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हौंडा और HPCL ने मचा दी ग्लोबल हलचल

Honda to install battery swapping stations at HPCL retail outlets https://www.livemint.com/auto-news/honda-to-install-battery-swapping-stations-at-hpcl-retail-outlets-11646043503162.html कोई बहुत पुरानी बात नहीं थी, जब बड़ी बड़ी विदेशी कंपनियां अमेरिका और जापान में सबसे पहले अपने नए नए प्रोडक्ट को लांच किया करती थी, यहाँ तक की भारतीय कंपनियां तक विदेशो में लॉच करके ही प्रोडक्ट भारत में लेकर आती थी. क्योकि पहले तो घर की मुर्गी दाल बराबर समझने वाले भारतीयों को विदेशी सामान भाता था, और साथ में कंपनियों को भी भारतीय मार्किट से ज्यादा विदेशी मार्किट लाभकारी प्रतीत होता था. लेकिन वह दिन अब बीती बात हो चुके हैं, क्योकि जापानी कंपनी हौंडा ने अपनी बैटरी शेयरिंग सर्विस का ग्लोबल लांच भारत से ही शुरू किया है. इस बैटरी शेयरिंग सर्विस के अंतर्गत हौंडा ने हाथ मिलाया है HPCL के साथ, HPCL जिसके पेट्रोल पंप पर हम सभी ने पेट्रोल डीज़ल भरवाया है, उसी जगह अब बैटरी शेयरिंग की सर्विस भी उपलब्ध कराएगा हौंडा. इस सर्विस के अंतर्गत शुरुआत में फोकस किया जायेगा, थ्री व्हीलर्स पर, जो की डिस्चार्ज बैटरी के बदले फुल्ली...

भारत को कमाए आम के आम और गुठलियों के भी दाम

  KVIC proposes lifting of ‘export prohibition’ on bamboo charcoal for higher profitability https://www.livemint.com/news/india/kvic-proposes-lifting-of-export-prohibition-on-bamboo-charcoal-for-higher-profitability-11645949816299.html दोस्तों, जैसा की आपको जानकारी है, मोदी सरकार के पहले भारत जिसमे बांस का भर भर के उत्पादन होता है, वह तक बांस का भर भर के इम्पोर्ट करता था. फिर धीरे धीरे कदम उठाये गए, जिसके अंतर्गत बांस के इम्पोर्ट को लगातार हतोत्साहित किया गया. लेकिन फिर भी अगरबत्ती और bamboo क्राफ्ट इंडस्ट्री के लिए भारतीय बांस चाइनीस बांस महंगा पड़ता था. तो आपका बाजिव  सवाल हो सकता है, की आखिर चीन इतने सस्ते भारत की तुलना में मोटा मोटी आधे दाम पर बांस कैसे बेचता है?? दरअसल बांस का केवल बाहरी 16% हिस्सा ही अगरबत्ती और क्राफ्ट इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया जाता है, और शेष बचा बांस बेकार ही चला जाता है. मतलब बांस खरीदो पूरा, लेकिन उसका बहुत ही कम हिस्सा काम में आता था, इसलिए कीमत बढ़ जाती थी. तो चालक चीन जो करता था, उसे सुनकर आपको लगेगा की चाइनीस बड़े चालाक हैं. शेष बचे बांस से चीन ब...

