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Hitachi Transport to build 4 logistics centers in India
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References -
https://asia.nikkei.com/Business/Transportation/Hitachi-Transport-to-build-4-logistics-centers-in-India
दोस्तों, यह बात हम सभी को पता है, की ट्रांसपोर्ट में लगने वाले अधिक समय और खर्च को भारत में व्यापर करने की सबसे बड़ी प्रॉब्लम में गिना जाता है.
लेकिन चूँकि पूत के पाँव पालने में दिखते हैं, इसलिए जापानी कंपनी हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम ने साल 2010 में भारत की एक लोजिस्टिक्स कंपनी खरीद ली थी, लेकिन ट्रांसपोर्ट में पेश आने वाले तमाम झंझटो के कारन हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम ने जान बूझकर अपने कारोबार को नहीं बढ़ाया.
फिर जाके साल 2017 में GST का सिस्टम आ गया, और पुरे देश में उसका पुर जोर विरोध किया गया, यहाँ तक की उसे गब्बर सिंह टैक्स का फुल फॉर्म भी दिया गया, पिछले आम चुनाव में जिन्होंने GST को हटाने का चुनावी वादा किया, भारत की जनता ने उन्हें सत्ता पर बैठने तक का मौका नहीं दिया.
लेकिन तभी से जापानी कंपनी हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम इस नए टैक्स का अध्यन कर रही थी, और जापानियों की खासियत भी यही है, की वह हम लोगों की तरह हड़बड़ी में गड़बड़ी नहीं करते हैं, मतलब उन्हें किसी काम की तेजाइ नहीं होती, आराम से सब देख भाल के सबसे लास्ट में वह अपने पत्ते खोलते हैं, और इतिहास गवाह है, जापानियों की एंट्री भले ही लास्ट में होती हो, लेकिन एंट्री होती धमाकेदार है.
इसी क्रम में हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम ने भारत में चार चार लोजिस्टिक्स सेण्टर की स्थापना करने का निर्णय लिया है. और यह सब हवा हवाई बातें नहीं है, बल्कि हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम ने चेन्नई और मुंबई में 40 से 50 हज़ार स्क्वायर फ़ीट के लोजिस्टिक्स सेण्टर का कंस्ट्रक्शन भी चालू कर दिया है. और यह लोजिस्टिक्स सेण्टर अगले साल काम करना भी चालू कर देंगे.
और साल 2026 तक हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम दिल्ली और बैंगलोर में भी अपने लोजिस्टिक्स सेण्टर की स्थापना करने जा रही है. फिर वही बात, जापानियों को कोई तेजी नहीं होती है, अम्बानी और अडानी की तरह. वह मस्त हाथी की तरह चलेंगे धीरे धीरे अपनी चाल से.
अब सायद आपको लग रहा हो, की हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम कौन सी कंपनी है साहब, तो दोस्तों यह कोई गली नुक्कड़ की ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल लॉजिस्टिक सर्विस प्रोवाइडर है, 130 कंपनियों का समूह है यह. और यह अपने चार लोजिस्टिक्स सेण्टर जो भारत में बना रही है, वह भी उन्ही जगहों पर हैं, जहाँ पर जापान यूरोप और साउथ कोरिया के औटो मेकर्स जैसे की मारुती सुजुकी हुंडई के बड़े बड़े प्लांट है.
सरल सब्दो में वह अपनी दुकान वही खोल रहे हैं, जहाँ उनका कस्टमर बैठा हुआ है. और यह लॉजिकल भी है. बड़ी बात यह है, की जापानी कंपनी भारत को अब लोजिस्टिक्स हब के रूप में देख रही है, ताकि वह भारत से अलग दिशाओ में यातायात को मैनेज कर सके. सप्लाई कहीं भी करना हो, सप्लाई का केंद्र भारत में होना चाहिए.
वैसे जापानी हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम आज जो भी काम कर रही है, उसकी डिमांड तो आप सभी ने हमेशा से की है, इसलिए आज जो कुछ भी परिणाम सामने आ रहे है, उसके लिए सबसे जरूरी GST का आपने सबसे कठिन समय पर समर्थन किया था.
भले ही GST के लाभ मिलने में देरी लग रही है, लेकिन परिणाम हमारे सामने है, अब आपको मीठे मीठे आम खाना है, तो इंतजार भी कुछ सालों का करना होगा .
हिताची ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बहुत बहुत धन्यवाद की वह भारत को ग्लोबल लोजिस्टिक्स हब बना रही है, और वह सुनिश्चित कर रही है, की भारत में मैन्युफैक्चरिंग असेंबली के काम में लगी जापानी और साउथ कोरियाई कंपनियों को लोजिस्टिक्स में कोई दिक्कत ना आये. वैसे भी जापानी कंपनी को satisfy भी जापानी कंपनी ही कर पायेगी.
जिसको जितना व्यापर करना हो खूब करे भारत में, लेकिन उसका लाभ अंत में भारतीय जनता को मिलना चाहिए, और सब कंपनियां भारतीय नियमो और कानूनों का पालन करती रहें,हमारी इनसे यही अपेक्षा है.
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