टाटा ग्रुप ने चीन को दिया सबसे तगड़ा झटका
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Tata Group in talks with Taiwan companies to make chips in India
EXCLUSIVE India's Tata in talks to set up $300 mln semiconductor assembly unit-sources
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Reference -
https://www.business-standard.com/article/companies/tata-group-in-talks-with-taiwan-companies-to-make-chips-in-india-121121500062_1.html
https://www.reuters.com/world/india/exclusive-indias-tata-talks-set-up-300-mln-semiconductor-assembly-unit-sources-2021-11-26/
हम सभी को जानकारी है, की दुनिया अभी सेमि कंडक्टर चिप की किल्लत से झूझ रही है, हालाँकि यह भयंकर समस्या कोरोना के कारण अचानक से हमारे सर पर आन पड़ी है, लेकिन यह समस्या कभी न कभी पैदा होगी, इस बात का अंदेशा हमेसा से था, इसलिए भारत लम्बे समय से अपने यहाँ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को चालू करने के प्रयास कर रहा है.
मोदी सरकार ने इसलिए PLI स्कीम लांच की, साथ में सेमि कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने वाली कंपनी को बेहद आकर्षक सब्सिडी भी मुहैया करवाने की योजना भी है.
भारत सर्कार ने अपने स्तर पर ताइवान की सेमि कंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली दिग्गज कंपनियों के साथ समपर्क भी स्थापित किया, लेकिन बात तब पेच में फंस गयी, जब ताइवान ने बदले में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बात छेड़ दी.
जब भारत अपना हित साध रहा है, तो कोई बुराई नहीं है, यदि ताइवान भी अपने हित आगे बढ़ाने की कोसिस कर रहा है. लेकिन जमीनी कड़वी सच्चाई है, की फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आनन फानन में नहीं हो सकता है, उसे करने के लिए लम्बी बातचीत और मोलभाव करना पड़ता है.
चलो सरकार के लेवल पर बातचीत अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ती रहेगी, लेकिन इसी बीच आगे का रास्ता निकाला टाटा ग्रुप ने, जो की पहले से ही सेमि कंडक्टर बिज़नेस में घुसने की कोसिस कर रहा है.
आपको सायद याद हो, सेमि कंडक्टर शॉर्टेज का एक पीड़ित है, टाटा ग्रुप, इसलिए यह समस्या कितनी भयावह है, वह टाटा ग्रुप से बेहतर कोई नहीं जान सकता है.
बेहद सरल सब्दो में, जब भगवान ने किस्मत में निम्बू दिए, तो अपनी किस्मत को कोसने के बजाये टाटा ग्रुप अब शिकंजी बेचने का धंधा चालू कर रहा है.
इसलिए टाटा ग्रुप ने अपने स्तर पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के छेत्र में काम करने वाली महारथी ताइवानी कंपनियों से बातचीत चालू कर दी है.
वैसे भी टाटा ग्रुप शुरुआत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नहीं, बल्कि असेंबली और टेस्टिंग की बात कर रही है, मतलब टाटा ताइवानी कंपनियों के साथ तुलनात्मक रूप से जल्दी सहयोग स्थापित कर सकती है.
बोले तो ताइवान की कम्पनिया चिप मैन्युफैक्चरिंग करती रहे अपने अपने ग्लोबल प्लांट्स में, लेकिन असेंबली और टेस्टिंग का काम टाटा ग्रुप को मिलना चालू हो जाये, तो वह भी कोई छोटी मोटि बात नहीं होगी.
सेमि कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है, बैठे बैठे उसका इंतजार करने से बेहतर है, की बड़े काम की छोटी शुरुआत तुरंत कर दी जाये, इसलिए इस अभिनव प्रयास के लिए हम टाटा ग्रुप को शुभ कामनाएं देते हैं, और उम्मीद करते है, की टाटा ग्रुप को जल्द ही इस field में पहली बड़ी सफलता मिले.
अब आप का यह कहना बेहद वाजिब है, की टाटा ग्रुप कुछ भी करता रहे, उससे आपको क्या, तो दोस्तों, भारत का सबसे प्रतिष्ठित टाटा ग्रुप हमेशा भर भर के निवेश के मौके पेश करता रहता है.
अभी से आप लिख कर रख लीजिये आज, यदि टाटा ग्रुप ताइवान के साथ मिलकर भारत में सेमि कंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग चालू करता है, तो उससे आत्मनिर्भर इन्वेस्टर बनकर आपका तगड़ा मुनाफा हो सकता है.
टाटा ग्रुप में निवेश के मौके अपने दम पर पकड़ने के लिए आपका स्वागत है, भारत के सर्वशेष्ठ आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स में. 1 जनवरी 2022 को फीस 50 फ़ीसदी बढ़ने के पहले आप इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दी गयी लिंक पर क्लिक करके कोर्स को पक्के से ज्वाइन कर लीजिये.
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