सच बात हमेसा कड़वी लगती है

China bigger threat than Russia-Ukraine crisis: Jaishankar hints to EU at Indo-Pacific meet

https://theprint.in/diplomacy/china-bigger-threat-than-russia-ukraine-crisis-jaishankar-hints-to-eu-at-indo-pacific-meet/842332/


 दोस्तों, जैसा की आपको जानकारी होगी, की पावरफुल पुतिन ने बैठे बैठे यूक्रेन के टुकड़े टुकड़े कर दिए, और बदले में बृद्ध बाइडेन और यूरोपियन देश रूस पर सैंक्शंस लगाते रह गए.


लेकिन एक बड़ा सवाल जो बाइडेन बाबू से पुछा जाना चाहिए, की भाई आप अफ़ग़ानिस्तान से लोटा बाल्टी लेकर क्यों भागे थे, तब आपका कहना था, की चीन अमेरिका को चुनौती दे रहा है, इसलिए अफ़ग़ानिस्तान से पीछा छुड़ाकर अमेरिका चीन से दो दो हाथ करने पर फोकस करना चाहता है.


पूरी दुनिया के सामने बाइडेन ने अपना मजाक बनवाया था तब, और अब आप देख लीजिये, चीन से लड़ना तो छोड़ दीजिये, प्रेजेंट पुतिन ने यूक्रेन में उन्हें उल्टा टांग दिया है.


वैसे भी दिन रात सोने वाले प्रेसिडेंट बाइडेन का चौबीसों घंटे चोक्कने रहने वाले पुतिन के साथ कोई मुकाबला है भी नहीं. इस प्रकार वह दोनों तरफ से गए, चीन का सामना करने का टाइम नहीं मिल रहा है, और यूक्रेन में भी फजीयत हो गयी.


अभी भी देखना होगा, की बाइडेन साहब क्या कोई साहसिक कदम उठा पाएंगे. लेकिन इसी दौरान सच्ची बात कह दी भारतीय विदेश मंत्री ने जो की अभी यूरोप की यात्रा पर गए हुए हैं.


भारत ने साफ़ साफ़ कह दिया, की भाई जी, आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन है, इंडो पसिफ़िक रीजन में, रूस पर आप अपनी ऊर्जा और समय बर्बाद कर रहे हैं.


इतिहास गवाह है, कभी अफ़ग़ानिस्तान, कभी नार्थ कोरिया तो कभी रूस के बहाने चीन जान बूझकर पुरे पश्चिमी विश्व को भूल भुलैया के चक्कर कटवाता रहा और खुद मस्ती से आगे बढ़ता रहा.


अभी जबकि जख्मी अमेरिका और यूरोपियन देश अपने यूक्रेनियन घावों पर मरहम लगा रहे हैं, गुस्स्से से लाल हो रहे हैं, तब भारत ने इन देशो को खरी खरी सुना दी है, की भाई पहले पता तो करो, की आपका असली नंबर एक का दुस्मन कौन है.


सर दर्द  से छुटकारा पाने के लिए यदि आप पेट दर्द की गोली खाते रहोगे तो कैसे आराम मिलेगा??  टीवी के इलाज के लिए सर्दी जुखाम की दवाएं खाओगे तो मर्ज कैसे ठीक होगा.


वैसे बाइडेन ही क्यों, आज से कुछ सालों पहले जब बाइडेन वाईस प्रेसिडेंट हुआ करते थे, तब प्रेसिडेंट ओबामा ने भी यही गलती की थी, और फिर क्रिमीआ में प्रेसिडेंट पुतिन ने जबानओबामा का बुढ़ापा ख़राब कर दिया था.


हम सभी ने देखा है, भले ही प्रेसिडेंट ट्रम्प में लाख बुराइयां हो, लेकिन उन्होंने रूस के साथ विवाद पर तुलनात्मक रूप में ज्यादा अच्छे से काबू रखा, और चीन से लड़ने पर फोकस किया.


अब जबकि भारत ने हिम्मत के साथ यूरोप को सच बात बता दी है, तो बात अमेरिका तक भी पहुंच ही जाएगी अपने आप, लेकिन यह देखने वाली बात होगी, की पुतिन पुतिन कहकर कराह रहे प्रेसिडेंट बाइडेन क्या यह बात समझने की स्थिति में हैं. 


जिसको सुनना हो वह सुने, भारत ने तो अपना काम कर दिया.


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