रूस चीन की आ गयी अकल ठिकाने पर


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 Russia-India-China Summit ‘can be held in near future’, confirms Russian President Vladimir Putin’s aide

Putin's aide says Russia, India, China summit may take place in near future

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Reference -

https://www.aninews.in/news/world/asia/putins-aide-says-russia-india-china-summit-may-take-place-in-near-future20211216123940/

https://www.timesnownews.com/international/article/russia-india-china-summit-can-be-held-in-near-future-confirms-russian-president-vladimir-putin-aide/840985


कुछ ही दिनों पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत की सफल यात्रा समाप्त की, फिर इस बुधवार को प्रेजिडेंट पुतिन की मीटिंग हुई चीन के तानाशाह से, जिसमे पुतिन ने चीन के राजा को उनकी भारत की यात्रा के बारे में अवगत कराया.


पता नहीं, प्रेजिडेंट पुतिन को क्या जरूरत आन पड़ी है, चीन के राजा के इस तरह चक्कर काटने की. लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है, की दोनों नेताओं ने निर्णय लिया, की जल्द ही रूस इंडिया और चीन (RIC) के शीर्ष नेताओं के बीच शिखर वार्ता का आयोजन किया जायेगा.


क्योकि तेजी से उभरते बहु ध्रुवीय  विश्व में रूस और चीन को समझ आ रहा है, की RIC फ्रेमवर्क को भी उभरना होगा, नहीं तो वह दिन दूर नहीं है, जब इंडिया के बिना इस रूस इंडिया चाइना  फ्रेम वर्क का कोई नाम लेवा तक नहीं बचेगा.


हालाँकि पिछले महीने RIC फ्रेमवर्क के अंतर्गत तीनो देशो के विदेश मंत्रियो ने मुलाक़ात की थी. लेकिन जमीनी कड़वी सच्चाई है, की आज तक इस RIC फ्रेमवर्क के नाम कोई उपलब्धि दर्ज नहीं हुई है.


केवल बातचीत के लिए बातचीत करते रहना, कहाँ की अक्लमंदी है. 


रूस और चीन के नेताओं ने कसमे खा ली की वह RIC की शिखर वार्ता को आयोजित करने के लिए प्रयास करेंगे. हमें प्रेजिडेंट पुतिन के प्रयासों के बारे में कोई संदेह नहीं है.


लेकिन भारत के प्रति चीन के तानाशाह के रवैये में कोई परिवर्तन आएगा, इस बात की सम्भावना ना के बराबर है.


इसलिए जब तक फ्रेमवर्क के तीनो देश पास आने की बराबर कोसिस नहीं करते, तब तक एक नई शिखरवार्ता का आयोजन तो हो जायेगा, लेकिन उससे कुछ खास निकलेगा नहीं.


इंडो पसिफ़िक quad समिट नई नई है, लेकिन वैक्सीन से लेकर सोलर पैनल प्रोडक्शन तक  चालू होने वाला है, उसके अंतर्गत, जरा आप ही बताएं, आज तक RIC ने क्या किया??


चीन ने दोकलाम हो या लद्दाक हो, वहां क्या कुछ कारस्तानियों को अंजाम दिया वह हम सभी को अच्छे से याद है.


अरे साहब इंडो पसिफ़िक Quad ही क्यों, अब तो वेस्ट एशिया Quad भी आकार ले रहा है. इसलिए तो रूस और चीन को भारत की याद आ रही है, 


आदमी की औकात तभी बढ़ती है, जब बड़े लोग उसका इंतजार करते हैं. इसलिए भारत का महत्वा आपको बढ़ता हुआ अपने आप दिख जायेगा.


जैसा की आपको पता होगा, मोदी जी 76 हज़ार करोड़ की PLI स्कीम के द्वारा पूरी की पूरी नई सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भारत में भी खड़ी कर रहे हैं, इस पुरे घटनाक्रम से लाभ उठाने के लिए आपको करना होगा सस्ते दाम पर मिलरही अच्छी कंपनियों में निवेश. 


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