सऊदी अरब में भारत ने किया अमेरिका को विस्थापित
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Indian miner Vedanta Resources to explore Saudi Arabia’s Zinc wealth
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Reference -
https://www.arabnews.com/node/2002911/business-economy
दशकों से हम सुनते आये हैं, की सऊदी अरब के पास कच्चे तेल के विशाल भंडार है, जिनका दोहन किया अमेरिकन कंपनियों ने. और फिर उसे पूरी दुनिया को बेचा.
सरल सब्दो में सऊदी अरब और अमेरिका ने मिट्टी का तेल बेच बेचक कर खूब मलाई उड़ाई.
लेकिन अब वक़्त का पहिया घूम गया है हमारे फेवर में, तो आप पूछेंगे कैसे.
दरअसल सऊदी अरब अब कोसिस कर रहा है, की वह जमीं के नीचे दबे अन्य खनिज पदार्थो का दोहन करे. उदहारण के लिए सऊदी अरब में जिंक के बड़े भंडार होने की सम्भावना है.
इसलिए सऊदी अरब को टेंशन रात दिन शता रही है, की आखिर वह कौन है, जो उसके जिंक का दोहन कर सके.
तभी तो सऊदी क्राउन प्रिंस को याद आयी हिन्दुस्तान जिंक, जिसे दुनिया के सबसे बड़े जिंक प्रोडूसर के रूप में गिना जाता है.
फिर क्या था, सऊदी क्राउन प्रिंस के विशेष न्योते पर वेदांता जिसकी सहायक कंपनी है, हिंदुस्तान जिंक, उसने सऊदी अरब में भारत का झंडा गाड़ दिया.
सबसे बड़ी बात यह है, की दुनिया भर में जिंक की कमी है, अभी केवल 20 प्रतिशत स्टील को ही जंग से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढाई जाती है.
लेकिन इस बात का अनुमान है, की भविस्य में दुनिया भर के 60% स्टील के ऊपर ज़िंक का इस्तेमाल किया जायेगा.
चलो एक बात तो तय है, की सप्लाई के मुकाबले जिंक की ग्लोबल डिमांड बहुत अधिक रहने वाली है , इसलिए हिंदुस्तान जिंक यदि सऊदी अरब में जिंक का दोहन करेगी, तो वह directly सऊदी अरब और indirectly भारत दोनों के लिए फायदे का सौदा होगा.
सऊदी अरब के पास जिंक है, तो भारत के पास वर्ल्ड क्लास जिंक प्रोसेसिंग कैपेसिटी और टेक्नोलॉजी है, इसलिए इस बात में कोई शक नहीं है, की एक और एक मिलकर ग्यारह हो जायेगें,
अब आप ही बताएं, यदि मोदी जी सऊदी अरब और UAE के साथ अच्छे सम्बन्ध स्थापित नहीं करते, तो क्या आज हमें यह सब सुनने को मिलता, की भारतीय वेदांता सऊदी अरब में माइनिंग & प्रोसेसिंग का काम करेगी.
सात सालों की मेनहत का परिणाम है यह, कोई हाथ पर हाथ धरकर बैठने से नहीं हुआ है, यह बात और है, की हमारे देश के लोगों को विदेशी कंपनियों का गुणगान करने से फुर्सत मिले तो वह वेदांता और हिंदुस्तान जिंक की उपलब्धियों पर ध्यान दे पाएं.
इस प्रकार मोदी जी की मेहनत का लाभ मिल रहा है, वेदांता को, इसी तरह मोदी जी की मेहनत से होने वाले मुनाफे पर आपका भी हक़ है.
बस अपने अधिकार को लेने के लिए आपको समय पर सही लाइन में लगना होगा, इसलिए आपका स्वागत है, आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स में, अब ध्यान से सुनियेगा, नहीं तो बाद में आप खुद को कोसेंगे, आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स को जितने जल्दी ज्वाइन करेंगे, उतने ज्यादा फायदे में रहेंगे.
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