेंबली करने के लिए 6 हज़ार करोड़ की सब्सिडी देगी.
जिससे अंत में होगा यह की, इन असेम्बलर कंपनियों से होकर यह सब्सिडी अंत में पहुँचती चीन और दूसरे देशो में. मतलब टैक्स पेयर का पैसा भी खर्च हो जाता, और ना तो इंडस्ट्री लगती और ना ही उसमे लोगों को रोजगार मिलता.
वैसे भी हमेसा से भारत में होता भी यही आ रहा है, वह तो भला हो इस बार मोदी सरकार का, जिसने AC और LED की PLI स्कीम में ही लिख दिया है, की इस सब्सिडी के लिए उन कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो की भारत में AC और LED लाइट के कंपोनेंट्स का उत्पादन करेंगे. ना की उन कंपनियों को जोकि विदेशो से कॉम्पोनेन्ट इम्पोर्ट करके भारत में असेंबली करने का आसान काम करती है.
वैसे भी PLI स्कीम का मुख्या उद्देस्य यह है, की इससे रोजगार के अवसर पैदा होना चाहिए, और भारत को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनना चाहिए. और यह सब तभी होगा, जब हम सिर्फ असेंबली नहीं बल्कि कोर मैन्युफैक्चरिंग का काम चालू कर देंगे.
अच्छी बात यह है, की भारत सरकार ने शुरुआत में ही यह क्लियर कर दिया है, मतलब ना रहेगा बांस और ना बजेगी बांसुरी.
जाहिर है, चूँकि टैक्सपेयर के पैसे से मलाई उड़ाने का मौका मोदी जी ने असेंबली करने वाले दलालों से छीन लिया है, तो वह PLI स्कीम को बुरा ही बताएँगे. सायद यही कारण है, PLI स्कीम announce होते ही इन अस्सेम्ब्लेर्स को सांप सूंघ गया है.
हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा, यदि कुछ दिनों में अख़बारों में यह कैंपेन चलने लगे, की PLI स्कीम का पोपट हो गया है,
अख़बारों से देश चलाने की कोसिस करने वाले मिडलमैन कान खोलकर सुनले, दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है, जो ना तो खायेगी, और ना ही खाने देगी.
आप सभी के दिल की बात सुनकर उसे AC और LED की PLI स्कीम का लिखित में हिस्सा बनाने के लिए भारत सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद.
लेकिन दुःख की बात सिर्फ यह है, की मोदी सरकार के द्वारा किये जा रहे इन पॉजिटिव स्टेप्स की चर्चा करना कोई पसंद नहीं करता है, यूट्यूब पर आप खुद ढूंढ लीजिए, क्या किसी बड़े बड़े youtuber ने इस टॉपिक को कवर किया है. क्या पता किसी को हेडलाइंस से फ़ुरसत मिल गयी हो, तो उसने इसे कवरेज दे दी हो.
टैक्सपेयर का पैसा लुट जाता, तो सब हो हल्ला मचाने पहुंच जाते, लेकिन आज जब प्रोऐक्टिवली समय से पहले भारत सरकार टैक्सपेयर का पैसा लुटने से बचा रही है, तो किसी को यह कवर करने की फुर्सत ही नहीं है.
परन्तु दोस्तों, ऐसे अनछुए महत्वपूर्ण और पॉजिटिव पहलुओं को हम आपके लिए लगातार कवर करते रहेंगे, इसलिए आप हमारे चैनल को लगे हाथो subscribe कर लीजिये.
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