सौ सुनार की, एक लोहार की!
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India's ban on Chinese app Free Fire wipes out $16 billion fortune from Tencent-backed company
Note - The video was created in the Software and includes a link to https://www.movavi.com/
Reference -
https://www.livemint.com/companies/news/india-ban-on-chinese-app-free-fire-wipes-out-16-billion-fortune-from-tencent-backed-company-11644907071988.html
जैसा की आपको पता होगा, की भारत सरकार ने दूसरी डिजिटल स्ट्राइक के अंतर्गत कई चाइनीस एप्प्स पर फिर अचानक से बेन लगा दिया.
इन्ही एप्प्स में से एक था, फ्री फायर गेम, इसकी सफलता का अंदाज़ा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है, की पिछली तिमाही में इस गेम ने भारत में सबसे अधिक पैसा छापा.
फ्री फायर गेम बनाने वाली कंपनी का नाम था, सी लिमिटेड, जो की है तो सिंगापुर में बेस्ड कंपनी और यह लिस्टेड है अमेरिकन स्टॉक मार्केट में . लेकिन इसमें सबसे अधिक 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है, चाइनीस कंपनी टेनसेंट की. देख लीजिये सिंगापूर की कंपनी लिस्टेड है अमेरिका में लेकिन उसमे सबसे अधिक हिस्सेदारी है चीन की. बड़ा घालमेल है भाईसाब.
आपको तो पता है, चालबाज़ चीन यही करता है, दूसरे देशो को बेवक़ूफ़ बनाने के लिए. लेकिन मोदी जी की नज़रों से कहाँ चीन बचने वाला था. इसलिए मोदी जी ने पकड़ ली मुद्दे की बात.
परिणास्वरूप उन्होंने फ्री फायर गेम को भी लपेटे में ले लिया, और जड़ दिया गरमा गरम बेन. फिर क्या American शेयर मार्केट में लिस्टेड सी लिमिटेड का मैनेजमेंट सफाई देता रहा, की भाई जी हम स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं, और वह पूरी तरह से कण्ट्रोल में हैं.
लेकिन मार्केट कहाँ यह सब सुनने के मूड में था, इधर भारत का बेन, उधर रूस उक्रैन की टेंशन, फिर क्या, सी लिमिटेड के सर मुड़ाते ही ओले पड़ गए. आ गयी भर भर के बिकवाली, एक दिन में फ्री फायर गेम बनाने वाली कंपनी सी लिमिटेड का शेयर 18 प्रतिशत से भी अधिक टूट गया.
जी हाँ, एक दिन में 16 बिलियन डॉलर साफ़ हो गए, मोटे मोटे सब्दो में सी लिमिटेड की 16 बिलियन डॉलर वैल्यू समुद्र में डूब गयी.
16 बिलियन डॉलर का यह फटका कितना बड़ा है, यह बात आपको इसी से समझ आ जायेगा, की 10 बिलियन डॉलर तो सी लिमिटेड की सालाना आय है.
सरल सब्दो में जितना सी लिमिटेड डेढ़ साल में कमाती वह सब एक दिन में ही डूब गया. अब कंपनी करती रहे लीपापोती, कहा तो यह तक जा रहा है, की भारतीय बेन को हटवाने के लिए चाइनीस टेनसेंट सी लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी भी घटा सकती है.
इसे कहते हैं, सो सुनार की एक लोहार की, जिसको जो करना है करता रहे. मोदी जी ने जो करना था कर दिया, चोट पड़ी है घातक, तो अब बिलबिलाते रहें, होना जाना अब कुछ नहीं हैं.
इसी बीच दोस्तों, जैसे ही रूस से खबरें आयी की उसकी सेना बेस कैंप तक लौट रही है, ग्लोबल शेयर मार्केट्स में बहार का संचार हो गया, लहूलुहान मार्केट में हरियाली आ गयी.
इसी लिए तो हम सभी कहते हैं, की रोज रोज के उतार चढ़ाव की टेंशन ट्रेडर लेते हैं, आत्मनिर्भर निवेशक निश्चिंत रहता है, उल्टा जब सब डरे हुए हों, तो वह खरीददारी के मौके भुनाता हैं. याद रखियेगा, मंदी टेम्पररी हैं, लेकिन तेजी परमानेंट है. भारत में भरोसा है, तो भरोसा अटल होना चाहिए.
जब आपके पास होगी फंडामेंटल और टेक्निकल एनालिसिस की कला तो आप बन जायेंगे आम इन्वेस्टर से आत्मनिर्भर इन्वेस्टर. इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन box में दी गयी है लिंक, उस पर क्लिक करके आप आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स को जितने जल्दी ज्वाइन करेंगे, उतने ज्यादा फायदे में रहेंगे.
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