इसराइल इंडिया की यारी,सारी दुनिया पर भारी
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Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/
Reference -
https://www.aninews.in/news/business/business/vicarius-announces-technology-partnership-agreement-with-redington20220201113247/
भारत और इसराइल की दोस्ती क्या कमाल कर सकती है, वह आपको दिख जायेगा यह कमाल का वीडियो देखकर.
दोस्तों, हम सभी एंटी वायरस से तो परिचित हैं, जब कंप्यूटर सिस्टम पर वायरस अटैक करता है, तो उससे सिस्टम को बचाने का काम करता है, एंटी वायरस. लेकिन एंटी वायरस है तो रिएक्टिव एंड डिफेंसिव ही. क्योकि वह हमला होने पर हमारे सिस्टम की रक्षा करता है.
लेकिन एंटी वायरस से भी अच्छा सॉफ्टवेयर वह होगा, जो की वायरस अटैक के पहले ही बता दे, की यहाँ यहाँ से हमला हो सकता है, ताकि उसे रोकने की समय से पहले व्यवस्था की जा सके. तो वह सॉफ्टवेयर होगा प्रोएक्टिव,
इसी तरह के प्रोएक्टिव सिस्टम का विकास किया है, इसरायली कंपनी Vecarius ने. अब यदि आपको लगे की इस प्रोएक्टिव सिस्टम को भला कौन खरीदेगा, तो ध्यान से सुनियेगा, दुनिया भर में इस तरह के सिस्टम का बहुत बड़ा मार्किट उपलब्ध है, और इसकी साइज करीब करीब 18 बिलियन डॉलर है.
एक तरफ थी, इसरायली कंपनी जिसके पास है, प्रोएक्टिव टेक्नोलॉजी, तो दूसरी तरफ है, भारतीय कंपनी रेडिंगटन जो 37 देशो में 245 कंपनियों की सेवा करती है.
बेहद सरल सब्दो में रेडिंगटन एप्पल जैसी कंपनियों के लिए लैपटॉप और मोबाइल की सप्लाई चैन और ट्रांसपोर्ट का काम देखती है.
कॉम्पोनेन्ट और फाइनल प्रोडक्ट का ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट करने वाली दिग्गज कंपनी रेडिंगटन ने अब हाथ मिला लिया है, इसरायली कंपनी vecarius के साथ.
इस पार्टनरशिप का परिणाम यह होगा, की रेडिंगटन अपने 245 क्लाइंट को यह नया सलूशन ऑफर कर सकती है, की भाई काहे वायरस अटैक का इंतजार कर रहे हो , हमारा सिस्टम लो और समय से पहले देख लो की आपके किले की दिवार कहाँ कहाँ कमजोर है, और फिर किले को मजबूत कर लो, ताकि वायरस का हमला बेकार हो जाये.
वल्नेरेबिलिटी डिस्कवरी, prioritization और रेमेडिएशन के इस अत्याधुनिक सिस्टम और टेक्नोलॉजी का भले ही आम आदमी के लिए महत्वा कम प्रतीत हो, लेकिन बड़ी बड़ी कंपनियों को वायरस अटैक से खासा डर रहता है, क्योकि एक वायरस उनके पुरे धंधे को बिठा सकता है, नाम बदनाम होगा सो वह अलग.
इसलिए जो कम्पनियाँ पहले से ही रेडिगंटन की क्लाइंट हैं, वह रेडिंगटन और vicarius के प्रोएक्टिव सलूशन को हाथों हाथ खरीदेगी.
इस प्रकार यह व्यापर का जो नया उभरता हुआ सेक्टर है, उसे भुनाने के लिए भारत की महारथी कंपनी ने इसरायली स्टार्ट up के साथ हाथ मिलाया है. ताकि इस नए व्यापार से दोनों देशो को लाभ हो.
भारत और इसराइल की सरकारों के बीच जब सहयोग और सौदा होता था, तब आप सभी का कहना होता था, की यही दोस्ती यदि व्यापार के छेत्र में हो जाये तो मजा आ जायेगा, तो दोस्तों, आज आपकी मांग पर मजा भी आ गया है. आइये देखते हैं, इसका भारत और इसराइल को कितना लाभ कब तक होता है.
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