मोदी जी ने रूस यूक्रेन युद्ध से होकर बनाया अपना रास्ता

जबकि पूरी दुनिया में आपा धापी मची हुई है, मोदी सरकार लगातार अपने पूर्व निर्धारित रस्ते पर आगे बढ़ रही है. रूस यूक्रेन युद्ध में जिसको जिसका सर फोड़ना हो फोड़ता रहे, जन और धन की हानि का हमें दुःख भी  है, लेकिन फिर भी अच्छी बात यह है,  भारत अपने लक्ष्य से भटक नहीं रहा है. इसी के अंतर्गत आज मोदी सरकार ने LIC में आटोमेटिक रास्ते से बिना किसी सरकारी अप्रूवल के 20% विदेशी निवेश को अप्रूवल दे दिया है. अगले महीने LIC का आईपीओ आने वाला है, जिसमे सरकार पहले चरण में 5% हिस्सेदारी बेचने वाली है. अनुमान लगाए जा रहे हैं, की LIC की 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी की वैल्यू पचास हज़ार करोड़ से 90 हज़ार करोड़ के बीच कहीं होगी. कैलकुलेशन के लिए चलो हम मान लेते हैं, की भारत सरकार आगामी आईपीओ में 5% हिस्सेदारी पचास हज़ार करोड़ में बेचेगी, तो इस हिसाब में जब 20% हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों को बेचीं जाएगी तो भारत को मिलेगा चार गुना, यानि की कम से कम दो लाख करोड़ का विदेशी निवेश. फिर से ध्यान दीजिये, यहाँ पर हमने कैलकुलेशन के लिए LIC के आईपीओ की साइज को सबसे कम लिया है, तब भी बहुत बड़ा 2 लाख करोड़ का आंकड़ा निकल कर आ रहा है. ...

बुद्धू बाइडेन ने दांतो तले उंगलियां दबाई

 https://www.reuters.com/world/india/exclusive-india-plans-urea-import-deal-with-iran-using-rupee-payments-sources-2022-02-25/ India plans urea import deal with Iran using rupee payments-sources अभी कुछ ही दिनों पहले तो हम चर्चा कर रहे थे, की भारत लम्बी समय अवधि के लिए सस्ते दाम पर रूस से यूरिया खरीदने की कोसिस कर रहा है. कारण यह था, की भारत को यूरिया की शॉर्टेज का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए नए सप्लाई सोर्स खड़ा करने की जरूरत थी, लेकिन आपको तो पता है, अचानक से प्रेजिडेंट पुतिन ने यूक्रेन के ऊपर हमला बोल दिया है. और जवाब में अमेरिका ने उस पर प्रतिबन्ध लगा दिए है. दुर्भाग्य देखिये, दोनों ही रूस और यूक्रेन से भारत यूरिया नोर्मल्ली भी खरीदता रहा है. और दोनों ही आज युद्ध में एक दूसरे का सामना कर रहे हैं. चालाकी दिखाते हुए अमेरिका ने प्रतिबन्ध ऐसे लगाए ताकि उसकी और यूरोप की कच्चे तेल और गैस की जरूरत रूस पूरी करता रहे, लेकिन अन्य सभी छेत्रों में दुनिया को रूस के साथ ट्रेड करने में पेमेंट प्राप्त करने में दिक्कत का सामना करना पड़े. हालाँकि गुजरते समय के साथ इन अमेरिकन प्रतिबंधों का काट भी ढ...

अमेरिका ने पाकिस्तान पर लगाया 55 मिलियन डॉलर का जुर्माना

US authorities slap NBP with $55mn in fines for non-compliance https://www.geo.tv/latest/401394-us-authorities-slap-nbp-with-55-million-in-fines-for-non-compliance आपको जानकारी होगी, की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अभी रूस की यात्रा पर गए हुए हैं, एक तरफ पुतिन उक्रैन पर बम बरसा रहे थे, तो दूसरी तरफ रूस पहुंचते ही इमरान खान का कहना था, की रूस आके उन्हें बड़ा अच्छा लग रहा है. इधर इमरान खान प्रेजिडेंट पुतिन के साथ फोटो खिचवा रहे थे, उधर बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन खड़ा खड़ा यह तमाशा देख रहा था. लेकिन अब पाकिस्तान के लिए नुकसान नापने का टाइम आ गया है, जी हाँ दोस्तों, अमेरिका के सेंट्रल बैंक फ़ेडरल रिज़र्व और न्यू यॉर्क स्टेट ने कुल मिलाकर नेशनल बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के ऊपर 55 मिलियन डॉलर का फाइन लगा दिया है. नेशनल बैंक ऑफ़ पाकिस्तान पाकिस्तानी Reserve बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान की ही संस्था है, इस प्रकार अमेरिकन एडमिनिस्ट्रेशन ने डायरेक्टली पाकिस्तानी Reserve  बैंक पर तगड़ा फाइन जड़ा है. अब सवाल उठता है, की आखिर पाकिस्तान पर यह फाइन क्यों ठोका गया है, तो इसका आधिकारिक रूप से कारण बताया जा रहा है, की नेशन...

लड़ाई में भारत को मिल गयी मलाई

 https://www.business-standard.com/article/economy-policy/russia-ukraine-crisis-might-give-india-opportunity-to-export-more-wheat-122022401262_1.html Russia, Ukraine crisis might give India opportunity to export more wheat रूस यूक्रेन क्राइसिस से भारत को कौन सा घाटा कितना होगा, उस पर सबका ध्यान है, लेकिन हमेसा की तरह हम फोकस करेंगे, की इस क्राइसिस से भारत को कैसे और कितना लाभ होगा. जब देखना ही है, तो क्यों ना आधा भरा गिलास देखा जाए. आपको तो पता है, भारत में गेंहू का भर भर के उत्पादन होता है, परिणामस्वरूप जितना गेंहू भारत को सामान्य और आपातकालीन जरूरत को पूरा करने के लिए रखना होगा, उससे डबल मात्रा में  24 मिलियन टन गेंहू हमारे गोदामों में पड़ा हुआ है. हमारे यहाँ गेंहू इतना है, की हम उसे फ्री में अपने खर्चे पर ट्रांसपोर्ट करके अफ़ग़ानिस्तान तक को बाँट रहे हैं. अब आप देखिये, दुनिया में गेंहू का सबसे अधिक एक्सपोर्ट करने वाले देश है, रूस और यूक्रेन,  दुनिया में जितने गेंहू का एक्सपोर्ट होता है, उसमे से 25 फ़ीसदी हिस्सा रूस और यूक्रेन का है. अब आप तो हमसे ज्यादा समझदार हैं, जब रूस ...

Russia welcomes Indian Help in Ukraine Crisis

 ‘Independent and balanced’: Russia welcomes Indian stand on Ukraine crisis https://www.hindustantimes.com/india-news/independent-and-balanced-russia-welcomes-indian-stand-on-ukraine-crisis-101645631388175.html दोस्तों, जैसा की यूक्रेन से खबरें आ गयी है, पावरफुल पुतिन यूक्रेन में घुस गए हैं. वैसे भी जब पुतिन साहब ने यूक्रेन के इलाकों को आजाद घोसित कर दिया था, तब ही क्लियर हो गया था, की पुतिन साहब ने अपने मोहरे आगे बड़ा दिए हैं, और बाइडेन बातें ही करते रह गए. वैसे भी बुद्धू बाइडेन ने जो आर्थिक प्रतिबन्ध लगाए वह कुछ काम के नहीं थे, लगे लगाए प्रतिबन्ध को भी दोबारा लगा दो, तो शातिर पुतिन साहब को क्या समझ नहीं आएगा.   जब सामने कमजोर शिकार होता है, तो बूढ़ा शेर भी हमला कर देता है.  पिलपिले बाइडेन कमजोर हैं तो पुतिन क्यों हमला नहीं करेंगे. अभी तो प्रेजिडेंट पुतिन यूक्रेन को रोंद रहे हैं, और बाइडेन बाबू सो रहे हैं, आराम से फुर्सत से जब वह उठेंगे तब देश के नाम सन्देश जारी करेंगे. हालाँकि यह देखना अभी वाकी है, की पुतिन के स्टेप्स के खिलाफ नेटो क्या कुछ करता है, वैसे हमेसा की तरह...