मोदी जी ने रूस यूक्रेन युद्ध से होकर बनाया अपना रास्ता



जबकि पूरी दुनिया में आपा धापी मची हुई है, मोदी सरकार लगातार अपने पूर्व निर्धारित रस्ते पर आगे बढ़ रही है. रूस यूक्रेन युद्ध में जिसको जिसका सर फोड़ना हो फोड़ता रहे, जन और धन की हानि का हमें दुःख भी  है, लेकिन फिर भी अच्छी बात यह है,  भारत अपने लक्ष्य से भटक नहीं रहा है.


इसी के अंतर्गत आज मोदी सरकार ने LIC में आटोमेटिक रास्ते से बिना किसी सरकारी अप्रूवल के 20% विदेशी निवेश को अप्रूवल दे दिया है.


अगले महीने LIC का आईपीओ आने वाला है, जिसमे सरकार पहले चरण में 5% हिस्सेदारी बेचने वाली है. अनुमान लगाए जा रहे हैं, की LIC की 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू पचास हज़ार करोड़ से 90 हज़ार करोड़ के बीच कहीं होगी.


कैलकुलेशन के लिए चलो हम मान लेते हैं, की भारत सरकार आगामी आईपीओ में 5% हिस्सेदारी पचास हज़ार करोड़ में बेचेगी, तो इस हिसाब में जब 20% हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों को बेचीं जाएगी तो भारत को मिलेगा चार गुना, यानि की कम से कम दो लाख करोड़ का विदेशी निवेश.


फिर से ध्यान दीजिये, यहाँ पर हमने कैलकुलेशन के लिए LIC के आईपीओ की साइज को सबसे कम लिया है, तब भी बहुत बड़ा 2 लाख करोड़ का आंकड़ा निकल कर आ रहा है.


कुछ दिनों बाद LIC के IPO की साइज कन्फर्म पता लग जाएगी, तो आप उसको सिंपल चार से गुणा कर दीजियेगा ,तो आपको मोटा मोटी पता लग जायेगा की LIC की बीस प्रतिशत हिस्सेदारी कितने दाम पर बिकेगी और कितना नया पैसा विदशो से भारत आएगा.


अभी यह नहीं पता, की कौन कौन से विदेशी निवेशक किस किस भाव में LIC में हिस्सेदारी खरीदेंगे, लेकिन एक बात तो तय हो गयी, की आज कागजी कलम चल चुकी है, रास्ता क्लियर हो चूका है. बिना किसी अप्रूवल के यह बिकवाली होती रहेगी, और विदेशो से पैसा आराम से भारत आता रहेगा.


चूँकि 20 प्रतिशत की भारी भरकम हिस्सेदारी बेचीं जानी है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय तो लगेगा ही लगेगा. 


यहाँ पर दो लाख करोड़ या उससे ऊपर नीचे जो भी पैसा आएगा, उसका उपयोग अंत तह भारत के विकास में ही किया जायेगा, इसलिए यह घटनाक्रम भारत के द्रस्टिकोंड से बिलकुल सही है.


लेकिन यदि LIC के IPO में भाग लेने वाले निवेशकों के हिसाब से देखा जाये, तो उन्हें अपने शार्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के नजरिये के हिसाब से इस डेवलपमेंट को देखकर अपना अपना व्यक्तिगत निर्णय लेना होगा.


आप स्वयं देख लीजिये, की भारत में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आये, उसके लिए मोदी सरकार लगातार प्रयास रत है. और लम्बी अवधि में इन कदमो का लाभ हम सभी को मिलेगा ही मिलेगा.


इसलिए यदि आप मोदी जी की मेहनत से अपने हक़ का मुनाफा कमाना चाहते हैं, निवेश के मौके अपने दम पर पकड़ना चाहते हैं, तो गौर से सुनियेगा, अगले दो दिनों बाद कोर्स की फीस बढ़ने के पहले इसी वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दी गयी लिंक पर क्लिक करके, आप आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स को जितने जल्दी ज्वाइन करेंगे, उतने ज्यादा फायदे में रहेंगे.

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