भरी महफ़िल में भारत ने यूरोपियन यूनियन को लताड़ा


#RealQuickAnalysis #EuropeanUnionIndia #ChinIndiaLatestNews

Last six months 'remarkable' in India-EU relationship, says EAM Jaishankar

EU favours India over China, a ‘selective partner’ && ‘systemic rival’, says Portugal

🔥Special Offer🔥 - अब आप हमारे अगले वीडियो को स्पोंसर भी कर सकते है, इसके लिए आप कमेंट section में अपना नाम शेयर कीजिये 100/- रुपए का आर्थिक सहयोग PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884 पर देकर स्पोंसरशिप लीजिये , ताकि एक वीडियो में हम बता सके, की आपने उसे स्पोंसर किया है! हमे सपोर्ट करने की लिए आपका धन्यवाद!

If you wish to sponsor our next video, you may please contribute only Rs 100/- at PayTM, Google Pay, Phone Pe Number - +917649046884. Please provide on your name in the comment section below, so that we can clearly mention in the video, that you have sponsored/funded it. Thank you all for supporting us always!! Please click on below link to join us on Facebook

इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं. https://www.facebook.com/RealquickAnalysis/  Please click on below link to join us on Twitter इस लिंक पर क्लिक करके, आप हमसे ट्विटर पर जुड़ सकते हैं. https://twitter.com/RealQuickInfo Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/

modi latest news today,modi latest news in hindi,modi ji latest news in hindi,real quick analysis,real quick analysis youtube channel,real quick analysis chanel,real quick analysis anchor,real quick info latest,real quick info hindi

References -

https://timesofindia.indiatimes.com/india/eu-favours-india-over-china-a-selective-partner-systemic-rival-says-portugal/articleshow/83796714.cms

https://www.timesnownews.com/india/article/last-six-months-remarkable-in-india-eu-relationship-says-eam-jaishankar/774840 


पिछले साल के अंत तक हम सभी ने बार बार हर बार नोटिस किया था, की जबकि पूरी दुनिया के ऊपर से चीन का खुमार धीरे धीरे उतर रहा था, तब भी यूरोपियन यूनियन पर चाइनीस नशा सर चढ़ कर बोल रहा था.


लेकिन जो लोग खुद नहीं सीखते हैं, उन्हें सिखाता सिर्फ समय है, इसलिए यूरोपियन यूनियन जो पिछले साल के अंत में चीन के साथ ट्रेड डील करने के लिए उतावला हो रहा था, उसने इस साल चीन के साथ प्रस्तावित डील को ना सिर्फठन्डे बस्ते में डाल दिया, बल्कि भारत के साथ  फ्री एंड फेयर ट्रेड डील के लिए बातचीत भी चालू कर दी.


कोरोना संकट काल ने यूरोपियन यूनियन को दोस्त और दुश्मन में फ़र्क़ करना सीखा दिया, परिणाम स्वरुप भारत और यूरोपियन यूनियन के संबंधो में जीतनी प्रगति पिछले 74 सालों में नहीं हुई उतनी प्रगति पिछले 6 महीनो में हो गयी.


और तो और पहले चीन के खिलाफ मुँह खोलने से बचने की कोसिस करने वाला यूरोपियन यूनियन अब खुल कर कहने लगा है, की चीन और भारत में से वह सिर्फ भारत को एक पार्टनर के रूप में देखता हैं.


जहाँ तक चीन है, तो वह तो कॉम्पिटिटर और दुश्मन है, और यह चीन का रवैया तय करता है, की कहाँ चीन और यूरोपियन यूनियन के बीच आपसी सहयोग बढ़ाया जा सकता है.


और यह विचार व्यक्त किये पुर्तगाल के विदेश मंत्री ने जो की अभी यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष पद पर आसीन है.


जिस ऑनलाइन मीटिंग में यूरोपियन यूनियन के लीडर सुनने में भारत को अच्छी लगने वाली बातें कर रहे थे, उसी मीटिंग में भारत के विदेश मंत्री ने अपनी खरी खरी बात सामने रख दी.


उदहारण के लिए उन्होंने साफ़ कर दिया, की यदि भारत में कोरोना वैक्सीन का प्रोडक्शन बढ़ाया जाना है, तो अमेरिका और यूरोप को वैक्सीन के लिए जरूरी रॉ मटेरियल की सप्लाई भी बढ़ानी होगी.


पॉइंट सिंपल है, मीठी मीठी बातों के जाल में भारत अब फंसने वाला नहीं है, यदि यूरोपियन यूनियन को अब भारत का महत्वा समझ आ गया है, तो उसे भारत के हाथ मजबूत भी करने होंगे. क्योकि शक्तिशाली भारत ही यूरोपियन यूनियन समेत पुरे विश्व का कल्याण कर पायेगा.


जहाँ तक ग्लोबल सप्लाई चैन का सवाल है, उन्हें तो लचीला बनाना ही पड़ेगा, नहीं तो हम सभी भविस्य में भी चीन पर ओवर डिपेंडेंट बने रहेंगे, वैसे भी कोरोना ने साबित किया है, की निर्भरता सिर्फ शोषण को जन्म देती है.


अच्छी बात यह है, की यूरोपियन देशो को भी यह बात समझ आ रही है. और हम उम्मीद करते हैं, की वह दोबारा चीन के झांसे में नहीं आएंगे.


टॉपिक से थोड़ा हटते हुए, दोस्तों हम आपके सामने हाई लाइट करना चाहते हैं, की जेट एयरवेज और अनिल अम्बानी की अधिकतर कंपनियों की नैया मझदार में डोल रही है, लेकिन मीडिया में इनकी जबरदस्त कवरेज हो रही है. परिणाम स्वरुप रातों रात अमीर बनने का सपना देखने वाली आम जनता ने  घंटो  में अनिल अम्बानी को फिर कंगाल से अमीर बना दिया है. जहाँ तक हमारा सवाल है, हम अनिल अम्बानी को सिर्फ दुआएं दे सकते हैं, अपना पैसा नहीं.


जेट एयरवेज के केस में लगातार तीन दिनों से अपर सर्किट लगे हुए हैं, हवाई जहाज जब उड़ेंगे तब उड़ेंगे, लेकिन पब्लिक अभी से बोरिया बिस्तर लेके हवाई जहाज के ऊपर  बैठ गयी है. 


जेट एयरवेज को कर्जा देने  वाले बैंको को बड़ी मुश्किल से भागते भूत की लंगोटी हांसिल हो पा रही है. इसलिए जहाँ तक हम इस जेट एयरवेज की  रेसोलुशन डील को समझ पाएं हैं, इसमें पब्लिक शरहोल्डर्स के हाथों कुछ नहीं लगने वाला है. 


इसलिए पिछले 10 दिनों से हम समय से पहले अनिल अम्बानी की फुकी हुई कंपनियों और जेट एयरवेज के ऊपर अर्ली वार्निंग अलर्ट अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी कर दिए हैं. आगे भी मौके पर आपको ऐसे अलर्ट सबसे पहले मिलते रहे, इसके लिए आप हमारे फ्री टेलीग्राम चैनल ETF नॉलेज शो को तुरंत ज्वाइन कर लीजिये.


फिर भी यदि आप में से किसी को अनिल अम्बानी और जेट एयरवेज के ऊपर पैसा लगाना है, तो आपको हमारी तरफ से शुभ कामनाएं, भगवान करे आप सही और हम गलत साबित हों.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मोदी योगी ने दी अमेरिकन मीडिया को करारी शिकस्त

Well Done President Trump - America Stops WHO Funding!!

How America indirectly HELPED in returning to Status Quo in between India and China?