चीन और वियतनाम की सिट्टी पिट्टी हुई गुम

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 India: Duty on Imports of Polished Diamonds Cut to 5%

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Reference -

https://www.business-standard.com/article/economy-policy/modi-in-israel-why-diamond-trade-will-be-a-big-talking-point-for-india-117070300935_1.html

https://en.israelidiamond.co.il/news/world/india-duty-on-imports/

सायद आपको याद हो, साल 2017 में जब भारतीय प्रधान मंत्री मोदी जी ने इजराइल की पहली यात्रा की, तब सबसे अधिक फोकस था, डायमंड ट्रेड के ऊपर.


हालाँकि दुनिया में सबसे अधिक हीरों का उत्पादन अफ्रीका में होता है, लेकिन उन्हें चमकाने के काम में तब अचानक से भारत इजराइल से भी आगे निकल गया था.


लेकिन आज भी दुनिया भर के लिए हीरा पॉलिशिंग इंडस्ट्री पर इंडिया और इजराइल का कब्ज़ा है, किन्तु इजराइल की प्रॉब्लम कुछ अलग है, वहां पर मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ती चली जा रही है.जिसके कारण इसराइली डायमंड ट्रेडर के सामने यह समस्या थी, की भाई डायमंड अफ्रीका से खरीद तो लिया लेकिन उसे सस्ते दाम में चमकाएं कहाँ.


चूँकि भारत में डायमंड को पोलिश करवाना महंगा पड़ता था, इसलिए चीन और वियतनाम को डायमंड पॉलिशिंग का धंधा मिलने लगा था. हमारे पास डायमंड पॉलिशिंग की कैपेसिटी है, वर्कर है, लेकिन हमारे हिस्से की मलाई उड़ा रहे थे, चीन और वियतनाम.


लेकिन इस साल के बजट में मोदी सर्कार ने ऐलान कर दिया, की जिन हीरों को चमकाया जाना है, उन्हें बिना किसी इम्पोर्ट ड्यूटी के भारत में लाया जा सकता है, ताकि भारत में उन्हें पोलिश करके वापस इजराइल या इसरायली ट्रेडर्स को जहाँ भिजवना हो, वहां भेजा जा सके.


और यदि इसरायली ट्रेडर को फाइनल काम भारत में करवाना हो, तो वह पॉलिशड डायमंड को भी भारत भेज सकते हैं, लेकिन इस केस में उन्हें इम्पोर्ट ड्यूटी देनी पड़ेगी, 5% जो की पहले लगने वाली 7.5% की इम्पोर्ट ड्यूटी से कम है.


इस प्रकार साफ़ हो जाता है, की मोदी सर्कार इसरायली डायमंड प्रोसेसिंग का काम भारत में बढ़ाना चाहती है. अगर पूरा पॉलिशिंग का काम भारत में होना है, तो जीरो इम्पोर्ट ड्यूटी, और यदि थोड़ा बहुत काम करवाना है, 5%  इम्पोर्ट ड्यूटी.


इस ड्यूटी स्ट्रक्चर से इसरायली डायमंड ट्रेडर को भी समझ आ जायेगा, की भाई, पूरा काम भारत में करवालो एक बार में ना, क्या आधा वहां आधा यहाँ.


इस प्रकार भारतीय डायमंड इम्पोर्ट ड्यूटी कम करके भारत इजराइल का धंधा ख़तम नहीं कर रहा है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रहा है, की दोनों दोस्त मिल बांटकर धंधा करें और मुनाफा कमाएं, बोले तो चीन और वियतनाम की तरफ लीकेज नहीं होना चाहिए.


भारत और इसराइल डायमंड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पर कब्ज़ा बरक़रार रखें, इसके लिए जरूरी है, की नए खिलाड़ियों को इस इंडस्ट्री में घुसने का मौका ही ना दिया जाये. इसलिए मोदी सर्कार ने देर से ही सही जो दुरुस्त निर्णय लिया है, हम उसका स्वागत करते हैं.


टॉपिक से थोड़ा सा हटते हुए, दोस्तों, अभी शेयर मार्केट में तो उथल पुथल चल रही है, वह एक सुनहरा मौका है, अच्छा माल सस्ते दाम में खरीदने के लिए. इसलिए यदि आप फंडामेंटल और टेक्निकल एनालिसिस की कला शीख कर कल के मुनाफे के लिए आज निवेश करना चाहते हैं, तो आप इसी वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दी गयी लिंक पर क्लिक करके, भारत के सर्वर्शेष्ठ आत्मनिर्भर इन्वेस्टर कोर्स को जितने जल्दी ज्वाइन करेंगे, उतने ज्यादा फायदे में रहेंगे, 

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