असली हिम्मत इसे कहते हैं
Meghmani Organics Forays Into New Pigment - Titanium Dioxide (TiO2)
💥🔥📣आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स को ज्वाइन करने के लिए आप इस लिंक 👉🏻 ( https://wa.me/917649046884 ) पर क्लिक करके व्हाट्सप्प/Whatsapp के जरिये हमारे साथ आसानी से संपर्क कर सकते हैं.धन्यवाद!!😊
Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/
Reference -
https://www.equitybulls.com/admin/news2006/news_det.asp?id=302379
https://www.thehindu.com/news/cities/Madurai/slap-40-import-duty-on-titanium-dioxide-being-imported-from-china/article32524098.ece
सायद आपको जानकारी हो, पेंट पेपर टेक्सटाइल और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स, कास्मेटिक और प्रिंटिंग आदि सभी में इस्तेमाल किया जाता है, एक सफ़ेद पाउडर जिसका नाम है, टाइटेनियम डाइऑक्साइड.
उदहारण के लिए जो पेंट सतह पर आसानी से फ़ैल जाता है, और उसका रंग लम्बे समय तक बना रहता है, वह सब इसी टाइटेनियम डाइऑक्साइड का कमाल है.
अब आप सोच रहे होंगे, की आज हम इस अजीबो गरीब केमिकल की बात क्यों कर रहे हैं, तो दोस्तों, भारत में हर साल साढ़े तीन लाख टन टाइटेनियम डाइऑक्साइड की डिमांड होती है, लेकिन दुर्भाग्य इस बात का था, की इस साढ़े तीन लाख टन की डिमांड के सामने भारत का घरेलु उत्पादन महज पचास हज़ार टन का होता है.
अब बिना इस पाउडर के पेंट तो बन नहीं सकते, इसलिए भारत को करना होता है, हर साल बचे हुए तीन लाख टन टाइटेनियम डाइऑक्साइड का इम्पोर्ट अपने दुश्मन नंबर एक चीन से.
चीन कितना खुरापाती है, आप वह देखिये, जबकि भारत में पचास हज़ार टन प्रोडक्शन होता है, और तीन लाख टन माल हम चुप चाप चीन से खरीदते हैं, लेकिन लालची ड्रैगन की भूख कहाँ शांत होने वाली है, वह फिर भी भारत में अपना पाउडर सस्ते दाम पर डंप करता था, ताकि भारत में जो थोड़ा बहुत पचास हज़ार टन का प्रोडक्शन होता है, वह भी बंद हो जाये.
हर साल इस Powder को खरीदने के लिए भारत चीन के हाथो में पांच हज़ार करोड़ रुपये थमा देता है, जब हम खुद अपने दुश्मन नंबर एक चीन को अमीर बना रहे हैं, तो हम किसी दूसरे को दोष कैसे दे सकते हैं.
इस पृष्ठ्भूमि में आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरणा प्राप्त करके भारतीय कंपनी मेघमनि ऑर्गॅनिक्स ने 400 करोड़ का निवेश करके सालाना तेतीस हज़ार टन टाइटेनियम डाइऑक्साइड का उत्पादन करने के लिए एक दम नया चकाचक प्लांट लगाने का निर्णय लिया है.
यदि आपको यह छोटा मोटा प्रोजेक्ट लग रहा हो, तो गौर फरमाएं, टाइटेनियम डाइऑक्साइड का उत्पादन करने वाला यह भारत का सबसे बड़ा जी हाँ सबसे बड़ा प्लांट होने जा रहा है और अगले कुछ सालो में यह बनकर भी खड़ा हो जायेगा.
लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह भी है, की इस नए प्लांट के बन जाने के बाद भी भारत को टाइटेनियम डाइऑक्साइड चीन से खरीदना पड़ेगा.
यही तो मुख्या कारण हैं, जो दैत्याकार चीन इतना गड़गड़ा रहा है, दूसरे देश क्या सोचते समझते हैं, उसकी चीन को रत्ती भर भी परवाह नहीं है, उसे जो करना है, वह करता रहता है. उसे पता है, दुनिया उस पर निर्भर है, इसलिए वह दुनिया का शोषण कर रहा है.
निर्भरता शोषण को जन्म देती है, यह बात मेघमनि ऑर्गॅनिक्स को समझ आ गयी, तो देख लीजिए चीन के द्वारा धड़ल्ले से होने वाली डंपिंग के बाबजूद वह हिम्मत के साथ नया प्लांट खड़ा कर रही है, इसलिए मेघमनि ऑर्गॅनिक्स की हिम्मत को सलाम. ऐसी ही कंपनियों के लिए गुरु गोविन्द जी ने कहा था, की मैं गीदड़ों को शेर बनाता हूँ, बाज के साथ चिड़िया लड़ाता हूँ.
लेकिन आप हमें बताएं, आखिर कब तक आप म्यूच्यूअल फण्ड, टीवी यूट्यूब अखबारों टेलीग्राम इंस्टाग्राम पर निर्भर रहकर अपना शोषण करवाते रहेंगे?? आखिर कब तक आप लोगों से टिप मांगते रहेंगे?? दोस्तों आपको तो पता है, भेड़ के ऊपर बाल कोई नहीं छोड़ता. इसलिए आप कब तक खुद का घर जलाकर दूसरे के घर में उजियारा करते रहेंगे??
इसलिए आप टिप लेने वाले नहीं टिप देने वाले बनिए, पूछने वाले नहीं बताने वाले बनिए. अपने निवेश का निर्णय खुद लीजिये. बन जाईये आत्मनिर्भर इन्वेस्टर. भारत के सर्व श्रेष्ठ आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स में शामिल होने के लिए आप इसी वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दी गयी लिंक पर कीजिये क्लिक.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें